क़ानून और धाराएं

प्रॉपर्टी डिस्प्यूट या रिकवरी सूट में लिमिटेशन पीरियड कितना होता है? जानिए कोर्ट के नियम

What is the limitation period for property disputes or recovery suits Learn about court rules.

मान लीजिए, आपका पड़ोसी आपकी ज़मीन पर कब्ज़ा कर लेता है, या कोई खरीदार आपकी प्रॉपर्टी लेकर पैसे नहीं देता। आप सोचते हैं कि बात आपसी समझ से सुलझ जाएगी, लेकिन सालों बीत जाते हैं। जब आप आख़िरकार कोर्ट जाते हैं, तो जज का पहला सवाल यह नहीं होता कि “कौन सही है?” बल्कि यह …

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BNS 2023 के तहत रोड रेज पर सज़ा क्या है? नए आपराधिक कानून से समझें

What are the punishments for road rage under the BNS 2023 Understand the new criminal law.

अक्सर सब कुछ बहुत छोटे से झगड़े से शुरू होता है, अचानक ब्रेक लगना, किसी का हॉर्न बजाना, या ट्रैफिक में साइड मिरर का टकरा जाना। लेकिन कुछ ही सेकंड में गुस्सा बढ़ता है, बहस होती है, और कभी-कभी मामला हाथापाई तक पहुँच जाता है। पहले लोग ऐसे मामलों को “छोटा झगड़ा” या “एक्सीडेंट” मानकर …

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एलिमनी और मेंटेनेंस में क्या अंतर है? जानिए कानून क्या कहता है

What's the difference between alimony and maintenance Learn what the law says.

जब दो लोग अलग होते हैं, तो टूटन सिर्फ रिश्ते ही नहीं टूटते बल्कि आर्थिक मुश्किलें भी साथ आती हैं। पहले जो खर्च, ज़िम्मेदारियाँ और सहारा दोनों मिलकर संभालते थे, वो अचानक एक व्यक्ति पर आ जाता है। ऐसे में एक साथी के पास स्थिर इनकम होती है, जबकि दूसरा अपनी ज़िंदगी दोबारा संभालने की …

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क्या कोई व्यक्ति सरकारी ऑपरेशन के नाम पर ट्रेडमार्क करा सकता है? जानिए कानून क्या कहता है

Can an individual trademark the name of a government operation Learn what the law says.

भारत में पिछले कुछ सालों में सरकारी अभियानों ने ब्रांड की तरह पहचान बनाई है — जैसे “Digital India”, “Make in India”, “Swachh Bharat Mission”, “Startup India” इत्यादि। इसी पहचान से प्रेरित होकर कई व्यवसाय अपने ब्रांड का नाम इन योजनाओं से जोड़ने की कोशिश करते हैं। उदाहरण के लिए – Make in India Mobiles, …

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क्या आप कंज़्यूमर फ्रॉड के शिकार हैं? जानिए फ्रॉड से बचने के 10 कानूनी तरीके

Are you a victim of consumer fraud? Learn 10 legal ways to avoid fraud.

हर दिन लोग फर्जी कॉल्स का शिकार होते हैं, खराब सामान खरीद लेते हैं या ऐसी सेवाओं के लिए ज़्यादा पैसे दे देते हैं जो मिली ही नहीं। ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि शिकायत करने या कोर्ट जाने से कुछ नहीं होगा, पर यह सच नहीं है। कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 खास तौर पर आपकी …

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कंस्यूमर राइट्स पर सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले – मुआवज़ा, रिफंड और जुर्माने के नियम जानिए

Important Supreme Court Judgements on Consumer Rights – Know the Rules for Compensation, Refunds and Penalties

हर दिन कंस्यूमर्स को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे प्रोडक्ट देर से मिलना, ज़्यादा पैसा वसूलना, झूठे वादे करना या खराब गुणवत्ता की सेवा देना। अक्सर लोग सोचते हैं कि शिकायत करना मुश्किल है या इससे कोई फायदा नहीं होगा, इसलिए वे कदम नहीं उठाते। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है …

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क्या सरकारी विभाग के खिलाफ कंज़्यूमर कंप्लेंट दर्ज हो सकती है? जानिए सुप्रीम कोर्ट का रुख

Can a consumer complaint be filed against a government department Learn the Supreme Court's stance.

हर नागरिक को सरकारी सेवाओं पर भरोसा होता है—चाहे वह पासपोर्ट बनवाना हो, बिजली की सुविधा मिलना हो या पेंशन की प्रक्रिया हो। लेकिन कई बार सेवाएँ देर से मिलती हैं, सही तरीके से नहीं दी जातीं, या कर्मचारियों की लापरवाही से परेशानियाँ और आर्थिक नुकसान हो जाता है। कई लोग सोचते हैं कि सरकारी …

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ब्लैकमेलिंग से कैसे बचें? पुरुषों के लिए कानूनी उपाय और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन

How to Avoid Blackmailing Legal Remedies for Men and Supreme Court Guidelines

सोचिए अगर आपके मोबाइल पर ऐसा मैसेज आता है कि “अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी, तो मैं तुम्हारी बदनामी कर दूंगी, तुम्हारा परिवार और करियर बर्बाद कर दूंगी।” यह किसी फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि आज कई पुरुषों की सच्चाई है। आज के सोशल मीडिया और ऑनलाइन दुनिया में, एक झूठा आरोप या धमकी …

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NI एक्ट की धारा 138 क्या है? जानिए सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख फैसले

What is Section 138 of the NI Act Learn about the key Supreme Court decisions.

हर चेक में भरोसा छिपा होता है, एक छोटा सा कागज़, लेकिन बड़ा वादा। जब आप चेक पर साइन करते हैं, तो आप सिर्फ रकम नहीं लिख रहे होते, बल्कि एक एक जिम्मेदारी निभाने का वचन कर रहे होते हैं। लेकिन अगर यह वादा टूट जाए? जब चेक बाउंस हो जाए, सिर्फ तकनीकी गलती की …

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क्या IPR उल्लंघन पर सीधे कोर्ट जाना ज़रूरी है? जानिए लीगल नोटिस की भूमिका और महत्व

Is it necessary to go directly to court for IPR infringement Learn about the role and importance of a legal notice.

हर ब्रांड, डिज़ाइन, आविष्कार या क्रिएटिव काम के पीछे सालों की मेहनत, रचनात्मकता और पैसा लगा होता है। बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) इन सबको कॉपी होने या गलत इस्तेमाल से बचाते हैं। लेकिन अक्सर विवाद हो जाते हैं – जैसे कोई आपका लोगो (logo) कॉपी कर ले, आपकी किताब की पायरेटेड कॉपी बेच दे, या …

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