कानूनी सलाह

क्या मानसिक रूप से बीमार पत्नी अपने नाबालिग बच्चे की कस्टडी ले सकती है?

क्या मानसिक रूप से बीमार पत्नी अपने नाबालिग बच्चे की कस्टडी ले सकती है

माता-पिता के लिए उनके बच्चे ही उनका जीवन होते है। अगर किसी पैरेंट को उसके बच्चे से अलग किया जाये तो उसकी मानसिक स्थिति क्या होगी यह कल्पना करना बहुत मुश्किल है। ऐसे में अगर कोई पैरेंट मानसिक रूप से पीड़ित है या किसी मानसिक बीमारी से जूझ तरह है तो क्या उसके बच्चे को …

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एससी-एसटी एक्ट के सभी केसिस में चार्जशीट फाइल करना क्यों जरूरी नहीं है।

एससी-एसटी एक्ट के सभी केसिस में चार्जशीट फाइल करना क्यों जरूरी नहीं है

कोर्ट ने कहा, इस प्रोविज़न की हमारी समझ और व्याख्या, जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, कानून की सही समझ है और पिटीशनर  के विद्वान वकील का तर्क गलत है।” इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जांच अधिकारी के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत दर्ज हर मामले …

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भारत में आपसी तलाक लेने के लिए कौन सा कानून है?

What is the law for mutual divorce in India

भारत में विवाह सिर्फ एक सामाजिक या धार्मिक बंधन नहीं, बल्कि एक कानूनी अनुबंध भी है। जब पति-पत्नी के बीच मतभेद इतने गहरे हो जाते हैं कि साथ रहना असंभव हो जाए, तो अलग होने का रास्ता तलाक के रूप में खुला होता है।  यदि दोनों सहमति से अलग होना चाहते हैं, तो वे आपसी …

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क्या जुड़वा बच्चों में से किसी एक का गर्भपात करवाना ख़तरनाक होता है?

क्या जुड़वा बच्चों में से किसी एक का गर्भपात करवाना ख़तरनाक होता है?

एक प्रेग्नेंट महिला कोमल, जिसके गर्भ में जुड़वा बच्चे पल रहे है उसे कोर्ट द्वारा कुछ राहत देते हुए दो में से एक बच्चे को ख़त्म करने के लिए फाइल की गयी पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट ने सर जेजे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के डीन द्वारा बनाये गए मेडिकल बोर्ड में एक और सदस्य जोड़ने का …

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लीगल नोटिस भेजने से पहले क्या ध्यान रखें?

लीगल नोटिस भेजने से पहले क्या ध्यान रखें?

कानूनी दस्तावेज बहुत जरूरी होते हैं और इसमें अलग-अलग नाजुक पेचीदगियां शामिल होती हैं। कानूनी नोटिस एक दस्तावेज है जो एक व्यक्ति वकील के द्वारा किसी अन्य व्यक्ति या कंपनी को भिजवाता है। कानूनी नोटिस क्या है? इस लीगल नोटिस में विरोधी पार्टी को इस बारे में सूचित किया जाता है कि नोटिस भेजने वाली …

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दुर्घटना बीमा के तहत कौन-सी घटनाएं कवर नहीं की जाती है?

दुर्घटना बीमा के तहत कौन-सी घटनाएं कवर नहीं की जाती है?

दुर्घटना बीमा दुर्घटना से उत्पन्न होने वाली किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है और ऐसी दुर्घटना के कारण किसी भी प्रकार की आय हानि के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है, रेल, वायु, सड़क, आग, टक्कर, विस्फोट के कारण होने वाली कोई भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना और अन्य इस बीमा के …

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किन मैटर्स की सुनवाई के लिए डायरेक्ट सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं?

किन मैटर्स की सुनवाई के लिए डायरेक्ट सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं?

पहले संघीय न्यायालय, जिसे भारत सरकार अधिनियम, 1935 के तहत गठित किया गया था, ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में सर्वोच्च न्यायालय था। वर्ष 1950 में सर्वोच्च न्यायालय अस्तित्व में आया जिसने संघीय न्यायालय का स्थान ले लिया। देश का सर्वोच्च न्यायालय होने के नाते, सर्वोच्च न्यायालय संविधान के संरक्षक और मौलिक अधिकारों के संरक्षक …

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आरटीआई एप्लीकेशन फाइल करने की पूरी प्रोसेस क्या है?

आरटीआई एप्लीकेशन फाइल करने की पूरी प्रोसेस क्या है?

2005 में लागू हुए सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) ने सभी ऑथॉरिटीज़ के लिए यह जरूरी कर दिया कि वे जनता के द्वारा मांगी गयी इनफार्मेशन उन्हें समय से प्रदान कराएं। यह एक्ट भारत के सभी नागरिकों पर लागू होता है।  इस एक्ट के तहत देश के नागरिकों को यह अधिकार दिया गया है …

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भारत में सेक्स वर्कर्स के क्या अधिकार है?

भारत में सेक्स वर्कर्स के क्या अधिकार है?

साल 2022 सेक्स वर्कर्स के लिए बहुत महत्वूर्ण साल रहा था। ऐसा इसीलिए क्योंकि भारत में साल 2022 में सेक्स वर्कर्स और वेश्यावृत्ति पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला और इसको लेकर बड़ी घोषणाएं की थी और कई पुराने नियमों और कानूनों को गलत मानकर बदल दिया गया था। कई बदलाव आये सेक्स वर्कर्स की अधिकारों …

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रेप के केस में मेडिकल एग्जामिनेशन कराना क्यों जरूरी है?

Why is it necessary to have a medical examination in a rape case

भारत में बलात्कार (रेप) एक गंभीर और संवेदनशील अपराध है, जिसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत विशेष रूप से दंडनीय बनाया गया है। रेप पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में मेडिकल एग्जामिनेशन एक अत्यंत आवश्यक कड़ी है। यह न केवल अपराध की पुष्टि में मदद करता है, बल्कि पीड़िता के मानसिक और शारीरिक …

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