कानून और रिश्ते

CARA के अनुसार गोद लेने की प्रक्रिया का उलंघन होता हैं या नहीं?

CARA के अनुसार गोद लेने की प्रक्रिया का उलंघन होता हैं या नहीं?

भारत में गोद लेने की प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है। इस प्रक्रिया के तहत, आश्रयगृह के माध्यम से अनाथ बच्चों को उन अभिभावकों तक पहुंचाया जाता है जो गोद लेना चाहते हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया को आयोजित करने के लिए एक नियमावली है, जिसे Central Adoption Resource Authority (CARA) द्वारा निर्धारित किया गया …

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सहमति से सेक्सुअल रिलेशंस बनाने की क्या उम्र होनी चाहिए।

सहमति से सेक्सुअल रिलेशंस बनाने की क्या उम्र होनी चाहिए।

सेक्सुअल रिलेशन्स के बनाने की उम्र व्यक्ति के स्थिति, संदर्भ और उनकी समझदारी पर निर्भर करती है। हालांकि, कुछ देशों और क्षेत्रों में कानून ने सेक्सुअल रिलेशन्स बनाने की न्यूनतम उम्र सेट की हुई है। अधिकांश देशों में, सेक्सुअल रिलेशन्स बनाने की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होती है, जो लीगल अधिकार और संवेदनशीलता को ध्यान …

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क्या पिता द्वारा अपने अधिकारों का त्याग करने पर पोते-पोतियों का अधिकार भी ख़त्म हो जाता है?

क्या पिता द्वारा अपने अधिकारों का त्याग करने पर पोते-पोतियों का अधिकार भी ख़त्म हो जाता है?

पिता और पोते-पोतियों के बीच रिश्ते विशेष होते हैं जो प्यार, सम्मान और आदर्शों पर आधारित होते हैं। यह रिश्ता संवारने और समृद्ध करने का एक अद्वितीय माध्यम है जिसमें पिता अपने अधिकारों का त्याग करते हैं ताकि पोते-पोतियों को सम्पूर्ण प्यार और ध्यान मिल सके। परंतु क्या पिता द्वारा अपने अधिकारों का त्याग करने …

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क्या बाल विवाह करने पर एंटीसिपेट्री बेल मिल सकती है?

क्या बाल विवाह करने पर एंटीसिपेट्री बेल मिल सकती है?

नहीं, बाल विवाह करने पर एंटीसिपेट्री बेल (Anticipatory Bail) नहीं मिलती है। एंटीसिपेट्री बेल एक कानूनी प्रक्रिया है जिसका उपयोग अपराधिक मामलों में आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तारी से पहले बेल मिलने के लिए किया जाता है। यह उस व्यक्ति को अपनी गिरफ्तारी से बचाने की अनुमति देता है जो आरोपों का सामरिक निवारण या न्यायिक …

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मुस्लिम एक्ट के तहत मुसलमानों की डाइवोर्स लेने की पूरी प्रक्रिया?

Complete process for Muslims to get divorce under Muslim Act

तलाक को अक्सर एक बेहद जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया माना जाता है। यह न केवल दो व्यक्तियों के जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि उनके परिवारों और समाज को भी प्रभावित करता है। भारत में मुसलमानों के लिए तलाक की प्रक्रिया को शरिया कानून और मुस्लिम विवाह अधिनियम, 1939 के तहत नियंत्रित किया जाता है। …

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पिता की मृत्यु के बाद बेटियों को प्रॉपर्टी में कितना अधिकार मिलेगा?

पिता की मृत्यु के बाद बेटियों को प्रॉपर्टी में कितना अधिकार मिलेगा?

भारतीय कानून के अनुसार, पिता की मृत्यु के बाद उसकी वसीयत में उनकी बेटी को अधिकार मिलता है। पुत्री के अधिकारों को वसीयत के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकता है। यह प्राथमिकता धार्मिक और व्यवहारिक परंपराओं के आधार पर थी, लेकिन अब कुछ न्यायाधीशीय निर्णयों ने इसे परिवर्तित किया है। 2015 में सुप्रीम कोर्ट …

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समान नागरिक संहिता और भारत में विवाह पर इसका प्रभाव

समान नागरिक संहिता और भारत में विवाह पर इसका प्रभाव

समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) एक विवादास्पद मुद्दा है जो भारत में विवाह और व्यक्तिगत संबंधों के क्षेत्र में सामान्य नागरिक संहिता के लागू होने की मांग करता है। विभिन्न धार्मिक समुदायों के अनुसार, विवाह, तलाक, संपत्ति, विरासत और अन्य व्यक्तिगत संबंधों के लिए अलग-अलग कानूनी प्रणाली लागू होती हैं। समान नागरिक संहिता का …

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अब आपसी तलाक के लिए सालों तक रुकने की जरूरत नहीं है।

अब आपसी तलाक के लिए सालों तक रुकने की जरूरत नहीं है।

आपसी तलाक में दोनों पक्षों ने हिन्दू मैरिज एक्ट की सेक्शन 13बी के तहत और विशेष विवाह अधिनियम की सेक्शन 28 के तहत परिवार कोर्ट  के समक्ष संयुक्त याचिका दायर की है, जिसके तहत दोनों पक्ष एक दूसरे के साथ विवाह संबंध रखते हैं। प्रावधान एक साथ विवाह के विघटन के लिए एक याचिका दायर …

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मैरिज काउंसलिंग क्या है?

मैरिज काउंसलिंग क्या है

मैरिज काउंसलिंग विवाहित या शादी करने जा रहे लोगो के लिए काउंसलिंग का एक रूप है। हालाँकि, यह काउंसलिंग कपल्स के लिए जरूरी भी है क्योंकि एक या दोनों साथी या पार्टनर्स एक अच्छी और सफल शादी के लिए बहुत से प्रयास करते हैं। इस प्रोसेस के दौरान काउंसलर कपल्स को एक-दूसरे के व्यवहार और …

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कस्टडी के केस में बच्चे की मर्जी को कितनी वैल्यू दी जाती है?

कस्टडी के केस में बच्चे की मर्जी को कितनी वैल्यू दी जाती है

तलाक के साथ शुरू हुई यह जंग जिसमे सबसे ज्यादा कोई पिस्ता है तो वो है कपल के बच्चे। तलाक स्पष्ट रूप ही, इसमें शामिल दोनों भागीदारों/पार्टनर्स के लिए जीवन का एक बहुत ही कठोर चरण है। हमेशा के लिए एक साथ रहने का फैसला करने वाले दो लोगों को दुर्भाग्य से अलग होना पड़ता …

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