कानून और रिश्ते

अलग-अलग धर्मों के अनुसार आपसी तलाक लेने के लिए क्या कानून है?

अलग-अलग धर्मों के अनुसार आपसी तलाक लेने के लिए क्या कानून है?

सभी लोगों की ज़िंदगी में शादी एक बहुत मह्त्वपूर्ण फैसला होता है। और अगर यही शादी डाइवोर्स लेने की कगार पर पहुंच जाये तो किसी भी व्यक्ति को मनोस्थिति क्या होगी यह कह पाना मुश्किल है। लेकिन सबसे ज्यादा प्रश्नाई तब आती है जब यह काम लीगल तरीके से ना किया जाये। अगर आप लीगल …

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हिंदू मैरिज एक्ट के तहत आपसी तलाक लेने की शर्तें क्या है?

हिंदू मैरिज एक्ट के तहत आपसी तलाक लेने की शर्तें क्या है?

आपसी सहमति से डाइवोर्स क्या है?  प्राचीन काल से कुछ कहावते है जिनमे से एक है कि  जोडिया तो स्वर्ग में बनती हैं। लेकिन शादी और डाइवोर्स धरती पर ही होते है। पर डाइवोर्स का मतलब फेलियर नहीं, बल्कि आत्म-साक्षात्कार है। डाइवोर्स मतलब एक शादी को कानूनी तौर पर ख़त्म करना होता है। हिंदू मैरिज एक्ट …

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हिंदू मैरिज एक्ट के तहत कौन शादी रजिस्टर करा सकता है?

हिंदू मैरिज एक्ट के तहत कौन शादी रजिस्टर करा सकता है?

हिन्दू मैरिज एक्ट क्या है? शादी एक औपचारिक समारोह होता है जिसके द्वारा दो अलग-अलग लोग ऑफिशियली अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के सामने एक कपल बन जाते है। भारत में सभी धर्मों के कुछ ना कुछ नियम, विनियम और रीती-रिवाज़ होते है। जिनका पालन शादी के अवसर के दौरान सभी धर्मों को करना …

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भारत में अपनी शादी को ख़त्म किया जा सकता है?

भारत में अपनी शादी को ख़त्म किया जा सकता है?

हमारा भारत देश एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां कि भारतीय न्यायिक प्रणाली की मानसिकता में धर्मनिरपेक्षता साफ़ झलकती है। भारत में अलग अलग धर्मों के हिसाब से अलग-अलग पर्सनल कानून बनाये गए है। भारत में हिंदू, ईसाई और मुसलमान और अन्य अलग-अलग धर्म के लोगों की शादियां उन्ही के धर्म के एक्ट्स के तहत …

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लिव-इन में रहने वाले कपल्स किस प्रकार सुरक्षा प्राप्त कर सकते है?

लिव-इन में रहने वाले कपल्स किस प्रकार सुरक्षा प्राप्त कर सकते है?

लिव-इन रिलेशनशिप का मतलब होता है “शादी जैसा रिश्ता”। जब एक बालिग़(18+) लड़का और लड़की अपनी मर्जी से बिना शादी किये एक साथ शादीशुदा कपल की तरह एक ही छत्त के नीचे रहते है, तो उसे लिव-इन रिलेशनशिप कहा जाता है।  लेकिन भारत में लंबे समय से लिव-इन को वर्जित माना जाता था। इस रिश्ते …

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कोर्ट मैरिज सर्टिफिकेट वेबसाइट से कैसे डाउनलोड करें?

How to download Court Marriage Certificate from website

विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) शादी के बाद एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज बन जाता है। अब डिजिटल इंडिया पहल के तहत, आप बिना सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाए, घर बैठे अपना कोर्ट मैरिज सर्टिफिकेट आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि यह प्रक्रिया कैसे होती है, कौन से दस्तावेज जरूरी …

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क्या शादियाँ वर्चुअल रूप से पंजीकृत कराई जा सकती हैं?

क्या विशेष कानून के तहत शादियां वस्तुतः पंजीकृत की जा सकती हैं?

दो लोगों के बीच विवाह एक बहुत ही पवित्र रिश्ता होता है। विवाह का विधिक पंजीकरण कराना विवाह के लिए अत्यधिक आवश्यक होता है। किसी भी विवाह का पंजीकरण करा कर मैरिज सर्टिफिकेट प्राप्त करने से पति पत्नी को कई प्रकार की सुविधाएं प्राप्त हो सकती हैं। यह वीजा परमिट , होम लोन , ज्वॉइंट …

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क्या शादी के 15 साल बाद शादी का प्रमाणपत्र बनवाया जा सकता है?

क्या शादी के 15 साल बाद शादी का प्रमाणपत्र बनवाया जा सकता है?

भारतीय संस्कृति में विवाह को एक पवित्र संस्था माना गया है। यह दो लोगों के बीच एक पवित्र बंधन है, जिसके अंतर्गत वे अपना शेष जीवन एक साथ बिताने के लिए एकमत होते हैं। दूल्हा और दुल्हन के बीच विवाह संपन्न होने के बाद, कुछ निश्चित आवश्यकताएं होती हैं, जिन्हें कानूनी रूप देने के लिए, …

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एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर तलाक का आधार कैसे हो सकता है?

एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर तलाक का आधार कैसे हो सकता है?

व्यभिचार या एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को एक विवाहित व्यक्ति द्वारा व्यक्ति की पत्नी या पति के अलावा विपरीत लिंग के व्यक्ति के साथ संभोग करने के कार्य के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। दुनिया भर के व्यक्तिगत कानून व्यभिचार की निंदा करते हैं और इसे तलाक या अलगाव के लिए एक आधार माना …

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विधवा महिलाओं के शादी और संपत्ति से जुड़े कानूनी अधिकार – जानिए आपके हक़ क्या कहते हैं?

Legal rights of widowed women related to marriage and property – Know what your rights say

भारत में आज भी कई विधवाओं को समाजिक भेदभाव और कानूनी जानकारी की कमी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, हमारे संविधान और विभिन्न अधिनियमों ने विधवाओं को पुनर्विवाह, संपत्ति, दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण के स्पष्ट अधिकार दिए हैं। यह ब्लॉग विधवा महिलाओं के उन कानूनी अधिकारों पर केंद्रित है जो उन्हें दोबारा जीवन की …

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