कानून और रिश्ते

शादी के रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी की गई है? जानिए क्या है आपके पास कानूनी रास्ता

Has there been fraud in marriage registration Know what legal recourse you have

विवाह न सिर्फ एक सामाजिक अनुबंध है, बल्कि एक कानूनी प्रक्रिया भी है। अगर शादी के पंजीकरण में कोई पक्ष झूठ बोलकर, दस्तावेज़ों में हेराफेरी कर के या वैवाहिक स्थिति छुपाकर रजिस्ट्रेशन करवाता है, तो यह सिर्फ नैतिक धोखा नहीं बल्कि एक कानूनी अपराध है। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि शादी के रजिस्ट्रेशन में …

शादी के रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी की गई है? जानिए क्या है आपके पास कानूनी रास्ता Read More »

मैरिज सर्टिफिकेट को कैसे अपडेट करा सकते हैं?

मैरिज सर्टिफिकेट को कैसे अपडेट कर सकते हैं?

विवाह प्रमाणपत्र भारत में आधिकारिक दस्तावेज है जो इस बात की पुष्टि करता है कि दो लोग विवाहित हैं। विवाह प्रमाणपत्र युगल और उनके परिवार के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं। इसमें नाम, जन्मतिथि, पता, धर्म आदि जैसे अन्य विवरण भी शामिल होते हैं। मैरिज सर्टिफिकेट को ऑनलाइन या ऑफलाइन अपडेट किया जा …

मैरिज सर्टिफिकेट को कैसे अपडेट करा सकते हैं? Read More »

पति के परिवार के आरोपों पर ध्यान ना देना, न्याय का दुरुपयोग है।

पति के परिजनों के आरोपों पर ध्यान ना देना, न्याय का दुरुपयोग है।

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने वैवाहिक विवादों के सम्बंध में एक बेहद ही महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। अपने निर्णय में तेलंगाना की उच्च न्यायालय ने कहा है कि परिवार न्यायालय अधिनियम 1984 के तहत वैवाहिक विवादों में परिजनों के द्वारा लगाए गए ग़लत आरोप यदि अनियंत्रित रहे तो यह न्याय के ग़लत इस्तेमाल को प्रेरित करेगा। …

पति के परिवार के आरोपों पर ध्यान ना देना, न्याय का दुरुपयोग है। Read More »

कोर्ट के आदेशों का पालन ना करने पर हाईकोर्ट ने तीन महीने की सजा सुनाई।

दिल्ली हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवाद

दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा एक व्यक्ति को बार बार न्यायालय के आदेश की अवज्ञा करने पर सजा सुनाई गई थी। न्यायालय द्वारा बार बार दिये जा रहे निर्देशों की अवमानना करने से कुपित हुए न्यायालय ने व्यक्ति पर अर्थदंड लगाकर दण्डित किया है।  दिल्ली हाई कोर्ट के एक वैवाहिक विवाद के मामले में एक व्यक्ति …

कोर्ट के आदेशों का पालन ना करने पर हाईकोर्ट ने तीन महीने की सजा सुनाई। Read More »

शादी का रजिस्ट्रेशन कराने से पहले इन बातों का ध्यान रखें।

शादी का पंजीकरण कराते समय इन बातों का ध्यान रखें

भारतीय संस्कृति में विवाह को एक पवित्र संस्कार माना जाता है। यह दो व्यक्तियों के बीच शेष जीवन एक साथ बिताने के लिए एक पवित्र व्यवस्था है। विवाह में प्रवेश करने के बाद अपनी शादी को पंजीकृत करना सबसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी का  काम है। शादी का पंजीकरण कराना बहुत ही आवश्यक और मददगार भी …

शादी का रजिस्ट्रेशन कराने से पहले इन बातों का ध्यान रखें। Read More »

तलाक लेने की सबसे आसान प्रक्रिया कौन सी है?

What is the easiest process for getting a divorce

अक्सर लोगों को लगता है कि तलाक लेना मतलब एक लंबी कोर्ट की लड़ाई, सालों-साल चलने वाली तारीखें और मानसिक तनाव। पर सच्चाई ये है कि अगर पति-पत्नी आपसी सहमति से अलग होना चाहें, तो ये प्रक्रिया काफी सरल हो सकती है।तलाक का मतलब सिर्फ रिश्ता खत्म करना नहीं, बल्कि ज़िंदगी में नए अध्याय की …

तलाक लेने की सबसे आसान प्रक्रिया कौन सी है? Read More »

शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए 4 महत्वपूर्ण चरण कौन-से है?

भारत में शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने के 4 महत्वपूर्ण चरण कौन-से है?

चाहे आधुनिक हो या पारंपरिक, विवाह वह मूल संरचना है जिस पर समाज टिका है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने विवाह के पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। जिस से इसका महत्व और भी ज़्यादा बढ़ गया है। यह कई प्रकार के अधिकार भी प्रदान करता है।  चूंकि यह प्रमाणपत्र कई कारणों से बहुत महत्वपूर्ण है, …

शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए 4 महत्वपूर्ण चरण कौन-से है? Read More »

शादी से पहले बनाए जाने वाले प्रीमैरिटल समझौते के बारे में 5 महत्वपूर्ण बातें।

शादी से पहले बनाए जाने वाले प्रीमैरिटल समझौते के बारे में 5 महत्वपूर्ण बातें।

एक विवाह पूर्व समझौता या “प्रीन्यूप्टियल एग्रीमेंट” मूल रूप से किसी शादी से पहले किया जाने वाला एक अनुबंध है। यह एक लिखित और रिकॉर्ड किया गया और नोटरीकृत समझौता है जो आम तौर पर सामान और देनदारियों के विवरण को परिभाषित करता है। साथ ही भविष्य में शादी के टूटने पर इस से जुड़ी …

शादी से पहले बनाए जाने वाले प्रीमैरिटल समझौते के बारे में 5 महत्वपूर्ण बातें। Read More »

क्या कोर्ट द्वारा निर्धारित मेंटेनेंस की रकम को कम कराया जा सकता है?

क्या कोर्ट द्वारा आदेश दिए गए गुज़ारेभत्ते की रकम को कम कराया जा सकता है?

हमारे भारत देश में महिलाओं को बहुत सारे अधिकार दिए गए है। जिनमे से एक गुज़ारा भत्ता या मेंटेनेंस का अधिकार भी है। यह मेंटेनेंस डाइवोर्स केस के दौरान माँगा जा सकता है। साथ ही, एक और परिस्थिति में इसकी मांग की जा सकती है वह है कि अगर दोनों पार्टनर्स का डाइवोर्स हो चुका …

क्या कोर्ट द्वारा निर्धारित मेंटेनेंस की रकम को कम कराया जा सकता है? Read More »

जीवनसाथी द्वारा आपराधिक शिकायत होना क्रूरता और तलाक का आधार है।

जीवनसाथी द्वारा आपराधिक शिकायत होना क्रूरता और तलाक का आधार है।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक विलग रह रहे जोड़े को तलाक देते हुए कहा गया कि एक जीवन साथी द्वारा दूसरे के प्रति एक भी झूठी आपराधिक शिकायत दर्ज करना वैवाहिक क्रूरता की श्रेणी में ही आएगा। और इस तरह यह दूसरे जीवनसाथी को इस आधार पर तलाक लेने का अधिकार प्रदान करता है। श्रीनिवास …

जीवनसाथी द्वारा आपराधिक शिकायत होना क्रूरता और तलाक का आधार है। Read More »