क्या भारतीय कानून में ध्वनि और गंध (Sound and Smell) को भी ट्रेडमार्क कराया जा सकता है?
पहले ट्रेडमार्क सिर्फ़ नाम, शब्द, निशान या लोगो (logo) तक सीमित माने जाते थे, जिन्हें कंपनियाँ अपने प्रोडक्ट या सेवाओं को अलग पहचान देने के लिए इस्तेमाल करती थीं। लेकिन समय और तकनीक के साथ अब कंपनियाँ अपनी ब्रांड पहचान बनाने के लिए ध्वनि (आवाज़), रंग और यहाँ तक कि गंध का भी इस्तेमाल करने …
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