कोर्ट से सम्मन आने पर क्या करें? – जानिए पूरी कानूनी प्रक्रिया

What to do when you receive a court summons – Learn the complete legal process

एक कोर्ट सम्मन आमतौर पर बिना किसी शोर-शराबे के प्राप्त हो जाता है कभी एक लिफाफे के रूप में, तो कभी फोन पर संदेश के रूप में। लेकिन इसके साथ आने वाली चिंता अक्सर बहुत भारी महसूस होती है। लोगों को वास्तव में कोर्ट से नहीं, बल्कि अज्ञात स्थिति से डर लगता है। सम्मन का …

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RTI रिजेक्ट होने पर क्या करें? जानिए अपने कानूनी अधिकार और प्रक्रिया

What to do if your RTI is rejected Know your legal rights and the procedure.

RTI एक्ट 2005 भारत का एक मजबूत कानून है जो सरकार में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए बनाया गया है। इसके जरिए कोई भी आम नागरिक किसी भी सरकारी विभाग, नगर निगम, पंचायत, सरकारी दफ्तर, या PSU से जानकारी मांग सकता है। लेकिन असल ज़िंदगी में कई बार RTI को बेवजह खारिज कर दिया …

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EPF विदड्रॉल रूल्स 2025 – जानिए सुप्रीम कोर्ट के नए दिशा-निर्देश और आपके कानूनी अधिकार

EPF Withdrawal Rules 2025 – Know the new Supreme Court guidelines and your legal rights

हर महीने आपकी सैलरी का थोड़ा-सा हिस्सा काटकर आपके EPF (एम्प्लाइज प्रोविडेंट फण्ड) खाते में जमा किया जाता है। इसका मकसद है, आपके भविष्य के लिए एक सुरक्षित रिटायरमेंट फंड बनाना। लेकिन कई बार जिंदगी में ऐसी ज़रूरतें आ जाती हैं जब आपको PF के पैसे पहले निकालने पड़ते हैं जैसे इलाज, घर खरीदना, बेरोज़गारी, …

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वर्कप्लेस इंजरी क्लेम कैसे करें? कर्मचारी के लिए स्टेप-बाय-स्टेप कानूनी मार्गदर्शिका

How to File a Workplace Injury Claim A Step-by-Step Legal Guide for Employees

भारत में हर साल लाखों कर्मचारी फैक्ट्री, निर्माण स्थलों, कार्यालयों, गोडाउन, परिवहन और सर्विस सेक्टर में काम करते हुए चोटिल होते हैं। कई मामलों में चोट हल्की होती है, लेकिन कई बार कर्मचारी स्थायी रूप से विकलांग हो जाते हैं या मौत तक हो जाती है। दुख की बात है कि अधिकांश कर्मचारी यह नहीं …

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न्यूनतम वेतन विवाद होने पर क्या करें? अपने कानूनी अधिकार और स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया जानें

What to do if you have a minimum wage dispute Learn your legal rights and the step-by-step process.

भारत में मिनिमम वेज (न्यूनतम वेतन) से जुड़े डिस्प्यूट बहुत आम हैं। फैक्ट्रियों, दुकानों, ऑफिसों, डिलीवरी कंपनियों, सिक्योरिटी एजेंसियों और हाउसकीपिंग में काम करने वाले कई कर्मचारियों को सरकार द्वारा तय किए गए न्यूनतम वेतन से कम पैसा मिलता है। कई मजदूरों को कानून की जानकारी नहीं होती, नौकरी जाने का डर होता है या …

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क्या सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलना आसान है? बेल देने के प्रमुख कानूनी आधार जानें

Is it easy to get bail from the Supreme Court Learn the key legal grounds for granting bail.

बहुत लोग सोचते हैं कि सुप्रीम कोर्ट जाने से ज़रूर बेल मिल जाती है। लेकिन सच यह है कि सुप्रीम कोर्ट बेल का पहला रास्ता नहीं होता—यह आख़िरी होता है। आमतौर पर कानून कहता है कि पहले ट्रायल कोर्ट में जाएं, अगर वहाँ राहत न मिले तो हाई कोर्ट में जाएं, और जब सभी रास्ते …

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कैश ऑन डिलीवरी स्कैम होने पर क्या करें? कंज़्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत आपका अधिकार

What to do if you fall victim to a cash on delivery scam Your rights under the Consumer Protection Act

कैश ऑन डिलीवरी (COD) को हमेशा सुरक्षित तरीका माना जाता है – सामान आए, फिर पैसे दें। लेकिन पिछले कुछ समय में इसी सुविधा का फायदा उठाकर कई तरह के फ्रॉड शुरू हो गए हैं। लोग बिना ऑर्डर किए पार्सल मिलने, जबरन पैसे मांगने और नकली विक्रेताओं द्वारा ठगे जाने के मामले तेजी से बढ़ …

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डिजिटल अरेस्ट पैसे ठगने का एक ऑनलाइन स्कैम है – जानिए खुद को कैसे बचाए?

Digital Arrest is an online money scam – Know how to protect yourself

आज के समय में इंटरनेट हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। मोबाइल, सोशल मीडिया, बैंकिंग, UPI, ऑनलाइन शॉपिंग, सब कुछ डिजिटल हो चुका है। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने “डिजिटल अरेस्ट” नामक एक नए प्रकार की ठगी शुरू कर दी है। इस ब्लॉग में आप जानेंगे कि यह ठगी …

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पार्टीशन सूट बनाम पारिवारिक समझौता – कौन-सा रास्ता तेज़ और किफायती है?

Partition Suit vs Family Settlement – ​​Which is faster and more economical

भारतीय परिवारों में प्रॉपर्टी से जुड़े मामले अक्सर बेहद संवेदनशील और भावनात्मक हो जाते हैं। छोटी-सी गलतफ़हमी भी बड़ा कानूनी झगड़ा बन सकती है। जब किसी प्रॉपर्टी पर कई लोगों का हक होता है, चाहे वह पुश्तैनी हो या स्वयं अर्जित, तो एक समय बाद यह सवाल ज़रूर उठता है: प्रॉपर्टी का सही और बराबर …

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AI द्वारा बनाए गए कॉन्ट्रैक्ट – क्या ये भारतीय कानून में वैध हैं?

Contracts created by AI – are they valid under Indian law

अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब इस बात को पूरी तरह बदल रही है कि कॉन्ट्रैक्ट (समझौते) कैसे बनाए, तय और पूरे किए जाते हैं। अब स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट ऑटोमेशन और AI आधारित कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट टूल्स के ज़रिए भारत में व्यापारिक कानूनों का तरीका भी बदल रहा है। कॉन्ट्रैक्ट हर बिज़नेस और व्यक्तिगत लेन-देन की बुनियाद होते हैं। …

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