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बैंक ने मेरे ऊपर BNS की धारा 318 और 316 के तहत केस दर्ज किया है। इसके संबंध में मैंने बैंक को ईमेल करके पूछा कि आपने ये धाराएँ क्यों लगाईं, मेरा केस कौन देख रहा है, और क्या इसका सेटलमेंट हो सकता है? इसके जवाब में बैंक ने लिखा कि "केस आपके द्वारा लोन राशि का भुगतान न करने के कारण दर्ज किया गया है" और एक अधिकारी का संपर्क नंबर दे दिया। तो क्या बैंक द्वारा दिया गया यह ईमेल उत्तर एक साक्ष्य (प्रमाण) के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है? जब केस का कारण सिर्फ लोन का भुगतान न करना है, तो यह मामला आपराधिक (क्रिमिनल) कैसे बन गया?
हाँ, बैंक का ईमेल एक साक्ष्य (प्रमाण) है। लोन न चुकाना आमतौर पर सिविल मामला होता है, लेकिन अगर बैंक के पास ये साबित करने वाले सबूत हैं कि आपने जानबूझकर धोखाधड़ी की या गलत इरादे से लोन लिया, तो BNS की धारा 316 और 318 जैसे आपराधिक आरोप लग सकते हैं। वकील से संपर्क करें, ईमेल सुरक्षित रखें और सेटलमेंट की कोशिश करें।अधिक कानूनी सहायता के लिए हमारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।