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यदि किसी बिल्डर के अवैध निर्माण के विरुद्ध दायर किया गया सिविल मुकदमा आर्थिक स्थिति और मानसिक परेशानियों के कारण बीच में ही छोड़ दिया जाए, तो उसका क्या परिणाम होता है?
अगर आप बिल्डर के अवैध निर्माण के खिलाफ दायर सिविल मुकदमा मानसिक तनाव या आर्थिक परेशानी के कारण बीच में छोड़ देते हैं, तो कोर्ट इसे खारिज कर सकती है। यदि केस बिना सुनवाई के खारिज हुआ है, तो आप भविष्य में दोबारा वही मुकदमा दायर कर सकते हैं। लेकिन अंतिम निर्णय के साथ खारिज हुआ तो दोबारा केस नहीं चलेगा। वकील से सलाह लेकर केस स्थगित या वापस लें। अधिक कानूनी सहायता के लिए हमारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।