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मैं एक सरकारी कर्मचारी हूँ। मेरी महिला मित्र ने 26 दिसंबर 2024 को बताया कि वह गर्भवती है और मुझ पर शादी का दबाव बनाया। उसने कहा कि यदि कोर्ट मैरिज नहीं की तो वह गर्भपात नहीं कराएगी और मेरे खिलाफ IPC 376 जैसे गंभीर धाराओं में केस कर देगी। 30 दिसंबर को मंदिर में मेरी जबरन शादी करवाई गई (जिसका कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ)। इसके बाद 14 जनवरी 2025 को मेरे खिलाफ IPC 376 आदि धाराओं में FIR दर्ज करवा दी, जिससे मुझे जेल जाना पड़ा। 12 फरवरी को ज़मानत मिलने के बाद वह फिर मुझे अपने साथ ले गई। वह मेरे पिताजी के चाचा की पोती है, यानी Hindu Marriage Act की धारा 5 और 3(g) के अनुसार वह मेरी सपिंडा रिश्तेदार है, इसलिए यह विवाह शून्य होना चाहिए। मेरे पास उसके द्वारा शादी के लिए दिए गए दबाव, धमकी और मानसिक ब्लैकमेल से जुड़े ऑडियो व चैट्स मौजूद हैं। कृपया बताएं: • क्या यह विवाह रद्द किया जा सकता है? • क्या दर्ज की गई FIR को खारिज करवाया जा सकता है? • मुझे इस स्थिति से सुरक्षित निकलने के लिए कानूनी रास्ता क्या अपनाना चाहिए?
आपका विवाह हिन्दू मैरिज एक्ट के तहत अवैध है क्योंकि यह सपिंडा रिलेशनशिप में आता है। कोर्ट में पेटिशन फाइल करके इसे शून्य घोषित कराया जा सकता है। IPC 376/ BNS 64 की FIR को हाई कोर्ट में धारा 482 CrPC/528 BNSS के तहत सबूतों के आधार पर रद्द करवाया जा सकता है। वकील से तुरंत सलाह लें। अधिक कानूनी सहायता के लिए हमारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।