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Kya ek woman ko apne pati aur bachchon ke saath khushi se rehne ka adhikar nahi hai? Kab tak pati-patni ke jhagde mein sas, dewar, bhai, bahan aur other family members aakar situation ko aur badhate rahenge? Ghar se nikalne ki dhamki aurat kab tak sahe? Ek aurat kab tak apne husband aur sasural walon ke taane aur harassment ko jhelti rahe?
हर महिला को अपने पति और बच्चों के साथ सम्मान और सुरक्षित माहौल में रहने का कानूनी अधिकार है। अगर पति या ससुराल वाले लगातार मानसिक प्रताड़ना, धमकी, अपमान या घर से निकालने की कोशिश कर रहे हैं, तो आप कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं। आप घरेलू हिंसा की शिकायत देकर सुरक्षा, रहने का अधिकार, मेंटेनेंस और मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ राहत मांग सकती हैं। अगर जान का खतरा या लगातार धमकी है, तो पुलिस शिकायत और कोर्ट से प्रोटेक्शन भी लिया जा सकता है। अधिक कानूनी सहायता के लिए हमारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।