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महोदय, मैं रेलवे में टीटीई के पद पर कार्यरत हूँ। मेरे वरिष्ठ अधिकारी ने दुर्भावनावश मुझ पर झूठे आरोप लगाते हुए मुझे “लड़ाकू, झगड़ालू तथा आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति, जो रेलवे के लिए हितकारी नहीं है” कहकर लिखित आरोप पत्र (आरोप पत्र संख्या 05) जारी किया। जांच में मैं निर्दोष सिद्ध हो चुका हूँ। अब मैं अपने वरिष्ठ अधिकारी के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा करना चाहता हूँ। कृपया यह बताने का कष्ट करें कि सिविल मानहानि के मामले में मुझे कितने मुआवज़े की मांग या प्राप्ति हो सकती है।
जांच में निर्दोष सिद्ध होने के बाद आपके विरुद्ध लगाए गए आरोप मानहानि की श्रेणी में आते हैं। आप अपने वरिष्ठ अधिकारी को पहले कानूनी नोटिस भेजें। उसके बाद सिविल कोर्ट में मानहानि का केस दायर कर सकते हैं। मुआवज़े की राशि मामले की गंभीरता, पद और मानसिक प्रताड़ना के आधार पर तय होती है। अधिक कानूनी सहायता के लिए हमारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।