Loading...
यदि कोई लड़की 17 वर्ष की है और वह अपनी मर्जी से किसी बालिग लड़के के साथ प्रेम संबंध के कारण घर से भाग जाती है, तथा लड़की के पिता कोर्ट में शिकायत करते हैं। कोर्ट में लड़की यह बयान देती है कि वह अपनी मर्जी से लड़के के साथ गई थी। ऐसी स्थिति में बाल संरक्षण के तहत क्या कोई कानूनी प्रावधान लागू होगा? क्या लड़का दोषी माना जाएगा? या 17 वर्ष की लड़की की मर्जी को ही कानून में मान्यता मिलेगी?
यदि लड़की 17 वर्ष की है, तो कानून की नजर में वह नाबालिग मानी जाएगी। इसलिए उसकी “मर्जी” अकेले कानूनी बचाव नहीं बनती। यदि बालिग लड़का उसे साथ ले गया, तो परिस्थितियों के अनुसार अपहरण/बहला-फुसलाकर ले जाना तथा यदि शारीरिक संबंध बने हों तो पोक्सो एक्ट, 2012 के तहत मामला बन सकता है, क्योंकि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की की सहमति कानूनन मान्य नहीं मानी जाती। तथ्यों के आधार पर लड़का दोषी ठहराया जा सकता है। अधिक कानूनी सहायता के लिए हमारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।