क़ानून और धाराएं

जमानती और गैर जमानती अपराध क्या होता है?

जमानती और गैर जमानती अपराध क्या होता है?

जमानती (Bailable Offense) और गैर जमानती (Non-Bailable Offense) दो प्रकार के अपराध हैं जिनका उपयोग भारतीय कानूनी प्रणाली में किया जाता है। ये अपराधों की दो श्रेणिया हैं जो अपराधी को गिरफ्तार किये जाने पर कानूनी रूप से जमानत देने या न देने के आधार पर अलग-अलग दर्जे में विभाजित किए जाते हैं। जमानती अपराध …

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लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान हुए सहमति से सेक्स को रेप नहीं कह सकते है?

लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान हुए सहमति से सेक्स को रेप नहीं कह सकते है?

भारतीय कानून में, जब दो वयस्क व्यक्ति स्वेच्छा से एक लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे होते हैं और सहमति से सेक्सुअल संबंध स्थापित करते हैं, तो उन्हें इसे रेप के तौर पर नहीं कहा जाता है। लिव-इन रिलेशनशिप को भारतीय कानून में सामरिकता के संदर्भ में एक आपसी सहमति आधारित संबंध माना जाता है, जिसमें …

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भारत में ऑनलाइन गेमिंग पर बेहतर कानून होने की जरूरत क्यों है?

भारत में ऑनलाइन गेमिंग पर बेहतर कानून होने की जरूरत क्यों है?

ऑनलाइन गेम में ज्यादा समय बिताने से बच्चों को रोकने के उपाय ऑनलाइन गेम में ज्यादा समय बिताने से बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जैसे कि वे निष्पक्ष विचारधारा खो सकते हैं, सामाजिक संबंधों से दूर हो सकते हैं, और अन्य गतिविधियों से वंचित हो सकते हैं। अगर आप एक अभिभावक हैं और …

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भारत में जजों की गिरफ्तारी से संबंधित क्या कानून है?

भारत में जजों की गिरफ्तारी से संबंधित क्या कानून है?

जजों से संबंधित धाराएं कौन सी हैं? यहां कुछ धाराएँ हैं जो जजों की गिरफ्तारी के संबंध में महत्वपूर्ण हैं धारा 353 इस धारा के तहत, किसी व्यक्ति द्वारा जज को कोर्ट में शांत रखने या अनुशासन में लाने का प्रयास करने पर दण्डित किया जा सकता है। धारा 228 इस धारा के तहत, जब …

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क्या भारत में जजों को गिरफ्तार किया जा सकता है?

क्या भारत में जजों को गिरफ्तार किया जा सकता है?

हाँ, भारत में जजों को गिरफ्तार किया जा सकता है। जजों को भी वामपंथियों के साथ जुड़ा जा सकता है जब वे किसी अपराध के आरोप में होते हैं और किसी अन्य अदालत या अधिकारिक संगठन द्वारा संदिग्ध होते हैं। जजों को उनके कार्यकाल के दौरान और नियमित प्रक्रिया के अधीन ही गिरफ्तार किया जा …

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12वीं कक्षा की छात्रा को क्यों नाबालिग नहीं मान सकते

12वीं कक्षा की छात्रा को क्यों नाबालिग नहीं मान सकते

12वीं कक्षा की छात्रा को नाबालिग माना नहीं जाता है क्योंकि भारतीय कानून के अनुसार, व्यक्ति को नाबालिग माना जाता है जब वह 18 वर्ष से कम उम्र का होता है। इसका कारण है कि 18 वर्ष वाले या उससे कम उम्र के व्यक्ति को समझदारी और न्यायिक फैसलों के लिए अपर्याप्त समझा जाता है …

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CARA Act में कपल द्वारा अविवाहित महिला से बच्चा गोद लेने की प्रकिया

CARA Act में कपल द्वारा अविवाहित महिला से बच्चा गोद लेने की प्रकिया

जी हां, अविवाहित छात्रा के गर्भ को कपल द्वारा गोद लेने की सहमति देने का मतलब होता है कि कारा नियमित गोद लेने की प्रक्रिया में बदलाव कर सकता है। इस मामले में, पहले कारा केवल विवाहित या स्थायी साथी के द्वारा गोद लेने की अनुमति देता था। अविवाहित छात्रा के गर्भ को कपल द्वारा …

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जुआ अधिनियम की धारा 13 क्या है और क्या कहती है भारतीय कानून में?

What is Section 13 of the Gambling Act and what does it say in Indian law

भारत में जुआ एक विवादास्पद लेकिन महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक विषय है। पब्लिक गैंबलिंग एक्ट , 1867 यानी सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत इसे एक अपराध माना गया है, जब तक कि राज्य सरकारें इसे नियंत्रित रूप से वैध न घोषित करें। इस अधिनियम की धारा 13 विशेष रूप से राज्यों को यह छूट प्रदान …

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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183: बयान दर्ज कराने से पहले जानें ये ज़रूरी बातें

Section 183 of the Indian Civil Defence Code Know these important things before recording the statement

धारा 183 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जिसका उद्देश्य गवाहों और आरोपियों के बयान को मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करना है। जब कोई व्यक्ति पुलिस या मजिस्ट्रेट के सामने बयान देता है, तो उसे एक कानूनी दस्तावेज़ के रूप में माना जाता है, जिसे अदालत में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत …

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आरटीआई एक्ट के तहत पहली अपील कब और कैसे करें?

आरटीआई एक्ट के तहत पहली अपील कब और कैसे करें?

आरटीआई (Right to Information Act) एक्ट के तहत पहली अपील करने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा अपील के लिए संबंधित संगठन या विभाग का पता ढूंढें पहली अपील के लिए आपको उस संगठन या विभाग का पता ढूंढना होगा जिसके खिलाफ आप अपील करना चाहते हैं। यह संगठन सरकारी या निजी …

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