क़ानून और धाराएं

Section 183 of the Indian Civil Defence Code Know these important things before recording the statement

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183: बयान दर्ज कराने से पहले जानें ये ज़रूरी बातें

धारा 183 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जिसका उद्देश्य गवाहों और आरोपियों के बयान को मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करना है। जब कोई व्यक्ति पुलिस या मजिस्ट्रेट के सामने बयान देता है, तो उसे एक कानूनी दस्तावेज़ के रूप में माना जाता है, जिसे अदालत में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत …

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183: बयान दर्ज कराने से पहले जानें ये ज़रूरी बातें Read More »

आरटीआई एक्ट के तहत पहली अपील कब और कैसे करें?

आरटीआई एक्ट के तहत पहली अपील कब और कैसे करें?

आरटीआई (Right to Information Act) एक्ट के तहत पहली अपील करने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा अपील के लिए संबंधित संगठन या विभाग का पता ढूंढें पहली अपील के लिए आपको उस संगठन या विभाग का पता ढूंढना होगा जिसके खिलाफ आप अपील करना चाहते हैं। यह संगठन सरकारी या निजी …

आरटीआई एक्ट के तहत पहली अपील कब और कैसे करें? Read More »

What to do in a false case of domestic violence and dowry

घरेलू हिंसा और दहेज के झूठे केस में क्या करें?

भारत में घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के झूठे मामले एक गंभीर समस्या बन गए हैं। इन मामलों में ज्यादातर पुरुषों और उनके परिवारों को गलत तरीके से फंसाया जाता है। घरेलू हिंसा और दहेज के आरोपों का सामना करने वाले व्यक्ति के लिए यह समय मानसिक, सामाजिक, और आर्थिक संकट का होता है। कई …

घरेलू हिंसा और दहेज के झूठे केस में क्या करें? Read More »

भारत में कौन से केस आपराधिक मामलों के तहत आते है?

भारत में कौन से केस आपराधिक मामलों के तहत आते है?

भारत में कई प्रकार के आपराधिक मामले हो सकते हैं और उन्हें अलग-अलग केसों में शामिल किया जाता है। यहां कुछ प्रमुख आपराधिक मामले दिए गए हैं: भारत में कितने आपराधिक कानून हैं? भारत में अनेक प्रकार के आपराधिक कानून हैं, जो विभिन्न आपराधों को परिभाषित और शासित करते हैं। ये कानून विभिन्न विधियों और …

भारत में कौन से केस आपराधिक मामलों के तहत आते है? Read More »

आईपीसीसी का सेक्शन 376 असंवैधानिक है।

आईपीसीसी का सेक्शन 376 असंवैधानिक है। 

भारत के संविधान के तहत बहुत से नियम और कानून बनाये गए है जो महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए बनाये  गए है।  सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के प्रोजेक्ट 39 ए को बिना छूट के अनिवार्य उम्रक़ैद की सजा निर्धारित करने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 376 डीए की …

आईपीसीसी का सेक्शन 376 असंवैधानिक है।  Read More »

शराब पीने के केस में दोषी को बेल कैसे मिल सकती है?

शराब पीने के केस में दोषी को बेल कैसे मिल सकती है?

बिहार सरकार ने घोषणा की है कि अगर कोई व्यक्ति दूसरी बार शराब पीता हुआ पकड़ा जाता है तो उसे एक साल की कैद होती है और पहली बार पकड़े गए व्यक्ति को केवल जुर्माना देना होगा और यदि जुर्माना है भुगतान नहीं किया तो एक महीने के कारावास के लिए उत्तरदायी होगा। जैसा कि …

शराब पीने के केस में दोषी को बेल कैसे मिल सकती है? Read More »

Rape punishment in India and other countries Know the laws of different countries

भारत और अन्य देशों में रेप की सजा: जानिए विभिन्न देशों के कानून

रेप यानि बलात्कार एक ऐसा अपराध है जो न केवल पीड़ित के शरीर को बल्कि उसके मन और आत्मा को भी गहरा आघात पहुंचाता है। यह अपराध मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और इसे विश्वभर में कानून के तहत कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। भारत जैसे विकासशील देश में जहां सामाजिक संरचना काफी …

भारत और अन्य देशों में रेप की सजा: जानिए विभिन्न देशों के कानून Read More »

क्या मजिस्ट्रेट एक गैरकानूनी सभा को डायरेक्टली ख़त्म कर सकता है

क्या मजिस्ट्रेट एक गैरकानूनी सभा को डायरेक्टली ख़त्म कर सकता है?

सी.आर.पी.सी. के तहत गैर कानूनी सभा के निपटान की मजिस्ट्रेट की शक्तियों के बारे में जानने से पहले यह जानना होगा कि गैरकानूनी सभा क्या होती है?  गैरकानूनी सभा 5 या उससे अधिक लोगों की वह सभा होती है, जिसका मुख्य रूप से उद्देश्य आम जनता में अशांति का माहौल बनाना होता है। इसलिए देश …

क्या मजिस्ट्रेट एक गैरकानूनी सभा को डायरेक्टली ख़त्म कर सकता है? Read More »

What is the punishment for rape in India

भारत में रेप की सज़ा क्या है?

भारत और दुनिया भर में रेप एक गंभीर आपराधिक अपराध है। यह एक व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, और इसके शिकार को अक्सर जीवनभर का मानसिक आघात झेलना पड़ता है। वर्षों के दौरान, रेप से जुड़े क़ानूनी ढांचे में कई बदलाव हुए हैं, खासकर निर्भया मामले के बाद, जिसने क़ानून में महत्वपूर्ण …

भारत में रेप की सज़ा क्या है? Read More »

अब मनी रिकवरी के केसिस में पुलिस द्वारा जांच का आदेश जरूरी है

अब मनी रिकवरी के केसिस में पुलिस द्वारा जांच का आदेश जरूरी है।

वसूली के केस में अब पुलिस जांच का आदेश जरूरी हो गया है ।‌ हाल ही में केरल राज्य में एक घटना सामने आई । जिसमें कोर्ट ने ऐसा आदेश दिया है कि यदि कोई अभियुक्त जिसका संबंध वसूली से है , ऐसे में किसी भी तरह की वसूली करने से पूर्व पुलिस जांच द्वारा …

अब मनी रिकवरी के केसिस में पुलिस द्वारा जांच का आदेश जरूरी है। Read More »