क्या सुप्रीम कोर्ट सामाजिक मामलों में सीधे हस्तक्षेप कर सकता है? जानिए PIL और कोर्ट की भूमिका
भारत में सुप्रीम कोर्ट सिर्फ निजी विवाद सुलझाने की जगह नहीं है, बल्कि इसे सामाजिक न्याय का रक्षक भी माना जाता है। कई बार जब सरकार या अधिकारी सही कदम नहीं उठाते, तो सुप्रीम कोर्ट आगे आकर नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करता है, पर्यावरण की सुरक्षा करता है और संविधान के मूल्यों को बचाता …










