क्या आपसी सहमति से डाइवोर्स की डिक्री को अपील या सूट द्वारा चैलेंज किया जा सकता है?

क्या आपसी सहमति से डाइवोर्स की डिक्री को अपील या सूट द्वारा चैलेंज किया जा सकता है?

आरोप है कि पति के परिवार ने दहेज के लिए उसकी फिर से शादी करने का फैसला किया और उसकी भाभी ने उसकी बेटी को छीन लिया और उसे तलाक के कागज पर (आपसी सहमति से) हस्ताक्षर करने की धमकी दी। उसने आगे दावा किया कि उसे अदालत में पेश होने के लिए मजबूर किया …

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डोमेस्टिक वायलेंस के केस का फैसला लेने से पहले जज डोमेस्टिक इंसिडेंट रिपोर्ट पर विचार करने के लिए बाध्य नहीं हैं।

डोमेस्टिक वायलेंस के केस का फैसला लेने से पहले जज डोमेस्टिक इंसिडेंट रिपोर्ट पर विचार करने के लिए बाध्य नहीं हैं।

प्रभा त्यागी v कमलेश देवी के केस में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। जिसमे अब मजिस्ट्रेट को डीवी एक्ट के तहत आर्डर पास करने से पहले  प्रोटेक्शन ऑफिसर द्वारा फाइल की गयी डोमेस्टिक इंसिडेंट रिपोर्ट पर विचार करने की जरूरत नहीं है। जज एम आर शाह और जज बी वी नागरथा की बेंच …

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क्या भारत में पोर्न देखना गैरकानूनी है?

क्या भारत में पोर्न देखना गैरकानूनी है

पोर्नोग्राफी या पोर्न एक सेक्सुअल फोटो या वीडियो होता है, जिसे कामुकता पैदा करने के लिए या यौन उत्तेजना के उद्देश्य से बनाया जाता है। भारत में अकेले या प्रायवेटली पोर्न देखना कानूनन अपराध नहीं है, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि एक अडल्ट को उसकी पर्सनल आज़ादी के मौलिक अधिकार से वंचित भी …

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किसी को क्रिमिनल लायबिलिटी के लिए, कंपनी का पार्टनर होने की वजह से दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।

किसी को क्रिमिनल लायबिलिटी के लिए, कंपनी का पार्टनर होने की वजह से दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिलीप हरिरामनी v/s बैंक ऑफ बड़ौदा के केस के दौरान कहा कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के सेक्शन 138 के तहत चेक बाउंस होने पर किसी व्यक्ति पर क्रिमिनल लायबिलिटी, सिर्फ इसलिए नहीं लगाई जा सकती क्योंकि वह भी लोन लेने वाली कम्पनी का एक पार्टनर है या वह उस …

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वाइफ द्वारा हस्बैंड को पेरेंट्स से अलग रहने के लिए मजबूर करना मानसिक क्रूरता- हाई कोर्ट

वाइफ द्वारा हस्बैंड को पेरेंट्स से अलग रहने के लिए मजबूर करना मानसिक क्रूरता- हाई कोर्ट

जज गौतम भादुड़ी और जज एनके चंद्रवंशी की बेंच ने 27 फरवरी 2017 को कोरबा की एक फैमिली कोर्ट के आर्डर को चुनौती दी। यह चुनौती एक हस्बैंड द्वारा फाइल की गयी पिटीशन पर सुनवाई करते समय दी गयी थी। बेंच के अनुसार अगर कोई वाइफ अपने हस्बैंड को उसके पेरेंट्स से अलग करने पर …

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क्या एक एडवोकेट एक से ज्यादा स्टेट के बार एसोसिएशन का मेंबर बन सकता है?

क्या एक एडवोकेट एक से ज्यादा स्टेट के बार एसोसिएशन का मेंबर बन सकता है?

बार एसोसिएशन लॉयर्स की एक एसोसिएशन या प्रैक्टिस करने वाला एक ग्रुप सिस्टम होता है। भारत में, कुछ बार एसोसिएशन लॉयर्स के कंडक्ट को रेगुलेट करने का काम करती हैं, जबकि बाकि कुछ एसोसिएशनस ऐसी हैं, जो अपने मेंबर्स को सर्व करती हैं, और बाकी कुछ अस्सोसिएशन्स दोनों काम करती है।एडवोकेट एक्ट, 1961 के सेक्शन …

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एलआईसी के आईपीओ को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

एलआईसी के आईपीओ को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

सुप्रीम कोर्ट, मद्रास हाई कोर्ट, बॉम्बे हाई कोर्ट, मनी बिल, फाइनेंस एक्ट, लाइफ इन्शुअरन्स एक्ट, 1956, एलआईसी, आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश) सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार के उस फैसले के खिलाफ पिटीशंस में अंतरिम राहत देने से मना कर दिया, जिसमें एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी का 5% आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) [थॉमस फ्रेंको …

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चाइल्ड कस्टडी के लिए पुरुषों के क्या अधिकार है?

चाइल्ड कस्टडी के लिए पुरुषों के क्या अधिकार है

जब एक मैरिड कपल एक साथ रहने को तैयार नहीं होते और डाइवोर्स लेने का फैसला लेते है, तो उस सिचुएशन में सबसे ज्यादा पीड़ित उनका 18 साल से कम उम्र का बच्चा होता है, जो उस कपल से पैदा हुआ है। वह बच्चा कस्टडी के नाम पर अपने पेरेंट्स से अलग हो जाता है। …

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तीन तलाक भारत में गैरकानूनी है।

तीन तलाक भारत में गैरकानूनी है।

तलाक! तलाक! तलाक! आपने फिल्मों में सुना और देखा होगा कि कैसे मुस्लिम हस्बैंड तीन बार तलाक कहकर अपनी वाइफ को तलाक दे देते है और तुरंत उन्हें छोड़ देते है। इस सिचुएशन में वाइफ अपनी शादी को बचाने के लिए कोई उपाय ना होने पर बेसहारा रह जाती है। आज इस ब्लॉग में हम …

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क्या वाइफ अपने हस्बैंड से अलग घर में रहने पर भी मेंटेनेंस की हकदार है?

क्या वाइफ अपने हस्बैंड से अलग घर में रहने पर भी मेंटेनेंस की हकदार है

दिल्ली हाई कोर्ट के अनुसार एक वाइफ अपने हस्बैंड से अलग रहने पर भी हस्बैंड से मेंटेनेंस लेने की हकदार है, चाहे हस्बैंड वाइफ एक ही घर में रहते हो या अलग अलग घर में। इस साल की शुरुआत में, इंटरिम मेंटेनेंस के लिए एक महिला की पिटीशन को स्वीकार करते हुए, दिल्ली हाई कोर्ट …

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