हस्बैंड जो पैसे कमाने में सक्षम है अपनी वाइफ से पर्मनेंट मेंटेनेंस नहीं मांग सकता।

हस्बैंड जो पैसे कमाने में सक्षम है अपनी वाइफ से पर्मनेंट मेंटेनेंस नहीं मांग सकता।

केस टी. सदानंद पाई v सुजाता एस पाई के फैसले में, कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा कि रोजगार करने में सक्षम व्यक्ति अपनी वाइफ से पर्मनेंट एलिमनी नहीं मांग सकता है। हस्बैंड ने हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 25 के तहत मेंटेनेंस लेने के लिए एप्लीकेशन फाइल की थी, जिसे जस्टिस आलोक अराधे और जेएम …

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भारत में डाइवोर्स पेंडिंग होने पर हस्बैंड को कनाडा में मैट्रिमोनियल केस में आगे बढ़ने से रोका

भारत में डाइवोर्स पेंडिंग होने पर हस्बैंड को कनाडा में मैट्रिमोनियल केस में आगे बढ़ने से रोका

मैट्रिमोनियल इश्यूज में कई बार ऐसी सिचुऎशन्स देखी जाती हैं, जिसमें डाइवोर्स लेने की कार्यवाही का, कपल का कोर्ट केस पहले से ही चल रहा है लेकिन दूसरा पार्टनर डाइवोर्स डिक्री आने का इंतज़ार नहीं करता और किसी अन्य व्यक्ति से शादी करने के लिए जल्दबाज़ी करता है। जैसा कि लॉ कहता है, एक मैरिड …

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स्पेशल मैरिज एक्ट के सेक्शन 5 के तहत शादी की सूचना

स्पेशल मैरिज एक्ट के सेक्शन 5 के तहत शादी की सूचना

हाल ही में, एस. सरथ कुमार v डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और एक अन्य केस में, मद्रास हाई कोर्ट ने देखा कि स्पेशल मैरिज एक्ट के सेक्शन 4 के तहत प्रदान की गई शर्तों और सेक्शन 5-13 में बताई गई प्रोसेस  जरूर फॉलो किया जाना चाहिए। इस प्रकार एक्ट के तहत शादी की रजिस्ट्रेशन के लिए एप्लीकेशन …

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सीआरपीसी के सेक्शन 161 के तहत बयान की रिकॉर्डिंग

Recording of Statement under section 161 of CrPC

कोर्ट के सामने किसी भी स्पेशल केस की हियरिंग या सुनवाई होने से पहले प्री-ट्रायल प्रोसीजर को फॉलो किया जाता है। प्री-ट्रायल प्रोसीजर में पुलिस इन्वेस्टीगेशन शामित होता है, जो केस से रिलेटीड प्रूफ़ और एविडेंसीस को इकठा करने के लिए की जाती है। एक इन्वेस्टीगेशन के दो जरूरी अस्पेक्ट्स होते है –  पहला, आरोपी …

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डाइवोर्स के दौरान हस्बैंड के फाइनेंसियल अधिकार क्या है?

डाइवोर्स के दौरान हस्बैंड के फाइनेंसियल अधिकार क्या है?

हम में से ज्यादातर लोग इस फैक्ट को जानते हैं कि एक वाइफ को अपने हस्बैंड से अलग होने के दौरान या डाइवोर्स के बाद मेंटेनेंस का दावा करने का अधिकार है, लेकिन हस्बैंड के पास भी यह मेंटेनेंस का अधिकार है, जिसके बारे में  काफी लोगों को पता नहीं है। कानून के अनुसार, हस्बैंड …

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अपराधियों को पॉलिटिक्स में आने से कौन रोक सकता है?

अपराधियों को पॉलिटिक्स में आने से कौन रोक सकता है?

जज दिनेश कुमार सिंह की बेंच ने अतुल कुमार सिंह उर्फ ​​अतुल राय पुत्र श्री भरत सिंह v उत्तर प्रदेश राज्य (2022) के केस में बेल एप्लीकेशन पर फैसला सुनाते हुए यह कहा कि क्रिमिनल्स को पॉलिटिक्स में प्रवेश/एंटर करने से रोकने के लिए ‘सामूहिक इच्छाशक्ति’ दिखाना संसद/पार्लियामेंट की जिम्मेदारी है ताकि उन्हें लेजिस्लेचर को …

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क्या भारत में धर्म बदलना गैरकानूनी है?

क्या भारत में धर्म बदलना गैरकानूनी है?

भारत के संविधान के आर्टिकल 25 के अनुसार, सभी व्यक्तियों को पब्लिक आर्डर, नैतिकता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आज़ादी से धर्म का पालन करने, मानने और उसका प्रचार करने का अधिकार दिया गया है। जहां तक धर्म बदलने की बात है अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे धर्म में परिवर्तित/कन्वर्ट  होना चाहता है, …

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वाइफ अपने हस्बैंड के साथ ना रहने का वैलिड रीज़न नहीं दे पाई: सुप्रीम कोर्ट नेदिया डाइवोर्स

जब वाइफ हस्बैंड के साथ न रहने के लिए वैलिड रीज़न नहीं दे पाई, तो सुप्रीम कोर्ट ने डाइवोर्स क्यों पास कर दिया?

हाल ही में देबनादा तमुली v श्रीमती काकुमोनी (2022) के केस में जस्टिस अजय रस्तोगी और अभय एस ओका की सुप्रीम कोर्ट बेंच ने डिज़रशन के बेस पर डाइवोर्स ग्रांट कर दिया। ऐसा इसीलिए क्योंकि वाइफ अपने ससुराल मर नहीं रह रही थी और ना ही कोई वैलिड रीज़न बता रही थी।  केस के फैक्ट्स: …

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अगर कोई उधारी के पैसे वापस ना करे तो क्या करें?

What to do if someone does not return the borrowed money

भारत में उधारी देना एक आम सामाजिक व्यवहार है, जो अक्सर रिश्तों और विश्वास पर आधारित होता है। हालांकि, जब बात उधारी लौटाने की आती है, तो कई बार सामने वाला व्यक्ति बार-बार टालमटोल करता है या पैसे लौटाने से मना कर देता है। ऐसे में उधार देने वाले व्यक्ति को मानसिक दबाव और सामाजिक …

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नए एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल, 2021 के तहत एडवोकेट्स को अरेस्ट नहीं किया जा सकता

नए एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल, 2021 के तहत एडवोकेट्स को अरेस्ट नहीं किया जा सकता

सुप्रीम कोर्ट ने हरि शंकर रस्तोगी v गिरिधर शर्मा (1978) के केस में यह ऑब्ज़र्व किया कि ‘बार काउन्सि जुडीशियल सिस्टम का ही विस्तार/एक्सटेंशन है और एक एडवोकेट कोर्ट का एक ऑफ़िसर होता है। एक एडवोकेट कोर्ट के प्रति जवाबदेह होता है और हाई प्रोफेशनल एथिक्स के द्वारा चलाया जाता है। जुडीशियल सिस्टम की सफलता …

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