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बिना एफआईआर दर्ज किए पुलिस ने सुबह 5 बजे जबरन घर से उठाकर थाना के लोकअप में डाल दिया था। दोपहर 12 बजे एक मुकदमा सेक्शन 384 में दर्ज किया गया और फिर 3:45 बजे अरेस्ट मेमो तैयार कर हस्ताक्षर कराए गए। सुबह करीब 6 बजे से 3:45 बजे तक ग़ैर कानूनी रूप से लोकअप में रखा गया। इस बाबत मुआवजा हेतु कहां और कैसे केस दायर कर सकते हैं, किस आधार पर और किस प्रक्रिया का पालन करते हुए, किस न्यायालय में जा सकते हैं?
इस मामले में आपके अधिकारों का उल्लंघन संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हुआ है। आप उच्च न्यायालय में अनुच्छेद 226 के तहत अवैध हिरासत के लिए रिट याचिका दायर कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, आप जिला अदालत में क्षतिपूर्ति के लिए एक दीवानी मुकदमा भी दायर कर सकते हैं। आप राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से भी मदद ले सकते हैं। इसके लिए वकील से सलाह लें। अधिक कानूनी सहायता के लिए हमारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।