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Adv. Shubham Sonkar

I am Advocate Shubham Sonkar, interested in solving intricate cases. I have 7 years of experience. I have done my graduation in Law. I am enrolled in the Bar Council of Delhi and practicing in Delhi High Court, Karkardooma Court, Patiala House Court, Supreme Court Of India, Tis Hazari Court. I'm well trained in the field of Court Marriage, Criminal Matter, Cyber Fraud, Divorce, Family, High Court, Property. I love to familiarise myself with tricky rigid cases related to both companies and individuals, identifying legal concerns and creating new and unharmed strategies for my clients.

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इंटर-रिलिजन मैरिज न होने पर कानूनी रूप से क्या करें?

इंटर-रिलिजन मैरिज न होने पर कानूनी रूप से क्या करें?

इंटर-रिलिजन मैरिज एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है, खासकर जब समाज में धार्मिक भिन्नता और पारिवारिक दबाव हो। कई बार ऐसा होता है कि जब दो लोग अलग-अलग धर्मों से होते हैं, तो परिवार और समाज उनके रिश्ते को स्वीकार नहीं करते। इससे कई प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। अगर आप एक इंटर-रिलिजन …

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धोखाधड़ी के मामलों में कानूनी रूप से खुद को कैसे बचाएं?

धोखाधड़ी के मामलों में कानूनी रूप से खुद को कैसे बचाएं?

धोखाधड़ी, चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, एक गंभीर अपराध है जो न केवल पीड़ित को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि आरोपी को भी गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप किसी धोखाधड़ी के मामले में फंस गए हैं या किसी गलतफहमी का शिकार हैं, तो जानिए कैसे आप खुद को बचा …

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क्या आत्महत्या के प्रयास को अपराध से हटाना मानसिक स्वास्थ्य सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है?

क्या आत्महत्या के प्रयास को अपराध से हटाना मानसिक स्वास्थ्य सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है?

पुराने कानून के अनुसार, आत्महत्या के प्रयास को अपराध माना जाता था और इसे राज्य के खिलाफ अपराध समझा जाता था। आईपीसी की धारा 309 के अनुसार, आत्महत्या के प्रयास पर एक साल की सजा होती थी। इससे उन लोगों को दंडित किया जाता था जो मानसिक तनाव में होते थे और उन्हें मदद लेने …

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क्या शादी के दस्तावेज़ों की कानूनी आवश्यकताएँ हैं?

क्या शादी के दस्तावेज़ों की कानूनी आवश्यकताएँ हैं?

जब आप शादी करते हैं, तो आप एक दूसरे के साथ न केवल भावनात्मक बंधन बनाते हैं, बल्कि कानूनी रूप से भी एक साथ जुड़े होते हैं। इसलिए, यह आवश्यक है कि आप शादी के सभी दस्तावेज़ों को सही तरीके से तैयार करें और आवश्यक शर्तों का पालन करें। शादी से संबंधित कानूनी दस्तावेज़ कौन-कौन …

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पति मारपीट और गाली-गलौज करता है, क्या करूँ?

पति मारपीट और गाली-गलौज करता है, क्या करूँ?

अगर आपका पति आपको मारता है और गालियाँ देता है, तो यह एक गंभीर समस्या है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। घरेलू हिंसा में शारीरिक चोट, मानसिक उत्पीड़न और मौखिक अपमान शामिल होते हैं, जो आपकी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाते हैं। इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए आपको तुरंत कुछ …

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क्या भारत में दहेज मृत्यु जैसी गंभीर और दुखद समस्या का समाधान संभव है?

क्या भारत में दहेज मृत्यु जैसी गंभीर और दुखद समस्या का समाधान संभव है?

दहेज मृत्यु एक दुखद और आम समस्या है, खासकर भारत में। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब दुल्हन का परिवार दूल्हे के परिवार द्वारा की गई अवैध दहेज की मांग को पूरा नहीं करता है। इसके कारण दुल्हन को परेशान किया जाता है, उसको मानसिक उत्पीड़न और शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ता है। …

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लड़कियों के विवाह की उम्र हुई 21 साल, जानिए किस राज्य से हुई इसकी शुरुआत?

लड़कियों के विवाह की उम्र हुई 21 साल, जानिए किस राज्य से हुई इसकी शुरुआत?

भारत में बाल विवाह एक गंभीर समस्या रही है, लेकिन अब इसे खत्म करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। एक नया कदम हाल ही में हिमाचल प्रदेश ने उठाया है। पहले, भारत में लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल थी। हिमाचल प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब वहां पर …

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किरायेदारों को बेदखल करने के आधार क्या हैं?

किरायेदारों को बेदखल करने के आधार क्या हैं?

किरायेदारी एक ऐसा समझौता है जिसमें किरायेदार, मालिक को किराया देता है ताकि वह उनकी संपत्ति का उपयोग कर सके। इस समझौते में किराए की राशि, भुगतान की तारीख, किरायेदारी की अवधि, और दोनों की जिम्मेदारियाँ शामिल होती हैं। किरायेदार को अच्छा और सुरक्षित जगह का हक होता है, जबकि मालिक को किराया और संपत्ति …

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सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: राज्य बार काउंसिल्स कानून स्नातकों के पंजीकरण के लिए अधिक शुल्क नहीं ले सकतीं

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: राज्य बार काउंसिल्स कानून स्नातकों के पंजीकरण के लिए अधिक शुल्क नहीं ले सकतीं

गौरव कुमार बनाम भारत संघ डब्ल्यू.पी.(सी) संख्या 352/2023 उच्च न्यायालय के इस मामले में, 30 जुलाई, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य बार काउंसिलें वकीलों से बहुत ज्यादा पंजीकरण शुल्क नहीं ले सकतीं। कोर्ट ने यह फैसला किया क्योंकि बहुत ऊँचे शुल्क वकीलों के सम्मान और उनके पेशे को चुनने के अधिकार को …

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गलत UPI ट्रांजैक्शन के मामले में कानून के अनुसार हमें क्या करना चाहिए?

गलत UPI ट्रांजैक्शन के मामले में कानून के अनुसार हमें क्या करना चाहिए?

डिजिटल पैसे का लेन-देन आजकल बहुत जरूरी हो गया है। इसके जरिए पैसे भेजना और संभालना आसान, सुरक्षित, और तेज हो गया है, लेकिन इससे साइबर सुरक्षा और प्राइवेसी के खतरे भी बढ़ जाते हैं। UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) डिजिटल लेन-देन की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। UPI को NPCI (नेशनल  पेमेंट …

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