Blogs Written By

Adv. Vidhi Saini

Advocate Vidhi Saini is a law graduate and has been advising and helping clients for the past 3 years and is master at organizing complex situations. I am currently working in Rohini Court, Tis Hazari Court and am registered with the Delhi Bar Council . My area of competence in the field of drafting is the creation of Any Legal Notice, Consumer Court Issue, Criminal Matter, Divorce, Maintenance. I counsel, advise, and practice in this area. I advise both companies and individuals in my capacity as counsel, identifying legal concerns and creating fresh strategies for resolving challenging problems.

Adv. Vidhi Saini
Can damage to property be punished

क्या संपत्ति को नुकसान पहुँचाने पर दंडित किया जा सकता है?

धारा 427 IPC का महत्व क्या है? भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 427 एक बहुत ही महत्वपूर्ण धारा है, जो जानबूझकर संपत्ति को नुकसान पहुँचाने से संबंधित है। यह धारा किसी व्यक्ति द्वारा संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की सजा के बारे में स्पष्ट रूप से बताती है। यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य की संपत्ति …

क्या संपत्ति को नुकसान पहुँचाने पर दंडित किया जा सकता है? Read More »

What to do immediately if you become a victim of online fraud

ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तुरंत क्या करे?

तकनीक का मकसद हमारी जिंदगी को आसान बनाना है। कंप्यूटर, इंटरनेट और स्मार्टफोन के कारण, हम बहुत कुछ बस कुछ क्लिक में कर सकते हैं—जैसे बैंकिंग, खरीदारी, टिकट बुक करना और दोस्तों और परिवार से जुड़ना, चाहे वे कहीं भी हों। लेकिन जबकि तकनीक हमें बहुत मदद करती है, इसके कुछ नुकसान भी हैं। इंटरनेट …

ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तुरंत क्या करे? Read More »

Is it necessary to live separately for one year for mutual divorce?

क्या आपसी तलाक के लिए एक साल अलग रहना जरूरी है?

तलाक एक ऐसा संवेदनशील मुद्दा है जो समाज में अक्सर चर्चा का विषय बनता है। भारत में, आपसी सहमति से तलाक लेना एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे दोनों पक्षों को सोच-समझकर उठाना चाहिए। कानूनी दृष्टिकोण से, आपसी तलाक की प्रक्रिया में कुछ आवश्यकताएँ होती हैं। इनमें से एक यह है कि दोनों पति-पत्नी को एक …

क्या आपसी तलाक के लिए एक साल अलग रहना जरूरी है? Read More »

पत्नी के डोमेस्टिक वायलेंस केस के बाद कैसे बचे?

पत्नी के डोमेस्टिक वायलेंस केस के बाद कैसे बचे?

डोमेस्टिक वायलेंस एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो न केवल महिलाओं को प्रभावित करती है, बल्कि पुरुषों को भी अपनी पत्नी द्वारा वायलेंस  का सामना करना पड़ सकता है। अक्सर पुरुषों की स्थिति को अनदेखा किया जाता है, क्योंकि समाज में यह धारणा है कि वे हमेशा ताकतवर होते हैं। लेकिन मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक …

पत्नी के डोमेस्टिक वायलेंस केस के बाद कैसे बचे? Read More »

how to handle family opposition to intercaste marriage

इंटरकास्ट मैरिज के लिए परिवार के विरोध को कैसे संभालें?

भारत में जाति व्यवस्था की जड़ें सदियों पुरानी हैं और यह सामाजिक संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मैरिज के मामले में, इंटरकास्ट मैरिज अक्सर परिवारों के बीच गंभीर विवाद का कारण बनती है। पारंपरिक दृष्टिकोण से, जाति न केवल व्यक्ति की पहचान को निर्धारित करती है, बल्कि यह उनके मैरिज विकल्पों को भी प्रभावित …

इंटरकास्ट मैरिज के लिए परिवार के विरोध को कैसे संभालें? Read More »

साइबर क्राइम मुद्दों के लिए कानूनी सलाह कब लें?

साइबर क्राइम मुद्दों के लिए कानूनी सलाह कब लें?

साइबर क्राइम का मतलब है किसी भी तरह के अपराध जो इंटरनेट या कंप्यूटर सिस्टम का उपयोग करके किए जाते हैं। जैसे-जैसे हमारी दुनिया डिजिटल होती जा रही है, वैसे-वैसे साइबर क्राइम के मामले भी बढ़ रहे हैं। अगर आप या आपके जानने वाले इस तरह की किसी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो …

साइबर क्राइम मुद्दों के लिए कानूनी सलाह कब लें? Read More »

कर्मचारी कंपनी के खिलाफ केस कैसे दायर कर सकता है?

कर्मचारी कंपनी के खिलाफ केस कैसे दायर कर सकता है?

जब एक कर्मचारी किसी नियोक्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला करता है, तो यह दोनों पक्षों के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति होती है। इससे न केवल कानूनी परिणाम सामने आते हैं, बल्कि यह कार्यस्थल का माहौल भी प्रभावित कर सकता है। इस लेख में, हम विभिन्न चरणों को विस्तार से समझेंगे, ताकि नियोक्ता …

कर्मचारी कंपनी के खिलाफ केस कैसे दायर कर सकता है? Read More »

किरायेदार की एविक्शन प्रक्रिया के बारे में आपको क्या जानना चाहिए?

किरायेदार की एविक्शन प्रक्रिया के बारे में आपको क्या जानना चाहिए?

किरायेदारों का एविक्शन एक संवेदनशील और कानूनी प्रक्रिया है जो मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच विवादों का कारण बन सकती है। भारत में, इस प्रक्रिया के पीछे कई कानूनी प्रावधान हैं जो मकान मालिकों और किरायेदारों के अधिकारों की रक्षा करते हैं। इस ब्लॉग में हम विभिन्न चरणों और प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे …

किरायेदार की एविक्शन प्रक्रिया के बारे में आपको क्या जानना चाहिए? Read More »

कामकाजी महिलाओं के लिए एलिमनी के अधिकार क्या है?

कामकाजी महिलाओं के लिए एलिमनी के अधिकार क्या है?

समाज में कामकाजी महिलाओं की स्थिति में बदलाव आ रहा है, लेकिन इसके साथ ही उनके अधिकारों को लेकर कई चुनौतियाँ भी हैं। खासकर, जब बात तलाक की होती है, तो एलिमनी (maintenance) का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। यह न केवल आर्थिक सुरक्षा का सवाल है, बल्कि एक महिला की गरिमा और स्वतंत्रता …

कामकाजी महिलाओं के लिए एलिमनी के अधिकार क्या है? Read More »

पत्नी के द्वारा लगाए गए झूठे दहेज़ सहित अन्य केसेस से कैसे बचें?

पत्नी के द्वारा लगाए गए झूठे दहेज़ सहित अन्य केसेस से कैसे बचें?

भारत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कानून बन गए है, जिनमे से एक कानून बीएनएस की धारा 80 के तहत दिया गया है। यह धारा दहेज़ डेथ के बारे में बताता है, जो भारत में महिलाओं द्वारा अपने पति के खिलाफ मानसिक, शारीरिक, या किसी भी प्रकार की परेशानी या उत्पीड़न की शिकायत …

पत्नी के द्वारा लगाए गए झूठे दहेज़ सहित अन्य केसेस से कैसे बचें? Read More »