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Adv. Vidhi Saini

Advocate Vidhi Saini is a law graduate and has been advising and helping clients for the past 3 years and is master at organizing complex situations. I am currently working in Rohini Court, Tis Hazari Court and am registered with the Delhi Bar Council . My area of competence in the field of drafting is the creation of Any Legal Notice, Consumer Court Issue, Criminal Matter, Divorce, Maintenance. I counsel, advise, and practice in this area. I advise both companies and individuals in my capacity as counsel, identifying legal concerns and creating fresh strategies for resolving challenging problems.

Adv. Vidhi Saini
What is Section 138 of the NI Act Learn about the key Supreme Court decisions.

NI एक्ट की धारा 138 क्या है? जानिए सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख फैसले

हर चेक में भरोसा छिपा होता है, एक छोटा सा कागज़, लेकिन बड़ा वादा। जब आप चेक पर साइन करते हैं, तो आप सिर्फ रकम नहीं लिख रहे होते, बल्कि एक एक जिम्मेदारी निभाने का वचन कर रहे होते हैं। लेकिन अगर यह वादा टूट जाए? जब चेक बाउंस हो जाए, सिर्फ तकनीकी गलती की …

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Can a company or employer unilaterally enforce a contract The Supreme Court's Central Inland Water Transport case

क्या कंपनी या एम्प्लॉयर एकतरफा कॉन्ट्रैक्ट लागू कर सकता है?  सुप्रीम कोर्ट का सेंट्रल इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट केस

सोचिए आप किसी ऑफिस में काम करने गए हैं, जहाँ नियम कभी भी बॉस की मर्ज़ी से बदल सकते हैं और आपकी नौकरी पूरी तरह उनके निर्णय पर निर्भर है। यह सोचकर ही तनाव लग सकता है। अक्सर ऐसे मामलों में कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ़ एक तरफ़ को ज्यादा ताकत देता है। सवाल यह उठता है: क्या …

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Supreme Court's decision on joint trial – can it expedite the case

जॉइंट ट्रायल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला – क्या इससे केस जल्दी निपट सकता है?

भारत में अदालत में मामला चलना बहुत लंबा हो सकता है और न्याय का इंतजार सभी के लिए तनाव भरा होता है। इसे जल्दी निपटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जॉइंट ट्रायल का सुझाव दिया है। इसका मतलब है कि अगर अलग-अलग मामले एक जैसे हैं या एक ही मुद्दे से जुड़े हैं, तो उन्हें …

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Can a father evict his daughter from the property at his own will

क्या पिता अपनी मर्ज़ी से बेटी को प्रॉपर्टी से बेदखल कर सकता है?

भारतीय परिवारों में संपत्ति सिर्फ पैसों की कीमत नहीं रखती, बल्कि यह भावनाओं, सुरक्षा और परिवार की पहचान का प्रतीक होती है। फिर भी आजकल माता-पिता और बच्चों के बीच संपत्ति को लेकर झगड़े बढ़ते जा रहे हैं। एक आम सवाल जो कई घरों में उठता है –  क्या पिता अपनी बेटी को कभी भी …

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Has your property been illegally occupied Learn about the legal process and remedies for getting your property vacated through court.

क्या आपकी संपत्ति पर अवैध कब्जा हो गया है? जानिए कोर्ट से कब्जा छुड़ाने की कानूनी प्रक्रिया और उपाय

भारत में प्रॉपर्टी का झगड़ा सिर्फ़ ज़मीन या मकान तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें भावनाएँ, परिवारिक रिश्ते और आर्थिक सुरक्षा भी जुड़ी होती है। कई बार मालिकों को पता ही नहीं चलता कि उनकी संपत्ति पर अवैध कब्जा हो चुका है। जब वे उसे बेचने, किराए पर देने या खुद इस्तेमाल करने की सोचते …

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What's the difference between a trademark, a copyright, and a patent Find out which one is right for you.

ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और पेटेंट में क्या फर्क है? जानिए कौन सा आपके लिए सही है?

आज के समय में, Intellectual Property (IP) यानी बौद्धिक संपत्ति, बिज़नेस, क्रिएटर्स और इन्वेंटर्स के लिए सबसे कीमती संपत्ति में से एक है। लोगो, ब्रांड नाम, किताबें, संगीत, और नए अविष्कार, IP आपके काम को कानूनी तौर पर सुरक्षित रखता है और दूसरों द्वारा गलत इस्तेमाल से बचाता है। लेकिन अक्सर लोग पूछते हैं: “क्या …

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Will creations made using artificial intelligence be copyrighted A new era of IPR

क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनी क्रिएशन पर कॉपीराइट मिलेगा? IPR का नया दौर

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) आज कला, संगीत, लेखन और सॉफ़्टवेयर बनाने के तरीके बदल रहा है। लेकिन यहाँ एक बड़ा कानूनी सवाल उठता है – क्या AI से बनी क्रिएशन को भारत में कॉपीराइट मिल सकता है? भारतीय कॉपीराइट क़ानून, 1957 उस समय लिखा गया था जब मशीनें कोई कला या रचना नहीं बना सकती थीं। …

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Can foreign companies take IPR protection in India Know the international provisions

क्या विदेशी कंपनियां भारत में IPR सुरक्षा ले सकती हैं? जानिए अंतरराष्ट्रीय प्रावधान

आज की ग्लोब्लाइज़्ड इकॉनमी में बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) बिज़नेस की ग्रोथ, ब्रांड की पहचान और नए इनोवेशन की बैकबोन बन गए हैं। भारत, जो दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, हर साल हज़ारों विदेशी कंपनियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। मान लीजिए कोई विदेशी कंपनी भारत में नया …

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Important matrimonial decisions of Supreme Court – Know the historical decisions related to divorce, custody and marriage

सुप्रीम कोर्ट के अहम मैट्रिमोनियल फैसले – जानिए तलाक, कस्टडी और विवाह से जुड़े ऐतिहासिक निर्णय

भारत में विवाह केवल व्यक्तिगत या धार्मिक बंधन नहीं है, बल्कि यह एक कानूनी संस्था भी है। जब पति-पत्नी के बीच विवाद होते हैं, तो सबसे बड़ी जिम्मेदारी न्यायालय पर आती है कि वह दोनों पक्षों के अधिकारों की रक्षा करे। सुप्रीम कोर्ट ने वर्षों से ऐसे अनेक निर्णय दिए हैं, जिन्होंने तलाक, मेंटेनेंस, कस्टडी …

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Amardeep Singh vs Harveen Kaur case 2017: Supreme Court decision to abolish 6-month waiting period in mutual divorce

अमरदीप सिंह बनाम हरवीन कौर केस 2017: म्युचुअल डाइवोर्स में 6 महीने की वेटिंग खत्म करने पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

भारत में शादी एक पवित्र बंधन माना जाता है, लेकिन जब यह रिश्ता टूट जाता है और पति-पत्नी साथ नहीं रह सकते, तो तलाक ही एकमात्र समाधान बन जाता है। तलाक या तो आपसी सहमति से लिया जा सकता है या फिर यह एकतरफा भी हो सकता है। ऐसे में म्युचुअल डाइवोर्स से शादी को …

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