कानून और रिश्ते

हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856 इतिहास, अधिकार और कानूनी प्रावधान

Hindu Widow Remarriage Act 1856 History, Rights and Legal Provisions

भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति हमेशा से चर्चा का विषय रही है, विशेषकर विधवाओं की। इतिहास में एक विधवा को समाज से लगभग बहिष्कृत माना जाता था। न उन्हें पुनर्विवाह की अनुमति थी, न स्वतंत्र जीवन जीने का अधिकार। वर्तमान समय में जबकि संविधान सभी नागरिकों को समानता और गरिमा से जीने का अधिकार …

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लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल के क्या अधिकार हैं?

What are the rights of a couple living in a live-in relationship

आज के आधुनिक समाज में लिव-इन रिलेशनशिप का चलन तेजी से बढ़ रहा है। कई कपल विवाह के बिना एक साथ रहना पसंद करते हैं ताकि वे एक-दूसरे को बेहतर समझ सकें। हालांकि, इसे लेकर समाज में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हैं, लेकिन भारतीय न्यायपालिका ने ऐसे संबंधों को कई महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार प्रदान किए हैं। इस …

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भारत की 10 सबसे अच्छी कोर्ट मैरिज करने की जगह

भारत की 10 सबसे अच्छी कोर्ट मैरिज की जगह

सभी की लाइफ में अपनी शादी एक बहुत इम्पोर्टेन्ट डिसीज़न होता है। भारतीय संविधान ने अपने सभी नागरिकों को यह अधिकार दिया है की वे अपनी पसंद से अपना जीवनसाथी चुन सकते है। कपल के जाति, धर्म या सम्प्रदाय अलग-अलग होने के बावजूद भी कोर्ट मैरिज का रास्ता उनके लिए खुला है। जो लोग अलग-अलग …

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शादी के बाद महिलाओं के अधिकार क्या हैं?

What are the rights of women after marriage

भारत में शादी को जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। परंतु शादी के बाद महिलाओं के अधिकारों को लेकर अब भी बहुत सी भ्रांतियां हैं। आज के समय में हर महिला को यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि शादी के बाद भी उनके पास कई कानूनी अधिकार सुरक्षित हैं, जो उनके सम्मान, सुरक्षा …

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हिन्दू लोगों के लिए शादी की शर्तें

हिन्दू लोगों के लिए शादी की शर्तें

भारतीय संविधान ने सभी को अपनी इच्छा से अपना लाइफ पार्टनर चुनने का अधिकार दिया है। लेकिन अधिकार के साथ कुछ कंडीशंस भी है। ऐसी ही कुछ कंडीशंस हिंदू मैरिज एक्ट में भी दी गयी है। यह एक्ट भारत में रहने वाले हिन्दू, बौद्ध, सिख, और जैन नागरिकों पर लागू होता है। सभी हिन्दू नागरिक …

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कोर्ट मैरेज लाभ या हानि

कोर्ट मैरेज लाभ या हानि

शादी सभी की जिंदगी का एक मह्त्वपूण हिस्सा होता है। कुछ लोगों को बहुत धूम धाम से शादी करने पसंद होता है। वहीं कुछ लोगों को तामझाम और झंझट से दूर होकर सरल शादी करना पसंद होता है। सरल शादी के लिए कोर्ट मैरिज बेस्ट है। कोर्ट मैरिज लड़के और लड़की की सहमति से कोर्ट …

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इंटरकास्ट मैरिज; जरूरत है लक्ष्मीबाई फैसले को सख्ती से लागू करने की

इंटरकास्ट मैरिज; जरूरत है लक्ष्मीबाई फैसले को सख्ती से लागू करने की

सुप्रीम कोर्ट ने हमेशा की तरह साल 2021 में भी कुछ ऐतिहासिक फैसले दिए। इन सभी में से एक फैसला ऐसा भी है, जिसे अगर सही तरीके से लागू किया जाये तो उस फैसले के लम्बे समय तक चलने वाले बहुत से सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे। 8 फरवरी, 2021 को दिया गया ये फैसला …

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शादी में क्रूरता हो तो क्या है महिलाओं के अधिकार ?

शादी में क्रूरता हो तो क्या है महिलाओं के अधिकार?

शादी के बाद महिलाओं की जीवन शैली, पहचान सब कुछ बदल जाता है। इसके बावजूद अगर उन्हें अपने हस्बैंड और ससुराल वालों से इज़्ज़त, प्यार और सपोर्ट ना मिले, तो महिला कभी खुश नहीं रह पति है। लेकिन अगर शादी में क्रूरता हो, तो ऐसी शादी का अस्तित्व ही ख़त्म हो जाता है। कई तरीकों …

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मुस्लिम पर्सनल लॉ और शरीयत क्या है? पूरी जानकारी

What is Muslim Personal Law and Sharia Full information

क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में मुस्लिमों की शादी, तलाक या विरासत से जुड़े मामले कैसे तय होते हैं? इन सभी मामलों में जो कानून लागू होता है, उसे ही मुस्लिम पर्सनल लॉ कहते हैं, जो पूरी तरह से इस्लामिक धार्मिक स्रोतों – कुरान, हदीस और शरीयत – पर आधारित होता है। मुस्लिम …

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भारत में मुस्लिम कपल तलाक कैसे ले सकते है?

भारत में मुस्लिम कपल तलाक कैसे ले सकते है

मुस्लिम लॉ के तहत, पार्टनर की मृत्यु या फिर डाइवोर्स के द्वारा शादी ख़त्म होती है। वाइफ की मृत्यु के बाद, हस्बैंड तुरंत दूसरी शादी कर सकता है। लेकिन विधवा को “इद्दत” नाम का फिक्स टाइम पीरियड पूरा होने के बाद ही दूसरी शादी करने की अनुमति दी गयी है। मुस्लिम लोगों का डाइवोर्स स्वयं …

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