आर्य समाज मैरिज कैसे करें? जानिए पूरी प्रक्रिया, दस्तावेज़ और फीस

How to conduct an Arya Samaj marriage Learn the complete procedure, documents, and fees.

आजकल कई कपल्स ऐसी शादी चाहते हैं जो सरल, जल्दी होने वाली, कम खर्च वाली और पूरी तरह कानूनी रूप से सुरक्षित हो। इसी वजह से आर्य समाज विवाह एक लोकप्रिय विकल्प बन गया है। इसमें न तो ज़्यादा खर्च होता है, न ही लंबी रस्में होती हैं और न ही सामाजिक दबाव रहता है, फिर भी यह हिंदू कानून के तहत पूरी तरह वैध होती है।

आर्य समाज मैरिज विशेष रूप से उन कपल्स के लिए उपयोगी है:

  • जो लव मैरिज करना चाहते हैं,
  • जो इंटर-कास्ट मैरिज करना चाहते हैं,
  • जिनके परिवार विवाह के लिए तैयार नहीं हैं, या
  • जो कोर्ट मैरिज की 30 दिन की नोटिस प्रक्रिया से बचना चाहते हैं।

लेकिन लोगों के मन में अक्सर यह सवाल होते हैं कि क्या आर्य समाज मैरिज कानूनी है, इसमें कौन-कौन से दस्तावेज़ लगते हैं, खर्च कितना आता है और क्या आर्य समाज मैरिज के बाद मैरिज रजिस्ट्रेशन कराना ज़रूरी होता है। यह ब्लॉग इन सभी सवालों के जवाब स्टेप-बाय-स्टेप समझाता है, ताकि आपको कोई भ्रम न रहे।

क्या आप को कानूनी सलाह की जरूरत है ?

आर्य समाज मैरिज क्या है?

आर्य समाज मैरिज हिंदू विवाह का एक वैदिक तरीका है, जो स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित आर्य समाज के सिद्धांतों के अनुसार किया जाता है। इसमें बहुत ही सरल वेदिक मंत्रों के साथ विवाह कराया जाता है। इसमें मूर्ति पूजा नहीं होती, न ही ज्यादा दिखावा या खर्च होता है। पूरी प्रक्रिया कुछ ही घंटों में पूरी हो जाती है और यह हिंदू कानून के तहत मान्य है।

आर्य समाज मैरिज की खास बातें

  • सरल वेदिक रीति-रिवाज
  • बिना मूर्ति पूजा
  • कम खर्च और बिना तामझाम
  • कुछ घंटों में पूरी प्रक्रिया
  • हिंदू कानून के तहत मान्य

क्या आर्य समाज मैरिज भारत में कानूनी रूप से मान्य है? हाँ, आर्य समाज मैरिज भारत में पूरी तरह कानूनी है। आर्य समाज मैरिज, हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत लागु होती है।

धारा 7 – हिंदू विवाह को मान्य रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किया जा सकता है क्योंकि आर्य समाज के रीति-रिवाज हिंदू परंपराओं में मान्य हैं, इसलिए सही तरीके से आर्य समाज मैरिज होने के बाद विवाह पूरी तरह वैध माना जाता है। इसके बाद मैरिज रजिस्ट्रेशन कराने से विवाह का कानूनी सबूत मिल जाता है।

आर्य समाज मैरिज कौन कर सकता है?

आर्य समाज मैरिज वही कपल कर सकता है जो कानून द्वारा तय शर्तों को पूरा करता हो। यह मैरिज पूरी तरह हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के अंतर्गत मान्य होती है।

आर्य समाज मैरिज के लिए ज़रूरी शर्तें इस प्रकार हैं:

  • लड़का और लड़की हिंदू, बौद्ध, जैन या सिख धर्म से होने चाहिए।
  • दोनों पहले से किसी और से शादीशुदा न हों।
  • लड़के की उम्र कम से कम 21 साल और लड़की की उम्र कम से कम 18 साल हो।
  • दोनों की सहमति बिना किसी दबाव के, अपनी मर्जी से हो।
  • दोनों के बीच ऐसा कोई पारिवारिक संबंध न हो, जिसमें शादी करना कानूनन गलत हो।
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अगर ये सभी शर्तें पूरी हैं, तो कपल आर्य समाज मैरिज कानूनी रूप से कर सकता है और बाद में मैरिज रजिस्ट्रेशन कराकर इसे पूरा कानूनी दर्जा मिल जाता है।

क्या नॉन-हिंदू आर्य समाज मैरिज कर सकते हैं? अगर कपल चाहे, तो आर्य समाज में स्वेच्छा से शुद्धि संस्कार (धर्म परिवर्तन) किया जा सकता है। यह पूरी तरह व्यक्ति की अपनी इच्छा पर निर्भर करता है, कोई ज़बरदस्ती नहीं होती। शुद्धि के बाद आर्य समाज मैरिज कराई जा सकती है।

अगर कपल धर्म परिवर्तन नहीं करना चाहता, तो वे स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत कोर्ट मैरिज कर सकते हैं। इसमें धर्म बदलने की कोई ज़रूरत नहीं होती और शादी पूरी तरह कानूनी रहती है।

आर्य समाज मैरिज करने की की पूरी प्रक्रिया

स्टेप 1: आर्य समाज मंदिर से संपर्क करें: सबसे पहले किसी रजिस्टर्ड आर्य समाज मंदिर को चुनें। वहाँ मैरिज की तारीख और समय तय करें और यह पूछ लें कि कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए।

स्टेप 2: दस्तावेज़ जमा करना: मैरिज से पहले लड़का-लड़की के सभी जरूरी दस्तावेज़ मंदिर में दिखाए और जमा किए जाते हैं। मंदिर इन्हें जांचने के बाद मैरिज कन्फर्म करता है।

स्टेप 3: वैदिक रीति से मैरिज: आर्य समाज मैरिज बहुत सरल होती है। इसमें हवन, सात फेरे (सप्तपदी), वैदिक मंत्र और वर-माला जैसी रस्में होती हैं। पूरी प्रक्रिया आमतौर पर 1 से 2 घंटे में पूरी हो जाती है।

स्टेप 4: आर्य समाज मैरिज सर्टिफिकेट: मैरिज के बाद मंदिर की ओर से एक मैरिज सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह मैरिज होने का प्रमाण होता है, लेकिन यह सरकारी मैरिज रजिस्ट्रेशन नहीं होता।

आर्य समाज मैरिज के लिए जरूरी दस्तावेज़

  • उम्र का प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र / 10वीं की मार्कशीट / पासपोर्ट)
  • पते का प्रमाण (आधार कार्ड / वोटर आईडी / पासपोर्ट)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • अविवाहित होने का हलफनामा
  • तलाक का आदेश (अगर पहले शादी हो चुकी हो)
  • मृत्यु प्रमाण पत्र (अगर विधवा/विधुर हों)

गवाहों के लिए (2 गवाह जरूरी):

  • पहचान पत्र
  • पते का प्रमाण
  • पासपोर्ट साइज फोटो

यह पूरी प्रक्रिया आसान, जल्दी पूरी होने वाली और कानूनी रूप से मान्य होती है, जिसे कोई भी आम व्यक्ति आसानी से समझ सकता है।

आर्य समाज मैरिज करने के लिए कितनी फीस लगती है?

आर्य समाज मैरिज की फीस शहर और आर्य समाज मंदिर के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर यह प्रक्रिया किफायती होती है। अनुमानित फीस: ₹5,000 से ₹15,000 तक इस फीस में आमतौर पर शामिल होता है:

  • पंडित जी की फीस
  • मंदिर का शुल्क
  • हवन और पूजा-पाठ की सामग्री
  • आर्य समाज मैरिज का प्रमाण-पत्र
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इसमें कोई सरकारी शुल्क शामिल नहीं होता, क्योंकि यह केवल धार्मिक प्रक्रिया की फीस होती है।

क्या आर्य समाज मैरिज के बाद मैरिज रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?

हाँ। आर्य समाज मैरिज के बाद मैरिज रजिस्ट्रेशन कराना बहुत ज़रूरी और कानूनी रूप से महत्वपूर्ण है।

क्यों रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है:

  • आर्य समाज मैरिज सर्टिफिकेट सिर्फ मंदिर द्वारा दिया जाता है, यह सरकारी या कानूनी प्रमाण नहीं है।
  • पासपोर्ट, वीज़ा, कोर्ट के मामले या संपत्ति संबंधी विवाद में केवल मंदिर का सर्टिफिकेट पर्याप्त नहीं होता।
  • रजिस्ट्रेशन से शादी का पक्का कानूनी सबूत मिलता है और सभी अधिकार सुरक्षित रहते हैं।
  • यदि आप चाहते हैं कि आपकी शादी पूरी तरह कानूनी और सुरक्षित हो, तो आर्य समाज मैरिज के बाद मैरिज रजिस्ट्रेशन कराना सबसे सही कदम है।

आर्य समाज मैरिज को कैसे रजिस्टर करें?

स्टेप 1: सबसे पहले हिंदू मैरिज एक्ट के तहत नज़दीकी मैरिज रजिस्ट्रार के पास आवेदन करें। यह आवेदन शादी को सरकारी रूप से दर्ज कराने के लिए किया जाता है।

स्टेप 2: आवेदन के साथ ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करें। इसमें आर्य समाज मैरिज सर्टिफिकेट, शादी की तस्वीरें, पति-पत्नी के पहचान प्रमाण और गवाहों के दस्तावेज़ शामिल होते हैं।

स्टेप 3: निर्धारित तारीख पर पति-पत्नी और कम से कम दो गवाह रजिस्ट्रार के सामने उपस्थित होते हैं। रजिस्ट्रार सभी दस्तावेज़ों की जांच और सत्यापन करता है।

स्टेप 4: सत्यापन पूरी होने के बाद सरकारी मैरिज सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। यह सर्टिफिकेट शादी का पक्का कानूनी सबूत माना जाता है और इसे सभी सरकारी कामों में मान्यता प्राप्त होती है।

क्या माता-पिता की सहमति के बिना आर्य समाज मैरिज किया जा सकता है?

हाँ, आर्य समाज मैरिज के लिए माता-पिता की सहमति कानूनी रूप से जरूरी नहीं है। अगर दोनों पार्टनर बालिग हैं (पुरुष कम से कम 21 साल और महिला कम से कम 18 साल की हो) और अपनी पूरी मर्जी से शादी करना चाहते हैं, तो वे बिना किसी दबाव या जोर-जबरदस्ती के शादी कर सकते हैं। कानून केवल दोनों की उम्र और आपसी सहमति देखता है, इसलिए माता-पिता की अनुमति न होना शादी को अवैध नहीं बनाता। यह कानून खास तौर पर उन कपल्स की सुरक्षा करता है जो अपनी मर्जी से शादी करना चाहते हैं।

क्या विरोध या धमकी मिलने पर कानूनी सुरक्षा मिल सकती है?

अगर कपल को परिवार या समाज की ओर से धमकी या रोक-टोक का सामना करना पड़े, तो उन्हें कानूनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है। वे पुलिस से सुरक्षा की मांग कर सकते हैं, SP को प्रार्थना पत्र दे सकते हैं, या हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अदालतें बार-बार यह मान चुकी हैं कि हर व्यक्ति को अपनी मर्जी से शादी करने का अधिकार है।

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निष्कर्ष

आर्य समाज मैरिज एक आसान और कानूनी रूप से सुरक्षित तरीका है जो कपल्स को उनके वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने में मदद करता है। रस्म जल्दी और सरल होती है, लेकिन असली कानूनी सुरक्षा तभी मिलती है जब शादी हिंदू मैरिज एक्ट के तहत सही तरीके से रजिस्टर करवाई जाए।

सही प्रक्रिया, दस्तावेज़ और कानून की जानकारी होने पर कपल्स बिना किसी उलझन के, भरोसे और शांति के साथ अपनी शादी की नई यात्रा शुरू कर सकते हैं।

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FAQs

1. क्या आर्य समाज मैरिज भारत के बाहर भी हो सकती है?

हाँ। आर्य समाज मैरिज विदेश में भी कराई जा सकती है, आमतौर पर आर्य समाज केंद्र या मंदिर में। कानूनी मान्यता के लिए शादी का प्रमाणपत्र भारतीय दूतावास/कांसुलेट में रजिस्टर कराना और बाद में जरूरत पड़ने पर भारत में भी रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।

2. आर्य समाज मैरिज में कितने गवाह होने चाहिए?

शादी के समय कम से कम दो वयस्क गवाह मौजूद होना जरूरी है। उनकी उपस्थिति शादी को वैध बनाने और मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने के लिए अनिवार्य है।

3. क्या तलाकशुदा या विधवा/विधुर व्यक्ति आर्य समाज मैरिज कर सकते हैं?

हाँ। तलाकशुदा या विधवा/विधुर लोग आर्य समाज मैरिज कर सकते हैं। इसके लिए तलाक का प्रमाणपत्र या पूर्व पति/पत्नी के निधन का प्रमाण दिखाना पड़ता है।

4. आर्य समाज मैरिज के लिए न्यूनतम आयु क्या है?

हाँ। हिंदू मैरिज एक्ट के अनुसार उम्र की शर्तें पूरी करनी जरूरी हैं:

  • लड़का– 21 साल या उससे अधिक
  • लड़की – 18 साल या उससे अधिक

इनसे कम उम्र में शादी कानूनी रूप से मान्य नहीं होगी।

5. क्या आर्य समाज मैरिज में सरकारी रजिस्ट्रेशन अपने आप हो जाता है?

नहीं। आर्य समाज प्रमाणपत्र केवल रस्म का प्रमाण देता है, सरकारी रजिस्ट्रेशन की जगह नहीं लेता। कानूनी मान्यता के लिए कपल्स को अलग से हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 8 के तहत मैरिज रजिस्टर करानी होती है।

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