सीआरपीसी 164 के तहत ब्यान देने का प्रोसेस क्या है?

सीआरपीसी के तहत स्टेटमेंट्स मजिस्ट्रेट द्वारा रिकॉर्ड किए जाते है।

स्टेटमेंट ऐसे केसिस में रिकॉर्ड किया जाता है, जहां एक व्यक्ति किसी क्राइम के होने का विटनेस होता है या किसी एक्टिव केस में सबूत का हिस्सा होता है। ऐसे मैटर्स में विटनेस किसी भी न्यायिक/जुडिशियल मजिस्ट्रेट या मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के सामने अपना स्टेटमेंट दे सकता है या उस परिदृश्य/सिनेरिओ के बारे में अपना कॉन्फेशन …

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उधार दिए पैसे वापस लेने की पूरी कानूनी प्रक्रिया: एक विस्तृत मार्गदर्शिका

The complete legal process for getting back the money you borrow: A detailed guide

उधार देना हमेशा एक विश्वास का संकेत होता है—चाहे वो दोस्ती का हो, व्यापार का या पारिवारिक रिश्ते का। लेकिन जब कोई समय पर पैसा वापस नहीं करता, तो यह भरोसा भारी चिंता और कानूनी झंझट में बदल सकता है। भारत में, यदि कोई व्यक्ति या संस्था उधार लिए पैसे लौटाने में असफल रहती है, …

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सूट डिक्लेरेशन के लिए केस कैसे फाइल करें?

How To File For Suit For Declaration?

भारतीय लॉयर्स द्वारा लाया गया सबसे पॉपुलर और इफेक्टिव तरीके का सिविल सूट/मुकदमा एक “डिक्लेरेशन सूट” है। कोर्ट के डिक्लेरेशन के आधार/बेस पर, यह डिक्लेरेशन और इंजक्शन रिलीफ दिया जाता है। एक सूट डिक्लेरेशन किसी भी मैटर पर कोर्ट द्वारा लिए गए फैसले के अगेंस्ट उच्च/हायर कोर्ट से की गई रिक्वेस्ट है। ज्यादातर सिचुऎशन्स में, …

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अनमैरिड महिला 20 हफ्तों की प्रेग्नेन्सी के बाद एबॉर्शन नहीं कर सकती है।

अनमैरिड महिला सहमति से प्रेग्नेंट होने पर 20 हफ्तों के बाद एबॉर्शन नहीं कर सकती

शादी के बाद प्रेग्नेंसी और शादी से पहले प्रेग्नेंट होने वाली महिलाओं को आमतौर पर देखा जाता है, लेकिन समाज में अन्य लोगों द्वारा इसे एक्सेप्ट और सपोर्ट नहीं किया जाता है। कई बार यह देखा गया है कि जो महिलाएं रेप, सेक्सुअल हेररेस्मेंट और अन्य सहमति के बिना सेक्सुअल रिलेशन्स बनने की वजह से …

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डिसमायसल आर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने क्लास-4 के एम्प्लोयी को दी राहत

SC GRANTS RELIEF TO CLASS-4 EMPLOYEE AGAINST DISMISSAL ORDER

यह ऑब्ज़र्व करते हुए कि ‘ड्यूटी से गायब होना पार्लियामेंट की शक्तियों या आर्मी में एक बड़ा कदाचार/मिसकंडक्ट है, लेकिन सिविलियन एम्प्लॉयमेंट के केस में ऐसा नहीं है’, सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल गवर्नमेंट के उस फैसले को क्रिटिसाइज़ किया, जिसमें एक ग्रेड IV के एम्प्लोयी को उसकी ड्यूटी से गायब होने पर मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टील …

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सेक्शन 41ए का गैर-अनुपालन

सेक्शन 41ए का गैर-अनुपालन

भारत के अंदर कानून और मुकदमेबाजी  की फील्ड में, यह आमतौर पर जाना जाता है कि अगर आप अपने केस से डील करने के लिए लीगल प्रोसेस में एंटर कर रहे हैं तो यह एक लंबी प्रोसेस है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोर्ट को फैसला सुनाने में सालों लग जाते हैं, लेकिन …

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सीआरपीसी के सेक्शन 125 सामाजिक न्याय के लिए बनाई गई है।

सीआरपीसी के सेक्शन 125 सामाजिक न्याय के लिए बनाई गई है।

मुक्ति v यूपी राज्य के केस में फाइल की गयी एक क्रिमिनल रिविज़न से डील करने के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेक्शन 125 सीआरपीसी सामाजिक न्याय और स्पेशली बच्चों, महिलाएं और बूढ़े माता-पिता की सुरक्षा के लिए लाया गया है। कोर्ट ने आगे कहा कि यह सेक्शन आर्टिकल 15(3) के अंतर्गत आता है …

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हस्बैंड जो पैसे कमाने में सक्षम है अपनी वाइफ से पर्मनेंट मेंटेनेंस नहीं मांग सकता।

हस्बैंड जो पैसे कमाने में सक्षम है अपनी वाइफ से पर्मनेंट मेंटेनेंस नहीं मांग सकता।

केस टी. सदानंद पाई v सुजाता एस पाई के फैसले में, कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा कि रोजगार करने में सक्षम व्यक्ति अपनी वाइफ से पर्मनेंट एलिमनी नहीं मांग सकता है। हस्बैंड ने हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 25 के तहत मेंटेनेंस लेने के लिए एप्लीकेशन फाइल की थी, जिसे जस्टिस आलोक अराधे और जेएम …

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भारत में डाइवोर्स पेंडिंग होने पर हस्बैंड को कनाडा में मैट्रिमोनियल केस में आगे बढ़ने से रोका

भारत में डाइवोर्स पेंडिंग होने पर हस्बैंड को कनाडा में मैट्रिमोनियल केस में आगे बढ़ने से रोका

मैट्रिमोनियल इश्यूज में कई बार ऐसी सिचुऎशन्स देखी जाती हैं, जिसमें डाइवोर्स लेने की कार्यवाही का, कपल का कोर्ट केस पहले से ही चल रहा है लेकिन दूसरा पार्टनर डाइवोर्स डिक्री आने का इंतज़ार नहीं करता और किसी अन्य व्यक्ति से शादी करने के लिए जल्दबाज़ी करता है। जैसा कि लॉ कहता है, एक मैरिड …

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स्पेशल मैरिज एक्ट के सेक्शन 5 के तहत शादी की सूचना

स्पेशल मैरिज एक्ट के सेक्शन 5 के तहत शादी की सूचना

हाल ही में, एस. सरथ कुमार v डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और एक अन्य केस में, मद्रास हाई कोर्ट ने देखा कि स्पेशल मैरिज एक्ट के सेक्शन 4 के तहत प्रदान की गई शर्तों और सेक्शन 5-13 में बताई गई प्रोसेस  जरूर फॉलो किया जाना चाहिए। इस प्रकार एक्ट के तहत शादी की रजिस्ट्रेशन के लिए एप्लीकेशन …

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