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Adv. Anjali Sandeep Kshirsagar

I am Anjali Sandeep Kshirsagar, professionally an advocate. I have 5 years experience in the realm of law. I have completed my Law I have been enrolled in the Bar council of Delhi and practicing in Delhi High Court. I'm more passionate about creating Criminal, Criminal Matter, Cyber Fraud, Money Recovery. I'm a good fit for people with businesses and individual conflicts and capable of resolving sensitive and complicated issues, identifying legal concerns, recognizing compliance with legal challenges.

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कानून के अनुसार क्या कोई पुरुष भी घरेलू हिंसा का शिकार हो सकता है?

कानून के अनुसार क्या कोई पुरुष भी घरेलू हिंसा का शिकार हो सकता है?

हाँ, कानून के अनुसार कोई भी पुरुष घरेलू हिंसा का शिकार हो सकता है। घरेलू हिंसा कानून में लिंग-निरपेक्ष होती है और यह महिलाओं के साथ ही पुरुषों को भी संघर्ष की दशा में शामिल करती है। घरेलू हिंसा को कानूनी रूप से नाराजगी, जबरन, या दबाव के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिसमें …

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ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के खिलाफ लीगल एक्शन

ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के खिलाफ लीगल एक्शन

ब्लैक मेलिंग क्या होती है? किसी व्यक्ति का कोई राज जो उसने किसी को नहीं बताया हो या कोई भी ऐसा बात जो गोपनीय हो, वह किसी और व्यक्ति को पता चल जाए। फिर यह व्यक्ति उस व्यक्ति को डराये, धमकाये , या उस बात को छिपाने के लिए, उससे कोई कीमत या कुछ काम …

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वेजरिंग कॉन्ट्रैक्ट्स कितने प्रकार के होते है

वेजरिंग कॉन्ट्रैक्ट्स कितने प्रकार के होते है?

एक कॉन्ट्रैक्ट दो या दो से ज्यादा पार्टियों के बीच अपनी इच्छा से और कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता होता है। कॉन्ट्रैक्ट दोनों पार्टियों की आपसी सहमति से बनाया गया एक कानूनी दस्तावेज होता है। आमतौर पर कॉन्ट्रैक्ट पट्टे, किराए, बिक्री या रोजगार से संबंधित होते हैं। भारतीय कॉन्ट्रैक्ट एक्ट, 1872 के सेक्शन 2 (एच) …

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हैबीस कॉरपस के बजाय वैवाहिक विवाद होने पर पिटीशन खारिज हो सकती है।

हैबीस कॉरपस के बजाय वैवाहिक विवाद होने पर पिटीशन खारिज हो सकती है।

कलकत्ता हाईकोर्ट के जज पार्थ शरतजी चटर्जी और जज तपब्रत चक्रवर्ती की बेंच ने, एक कैदी की हैबीस कोरपस की पिटीशन को खारिज कर दिया। इस पिटीशन को ख़ारिज करने के लिए यह तर्क दिया गया कि इस बात में कोई शक नहीं है कि पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा है जिसके चलते उन्होंने …

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What is the punishment for rape in India

भारत में रेप की सज़ा क्या है?

भारत और दुनिया भर में रेप एक गंभीर आपराधिक अपराध है। यह एक व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, और इसके शिकार को अक्सर जीवनभर का मानसिक आघात झेलना पड़ता है। वर्षों के दौरान, रेप से जुड़े क़ानूनी ढांचे में कई बदलाव हुए हैं, खासकर निर्भया मामले के बाद, जिसने क़ानून में महत्वपूर्ण …

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भारत में शादी से पहले समझौते करना कितना सही है

भारत में शादी से पहले समझौते करना कितना सही है?

विवाह-पूर्व समझौता क्या है? एक कपल जो शादी करने वाले है और इस शादी की जिम्मेदारियों को लेकर वो एक एग्रीमेंट करते हैं तो उस विशेष समझौते या एग्रीमेंट को एक प्रीन्यूपटीएल एग्रीमेंट या प्रेनअप एग्रीमेंट या विवाह-पूर्व समझौता कहा जाता है। यह समझौता आमतौर पर इसीलिए किया जाता है क्योंकि सभी मानते हैं कि …

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क्या एक छोटा व्यवसाय खोलने के लिए भी वकील की आवश्यकता है?

क्या एक छोटा व्यवसाय खोलने के लिए भी वकील की आवश्यकता है?

भारत में किसी भी तरह के प्रतिष्ठान को खोलने के लिए संविधान द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार कानूनी तौर पर उसका रजिस्ट्रेशन अत्यंत आवश्यक है । दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम ( Shop and established act ) के तहत किसी भी तरह की दुकान या प्रतिष्ठान को खोलने के लिए कुछ क़ानूनी नियमों को जानना …

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कोर्ट का मानना है कि अपने घरेलु मामलों में वकीलों को शामिल ना करना ही बेहतर

कोर्ट का मानना है कि अपने घरेलु मामलों में वकीलों को शामिल ना करना ही बेहतर है।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पारिवारिक विवादों को लेकर के एक बड़ी टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना ने अपनी टिप्पणी में कहा ” पारिवारिक विवाद और सार्वजनिक विवाद में काफी अंतर होता है यदि कोई परिवार अपने आंतरिक विवाद को सार्वजनिक विवाद में परिवर्तित करता है तो इस तरीके के मुकदमे …

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मिडिएशन प्रोसीडिंग्स के तहत क्या होता है

मिडिएशन प्रोसीडिंग्स के तहत क्या होता है?

मिडिएशन कोर्ट की हियरिंग के बजाय कोर्ट के बाहर किया जाने वाला सेटलमेंट होता है। मिडिएशन कोर्ट केस के मुकाबले कम खर्चे में और जल्दी होने वाली प्रक्रिया है जहां दोनों पार्टीज़ की बात होती है और मीडिएटर द्वारा उनके डिस्प्यूट का सेटलमेंट कराया जाता है। अन्य अदालती कार्यवाही के बजाय भी मिडिएशन प्रक्रिया गोपनीय …

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लीड इंडिया में खुद को कैसे नामांकित कर सकते हैं

लीड इंडिया में खुद को कैसे नामांकित कर सकते हैं?

क्लाइंट्स के साथ बातचीत करते समय वकीलों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ता है, कुछ वकील ऐसे होते हैं जिन्हें कानून का बहुत अच्छा ज्ञान होता है और वह ड्राफ्टिंग और बाकि कागजी कार्यवाही में बहुत अच्छे होते हैं लेकिन उन्हें क्लाइंट्स के साथ बातचीत करने और उनसे निपटने में कठिनाई का सामना करना …

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