Blogs Written By

Adv. Vidhi Saini

Advocate Vidhi Saini is a law graduate and has been advising and helping clients for the past 3 years and is master at organizing complex situations. I am currently working in Rohini Court, Tis Hazari Court and am registered with the Delhi Bar Council . My area of competence in the field of drafting is the creation of Any Legal Notice, Consumer Court Issue, Criminal Matter, Divorce, Maintenance. I counsel, advise, and practice in this area. I advise both companies and individuals in my capacity as counsel, identifying legal concerns and creating fresh strategies for resolving challenging problems.

Adv. Vidhi Saini
क्या एक एडवोकेट एक से ज्यादा स्टेट के बार एसोसिएशन का मेंबर बन सकता है?

क्या एक एडवोकेट एक से ज्यादा स्टेट के बार एसोसिएशन का मेंबर बन सकता है?

बार एसोसिएशन लॉयर्स की एक एसोसिएशन या प्रैक्टिस करने वाला एक ग्रुप सिस्टम होता है। भारत में, कुछ बार एसोसिएशन लॉयर्स के कंडक्ट को रेगुलेट करने का काम करती हैं, जबकि बाकि कुछ एसोसिएशनस ऐसी हैं, जो अपने मेंबर्स को सर्व करती हैं, और बाकी कुछ अस्सोसिएशन्स दोनों काम करती है।एडवोकेट एक्ट, 1961 के सेक्शन …

क्या एक एडवोकेट एक से ज्यादा स्टेट के बार एसोसिएशन का मेंबर बन सकता है? Read More »

कानून और टेक्नोलॉजी के बीच ई-कोर्ट का संबंध।

कानून और टेक्नोलॉजी के बीच ई-कोर्ट का संबंध।

परंपरागत रूप से, यह माना जाता है कि कानून और टेक्नोलॉजी एक-दूसरे के विपरीत है। कानून अधिकारों की रक्षा करने के लिए बना है, जबकि टेक्नोलॉजी का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना है। बहरहाल, जज चंद्रचूड़ के अनुसार, कानून और टेक्नोलॉजी का आपस में संबंध है, जो व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा और समाज में नवाचार …

कानून और टेक्नोलॉजी के बीच ई-कोर्ट का संबंध। Read More »

How to file a counter case against a false 85 case

झूठे 85 केस के खिलाफ कैसे दर्ज करें काउंटर केस?

भारतीय समाज में विवाह संस्था को सुरक्षित रखने के लिए कई संवेदनशील कानून बनाए गए हैं। ऐसा ही एक कानून है भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) 85 जो विवाहिता को पति या ससुराल पक्ष द्वारा की गई मानसिक या शारीरिक क्रूरता से सुरक्षा देता है। लेकिन विडंबना यह है कि इस कानून का दुरुपयोग करके …

झूठे 85 केस के खिलाफ कैसे दर्ज करें काउंटर केस? Read More »

मोबाइल पर ही प्राप्त कर सकते है मैरिज सर्टिफिकेट।

मोबाइल पर ही प्राप्त कर सकते है मैरिज सर्टिफिकेट।

आजकल सभी की लाइफ बहुत बिज़ी है। समय की कमी के चलते, अब लोग ऐसी शादियां करना पसंद करते है, जिसमे उन्हें अपना कम समय ही देना पड़े और वो शादी मान्य भी हो। कोर्ट मैरिज इसका एक अच्छा ऑप्शन है। अब कपल 1 से 2 दिनों में कोर्ट मैरिज कर सकते है। कोर्ट मैरिज …

मोबाइल पर ही प्राप्त कर सकते है मैरिज सर्टिफिकेट। Read More »

हस्बैंड के स्पर्म कलेक्शन के लिए महिला ने कोर्ट में की अपील।

हस्बैंड के स्पर्म कलेक्शन के लिए महिला ने कोर्ट में की अपील

गुजरात हाई कोर्ट ने कोविड-19 से पीड़ित एक मरीज़ के स्पर्म को सुरक्षित रखने का आदेश दिया था। यह आदेश बीमार व्यक्ति की वाइफ की पिटीशन पर किया गया था।  केस क्या था:-  एक महिला के हस्बैंड की कोविड-19 की वजह से तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई थी। वडोदरा में स्थित स्टर्लिंग हॉस्पिटल में पिछले …

हस्बैंड के स्पर्म कलेक्शन के लिए महिला ने कोर्ट में की अपील Read More »

भारत में डाइवोर्स के बाद वाइफ के प्रॉपर्टी के अधिकार क्या है?

भारत में डाइवोर्स के बाद वाइफ के प्रॉपर्टी के अधिकार क्या है?

डाइवोर्स का सीधा और सरल मतलब है, कपल का कानूनी तौर पर अलग होना। यह कपल के इमोशनल स्ट्रेस की वजह तो है ही। साथ ही, डाइवोर्स के चलते कई कानूनी मुद्दे हैं, जिन पर चर्चा करने की जरूरत होती है। इनमे से एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, डाइवोर्स के बाद “प्रॉपर्टी का बँटवारा”। आईये जानते …

भारत में डाइवोर्स के बाद वाइफ के प्रॉपर्टी के अधिकार क्या है? Read More »

भारत में डाइवोर्स के लिए पुरुषों के अधिकार क्या है?

भारत में डाइवोर्स के लिए पुरुषों के अधिकार क्या है?

कानून के तहत, सभी के साथ सेम बीहेवियर होना चाहिए। लेकिन कई बार अलग-अलग सिचुऎशन्स के चलते कानून में भी फर्क करना पड़ता है। जैसे भारत में पुरुषों और महिलाओं के लिए डाइवोर्स लेने की प्रोसेस, तरीके और शर्तों में अंतर है। उदाहरण के लिए, हिंदू मैरिज एक्ट में दोनों पार्टनर्स भरण-पोषण के लिए दावा …

भारत में डाइवोर्स के लिए पुरुषों के अधिकार क्या है? Read More »

कंटेस्टेड डाइवोर्स क्या है? इस डाइवोर्स की पूरी प्रक्रिया।

कंटेस्टेड डाइवोर्स क्या है? इस डाइवोर्स की पूरी प्रक्रिया।

भारत में कंटेस्टेड डाइवोर्स या एक तरफ़ा तलाक कानूनी रूप से अलग होने का एक फॉर्मल तरीका है। यह एक ऐसी सिचुएशन को दिखता है, जिसमें हस्बैंड या वाइफ ने अपने पार्टनर से डाइवोर्स लेने का पूरा मन बना लिया है क्योंकि उनके पार्टनर ने गलत किया है, जैसे मारपीट, मेंटली टार्चर, अडल्ट्री आदि। तो …

कंटेस्टेड डाइवोर्स क्या है? इस डाइवोर्स की पूरी प्रक्रिया। Read More »

Second marriage without divorce – is it a crime in India

डाइवोर्स लिए बिना क्या दूसरी शादी कर सकते है?

भारत में विवाह एक पवित्र और कानूनी बंधन माना जाता है। यह केवल सामाजिक रस्म नहीं बल्कि एक कानूनी अनुबंध (Legal Contract) है, जिसे समाप्त किए बिना दूसरी शादी करना न केवल समाजिक रूप से गलत बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुसार अपराध भी है। हिन्दू मैरिज एक्ट, 1955 के अनुसार दूसरी शादी हिंदू …

डाइवोर्स लिए बिना क्या दूसरी शादी कर सकते है? Read More »

कोर्ट मैरेज लाभ या हानि

कोर्ट मैरेज लाभ या हानि

शादी सभी की जिंदगी का एक मह्त्वपूण हिस्सा होता है। कुछ लोगों को बहुत धूम धाम से शादी करने पसंद होता है। वहीं कुछ लोगों को तामझाम और झंझट से दूर होकर सरल शादी करना पसंद होता है। सरल शादी के लिए कोर्ट मैरिज बेस्ट है। कोर्ट मैरिज लड़के और लड़की की सहमति से कोर्ट …

कोर्ट मैरेज लाभ या हानि Read More »