आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला कब बनता है? केवल गाली-गलौज या अपमान, क्या काफी है?
आज के सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में तनाव और मानसिक दबाव तेजी से बढ़ रहे हैं। युवा हों या बड़े, कई लोग निराशा के क्षणों में आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लेते हैं। नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, भारत में हर साल हजारों आत्महत्या के मामले दर्ज होते हैं। जब कोई व्यक्ति आत्महत्या …
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