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Adv. Anjali Sandeep Kshirsagar

I am Anjali Sandeep Kshirsagar, professionally an advocate. I have 5 years experience in the realm of law. I have completed my Law I have been enrolled in the Bar council of Delhi and practicing in Delhi High Court. I'm more passionate about creating Criminal, Criminal Matter, Cyber Fraud, Money Recovery. I'm a good fit for people with businesses and individual conflicts and capable of resolving sensitive and complicated issues, identifying legal concerns, recognizing compliance with legal challenges.

Adv. Anjali Sandeep Kshirsagar
केस में देरी होना आर्टिकल 21 का उल्लंघन है।

क्या केस में देरी होना आर्टिकल 21 का उल्लंघन है?

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी एक टिप्पणी के माध्यम से उच्च न्यायालयों से कहा है कि शीघ्रता से फैसला न आना अथवा निर्णय देने में देरी वास्तव में संविधान के आर्टिकल 21 का उल्लंघन है । इसलिए सभी न्यायालयों को चाहिए कि वे इससे बचें। सुप्रीम कोर्ट के इस टिप्पणी के अनुसार  “न्याय …

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How to download Court Marriage Certificate from website

कोर्ट मैरिज सर्टिफिकेट वेबसाइट से कैसे डाउनलोड करें?

विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) शादी के बाद एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज बन जाता है। अब डिजिटल इंडिया पहल के तहत, आप बिना सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाए, घर बैठे अपना कोर्ट मैरिज सर्टिफिकेट आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि यह प्रक्रिया कैसे होती है, कौन से दस्तावेज जरूरी …

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क्या शादी के 15 साल बाद शादी का प्रमाणपत्र बनवाया जा सकता है?

क्या शादी के 15 साल बाद शादी का प्रमाणपत्र बनवाया जा सकता है?

भारतीय संस्कृति में विवाह को एक पवित्र संस्था माना गया है। यह दो लोगों के बीच एक पवित्र बंधन है, जिसके अंतर्गत वे अपना शेष जीवन एक साथ बिताने के लिए एकमत होते हैं। दूल्हा और दुल्हन के बीच विवाह संपन्न होने के बाद, कुछ निश्चित आवश्यकताएं होती हैं, जिन्हें कानूनी रूप देने के लिए, …

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चोरी और जबरदस्ती वसूली में कानूनी रूप से क्या अंतर है?

चोरी और जबरदस्ती वसूली में कानूनी रूप से क्या अंतर है?

भारतीय कानून के तहत चोरी और जबरन वसूली दोनों ही आपराधिक अपराध हैं, लेकिन इनमें अलग-अलग अंतर हैं। चोरी, जैसा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 378 के तहत परिभाषित किया गया है, में किसी और की संपत्ति को उनकी सहमति के बिना और उन्हें स्थायी रूप से वंचित करने के इरादे से लेना …

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अपने ब्रांड के लिए सही ट्रेडमार्क (लोगो) कैसे चुने?

अपने ब्रांड का रजिस्ट्रेशन कराने से पहले उसकी जांच कैसे करें?

जब एक व्यक्ति को कोई नई ब्रांड, कम्पनी या वेबसाइट शुरू करना चाहता है तो उसे पहले सरकार के 43 क्लासिस के डेटाबेस में यह सर्च करना होता है कि उसके द्वारा सोंचा गया या चुना गया ट्रेडमार्क पहले से ही वस्तुओं और सेवाओं के संबंध में किसी और व्यक्ति के द्वारा यूज़ हो रहा …

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एक मकान मालिक के क्या अधिकार और दायित्व होते हैं?

एक मकान मालिक के क्या अधिकार और दायित्व होते हैं?

1948 में भारत सरकार द्वारा पारित किराया नियंत्रण अधिनियम वास्तव में किरायेदारों और मकान मालिकों के लिए बनाया गया था। मगर यह मकान मालिकों के अधिकारों की सुरक्षा और दायित्व के बारे में भी बात करता है। कई राज्यों ने जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक ने अपने अधिकार क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप इस अधिनियम के संशोधित …

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Legal rights of widowed women related to marriage and property – Know what your rights say

विधवा महिलाओं के शादी और संपत्ति से जुड़े कानूनी अधिकार – जानिए आपके हक़ क्या कहते हैं?

भारत में आज भी कई विधवाओं को समाजिक भेदभाव और कानूनी जानकारी की कमी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, हमारे संविधान और विभिन्न अधिनियमों ने विधवाओं को पुनर्विवाह, संपत्ति, दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण के स्पष्ट अधिकार दिए हैं। यह ब्लॉग विधवा महिलाओं के उन कानूनी अधिकारों पर केंद्रित है जो उन्हें दोबारा जीवन की …

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स्टार्टअप में नियमों का क्या महत्व है?

स्टार्टअप में नियमों का क्या महत्व है?

कम्प्लाइंसिस (Compliance) का मतलब कई सारे नियमों का एक समूह होता है, जिसे सरकार द्वारा बनाया जाता है। इन कम्प्लाइंसिस या नियमों का सभी कंपनियों या स्टार्टअप को पालन करना होता है, ताकि वह अपनी कंपनियों को सुचारू रूप से चला सके।   किसी भी नयी खुलने वाली कंपनी को आम भाषा में स्टार्टअप कहते है। …

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क्या दूसरी पत्नी के बच्चे भी मृत् पिता की नौकरी के हकदार है?

क्या दूसरी पत्नी के बच्चे भी मृत् पिता की नौकरी के हकदार है?

राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर बेंच के अनुसार एक मृतक कर्मचारी की दूसरी पत्नी से पैदा हुआ बच्चा भी अनुकंपा/कंपनसेशन पाने का हकदार है। इस केस में निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए, जज संदीप मेहता और जज कुलदीप माथुर की बेंच ने मुकेश कुमार व् भारत संघ के केस में सुप्रीम कोर्ट के हाल ही …

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Recognition of marriage Online and offline process of marriage registration

शादी की मान्यता: मैरिज रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया

भारत में शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं है – यह दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का संगम है। लेकिन आज के समय में शादी का केवल सामाजिक रूप से स्वीकार्य होना पर्याप्त नहीं है। जब तक यह कानूनी रूप से पंजीकृत न हो, तब तक इससे जुड़ी कई सुविधाओं और अधिकारों से वंचित …

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