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Adv. Anjali Sandeep Kshirsagar

I am Anjali Sandeep Kshirsagar, professionally an advocate. I have 5 years experience in the realm of law. I have completed my Law I have been enrolled in the Bar council of Delhi and practicing in Delhi High Court. I'm more passionate about creating Criminal, Criminal Matter, Cyber Fraud, Money Recovery. I'm a good fit for people with businesses and individual conflicts and capable of resolving sensitive and complicated issues, identifying legal concerns, recognizing compliance with legal challenges.

Adv. Anjali Sandeep Kshirsagar
दूरी और आर्थिक परेशानी के आधार पर मैरिज केसिस ट्रांसफर नहीं होंगे।

दूरी और आर्थिक परेशानी के आधार पर मैरिज केसिस ट्रांसफर नहीं होंगे।

हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बताया कि जब डाइवोर्स की पिटीशन फाइल की गई है और वाइफ को हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के सेक्शन 24 के तहत मुकदमेबाजी का खर्च मिल रहा है, तो ऐसे मैट्रीमोनिअल केसिस में दूरी और आर्थिक परेशानी के आधार पर केस को दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर नहीं किया …

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वर्किंग वाइफ क्या डाइवोर्स के बाद मेंटेनेंस पाने की हकदार है?

वर्किंग वाइफ क्या डाइवोर्स के बाद मेंटेनेंस पाने की हकदार है?

वर्किंग या नॉन वर्किंग वाइफ अपने हस्बैंड से मेंटेनेंस पाने की हकदार हैं, बशर्ते यह सभी जरूरतें पूरी होनी चाहिए। भारत के कानून के अनुसार एक वाइफ जो खुद का भरण पोषण करने में असमर्थ है, वह डाइवोर्स के बाद अपने हस्बैंड से मेंटेनेंस पाने की हकदार है। हालांकि, कामकाजी महिलाओं के केस में ऐसा …

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Can bail be granted under SCST Atrocities Prevention Act

क्या SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम में जमानत मिल सकती है?

SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के विरुद्ध होने वाले भेदभाव, उत्पीड़न और हिंसा को रोकने हेतु बनाया गया एक विशेष कानून है। हालांकि, इस अधिनियम के तहत दर्ज अपराध गैर-जमानती होते हैं, जिससे आरोपी के लिए जमानत प्राप्त करना जटिल होता है।इस लेख में हम जानेंगे: SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम क्या …

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क्या हस्बैंड भी डाइवोर्स केस में मेंटेनेंस का दावा कर सकता है?

क्या हस्बैंड भी डाइवोर्स केस में मेंटेनेंस का दावा कर सकता है?

भारत में सभी धर्मों के अलग-अलग पर्सनल कानून है। शादी, डाइवोर्स और मेंटेनेंस जैसे फैसले इन पर्सनल कानूनों के तहत लिए जाते है। मेंटेनेंस कपल में से किसी एक पार्टनर द्वारा अपने पेरेंट्स, पार्टनर और बच्चों को कोर्ट के आदेश पर दी जाने वाली आर्थिक सहायता है। आमतौर पर यह सहायता हस्बैंड द्वारा अपनी वाइफ …

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इंटर-रिलीज़न मैरिज से हुई बेटी अपने पिता से शादी का कितना खर्च लेने की हकदार है?

इंटर-रिलीज़न मैरिज से हुई बेटी अपने पिता से शादी का कितना खर्च लेने की हकदार है?

भारत के संविधान के अनुसार एक लड़का और लड़की की शादी होने के बाद, उनके बच्चों की सारी जरूरतों को पूरा करने की ज़िम्मेदारी बच्चों के पिता की होती है। तो अब सवाल यह है कि अगर हस्बैंड और वाइफ अलग-अलग धर्मों से बिलोंग करते हो। मतलब कपल की इंटर-रिलीज़न मैरिज हुई हो, तो क्या …

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डाइवोर्स के बाद महिलाओं के मेंटेनेंस से जुड़े अधिकार क्या है?

डाइवोर्स के बाद महिलाओं के एलिमनी से जुड़े अधिकार क्या है?

शादी एक ज़िन्दगी भर का कमिटमेंट होता है। जब दो लोगों की शादी होती है। तो एक दूसरे की तरफ उनके कुछ कर्तव्य भी होते है। दुर्भाग्यवश कुछ शादियां टूट जाती है। लेकिन शादी टूटने या डाइवोर्स होने पर भी सारे दायित्व ख़त्म नहीं होते है। जैसे की डाइवोर्स के बाद भी एलिमनी देना, बच्चों …

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हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत जुडीशियल सेपरेशन और डाइवोर्स का क्या दायरा है?

हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत जुडीशियल सेपरेशन और डाइवोर्स का क्या दायरा है?

जुडीशियल सेपरेशन और डाइवोर्स दोनों अलग है। आईये जानते है कोर्ट के अनुसार इन दोनों के क्या दायरे है। जुडीशियल सेपरेशन और डाइवोर्स के दायरे:- (1) हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के सेक्शन 13(1) के तहत जुडीशियल सेपरेशन और डाइवोर्स दोनों सेम आधारों पर मिलते है, लेकिन दोनों अलग-अलग तरह राहत पहुंचाते है। (2) जुडीशियल सेपरेशन …

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दहेज़ पीड़िता के रिश्तेदार भी अब कर सकते है एफआईआर।

दहेज़ पीड़िता के रिश्तेदार भी अब कर सकते है एफआईआर।

भारत में दहेज प्रथा एक बुराई बनकर उभर रही है। दहेज़ प्रथा का मतलब, पिता को अपनी बेटी की विदाई के समय उसे पैसे और गिफ्ट्स देने होते है। आजकल, लड़के वाले गाडी, ज्वेल्लरी आदि की मांग करते है। और मांग पूरी ना होने पर लड़की पर क्रूरता करते है। सरकार भी इसी जद्दो-जहत में …

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What to do if wife, girlfriend or live-in partner threatens suicide

अगर वाइफ, गर्लफ्रेंड या लिव-इन पार्टनर सुसाइड की धमकी दे तो क्या करें?

सुसाइड की धमकी: एक गंभीर स्थिति आज के समय में रिश्तों में तनाव या विवाद के चलते कुछ महिलाएं अपने पति, बॉयफ्रेंड या लिव-इन पार्टनर को सुसाइड करने की धमकी देती हैं — कभी गुस्से में, कभी ब्लैकमेल के इरादे से। लेकिन यह न केवल एक मानसिक उत्पीड़न है बल्कि पुरुष के लिए एक कानूनी …

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महिलाओं को घरेलू हिंसा होने पर सरकार से क्या मदद मिल सकती है?

महिलाओं को घरेलू हिंसा होने पर सरकार से क्या मदद मिल सकती है?

जब एक महिला पर उसके मायके या ससुराल के लोग किसी प्रकार की हिंसा करते है। तो वह कानून की नज़र में घरेलू हिंसा होती है। भारत में महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए कई कानून बनाये गए। इसके लिए सबसे पहला कानून दहेज निषेध अधिनियम,1961 बनाया गया। जिसके तहत दहेज का लेन-देन …

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