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Adv. Anjali Sandeep Kshirsagar

I am Anjali Sandeep Kshirsagar, professionally an advocate. I have 5 years experience in the realm of law. I have completed my Law I have been enrolled in the Bar council of Delhi and practicing in Delhi High Court. I'm more passionate about creating Criminal, Criminal Matter, Cyber Fraud, Money Recovery. I'm a good fit for people with businesses and individual conflicts and capable of resolving sensitive and complicated issues, identifying legal concerns, recognizing compliance with legal challenges.

Adv. Anjali Sandeep Kshirsagar
घरेलू हिंसा के केस में फोटो और वीडियो कैसे सबूत हो सकते हैं

डोमेस्टिक वायलेंस के केस में फोटो और वीडियो कैसे सबूत हो सकते हैं

एक ऐसा एक्सटर्नल साइन, फैक्ट्स, इनफार्मेशन या कुछ भी ऐसा जो लीगली सच्चाई को साबित करने के लिए कोर्ट में जज के सामने पेश किया जाता है। स्पेशली, एक ऐसा व्यक्ति जो जानबूझकर अपने द्वारा किये गए क्राइम को खुद एक्सेप्ट करता है और अपने सह-साजिशकर्ताओं के खिलाफ गवाही देता है, उसे सबूत या एविडेंस …

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एडवोकेट ने एसडीएम, एसएचओ, एचसीबीए द्वारा उत्पीड़न होने पर किया आत्मदाह

एडवोकेट ने एसडीएम, एसएचओ, एचसीबीए द्वारा उत्पीड़न होने पर किया आत्मदाह

सीकर में रहने वाले 40 साल के एक एडवोकेट हंसराज मालवीय की हाल ही में सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट के ऑफिस में खुद को आग लगाने से मौत हो गई। लॉयर ने अपने सुसाइड नोट में कहा है कि उसे सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) राकेश कुमार द्वारा परेशान किया जा रहा था और कोर्ट में रिविन्यू से रिलेटेड …

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अगर मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग आर्टिब्रेशन क्लॉज़ वाले एग्रीमेंट की वजह से उत्पन्न होता है, तो मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग वैलिड है।

अगर मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग आर्टिब्रेशन क्लॉज़ वाले एग्रीमेंट की वजह से उत्पन्न होता है, तो वह वैलिड है।

हाल ही में, दिल्ली हाई कोर्ट ने (जूकी प्राइवेट लिमिटेड v मेसर्स कैपिटल अपेरल्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड) के केस में फैसला किया कि अगर दोनों पार्टियों द्वारा साइन किये हुए एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग में कहा गया है कि बचे हुए अमाउंट की पेमेंट के लिए आर्टिब्रेशन सुनवाई की मांग की जा सकती है, तो …

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मैरिज सर्टिफिकेट इशू करना आर्य समाज का काम नहीं है।

मैरिज सर्टिफिकेट इशू करना आर्य समाज का काम नहीं है।

भारत में 1875 में एक हिंदू सुधार आंदोलन, धार्मिक संगठन के रूप में शुरू हुआ था। यह संगठन मनाता है की सभी धर्मों का एक ही भगवान है। साथ ही, यह वेदों में लिखी गयी हर बात सही होने और उसके आदर्शों और प्रथाओं में विश्वास रखता है। इस संगठन को आर्य समाज के नाम …

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नेशनल लेवल पर माइनॉरिटीज के रूप में मुस्लिम्स, क्रिस्चंस, सिखों, बौद्धों, पारसियों और जैनियों की नोटिफिकेशन को चैलेंज देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल

नेशनल लेवल पर माइनॉरिटीज़ के रूप में मुस्लिम्स, क्रिस्चंस, सिखों, बौद्धों, पारसियों और जैनियों की नोटिफिकेशन को चैलेंज देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल

देवकीनंदन ठाकुर द्वारा संविधान के आर्टिकल 29 और 30 के तहत, डिस्ट्रिक्ट लेवल पर माइनॉरिटीज़ की सही पहचान करके, उन्हें प्रॉफिट देने के लिए एक पीआईएल फाइल की गयी थी।  फाइल की गयी पीआईएल के अनुसार, 1993 में भारत सरकार/ इंडियन गवर्मेंट द्वारा मुसलमानों, सिखों, बौद्धों, पारसियों और जैनियों को नेशनल लेवल पर अल्पसंख्यक/माइनॉरिटी घोषित …

नेशनल लेवल पर माइनॉरिटीज़ के रूप में मुस्लिम्स, क्रिस्चंस, सिखों, बौद्धों, पारसियों और जैनियों की नोटिफिकेशन को चैलेंज देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल Read More »

ससुर किसी अन्य व्यक्ति के साथ अपनी बहू का रेप नहीं कर सकता- इलाहाबाद हाई कोर्ट

ससुर किसी अन्य व्यक्ति के साथ अपनी बहू का रेप नहीं कर सकता- इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपनी बहू के साथ रेप के एक आरोपी और सह-आरोपी को यह कहते हुए ऐंटिसिपेटरी बेल दे दी है कि “यह काफी अप्राकृतिक/अननेचूरल है कि एक ससुर हमारी भारतीय संस्कृति में किसी अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर अपनी ही बहू के साथ बलात्कार/रेप करे। “ फैक्ट्स: बाबू खान(आरोपी), जिन पर उनकी …

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क्या वाइफ मेंटेनेंस अमाउंट के ना मिलने पर हस्बैंड द्वारा कमाई हुई प्रापर्टी पर दावा कर सकती है?

क्या वाइफ मेंटेनेंस अमाउंट के ना मिलने पर हस्बैंड द्वारा कमाई हुई प्रापर्टी पर दावा कर सकती है?

एक अपील पर सुनवाई करते हुए, आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के जज सुब्बा रेड्डी सत्ती ने फैसला लिया कि क्योंकि इस बात का कोई एविडेंस पेश नहीं किया गया कि हस्बैंड ने अपनी वाइफ और बच्चों की बेसिक नीड्स पूरी नहीं की है, इसलिए वाइफ द्वारा हस्बैंड की खुद कमाई हुई प्रॉपर्टी पर किया गया …

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क्या भारत में पोर्न देखना गैरकानूनी है

क्या भारत में पोर्न देखना गैरकानूनी है?

पोर्नोग्राफी या पोर्न एक सेक्सुअल फोटो या वीडियो होता है, जिसे कामुकता पैदा करने के लिए या यौन उत्तेजना के उद्देश्य से बनाया जाता है। भारत में अकेले या प्रायवेटली पोर्न देखना कानूनन अपराध नहीं है, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि एक अडल्ट को उसकी पर्सनल आज़ादी के मौलिक अधिकार से वंचित भी …

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एलआईसी के आईपीओ को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

एलआईसी के आईपीओ को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

सुप्रीम कोर्ट, मद्रास हाई कोर्ट, बॉम्बे हाई कोर्ट, मनी बिल, फाइनेंस एक्ट, लाइफ इन्शुअरन्स एक्ट, 1956, एलआईसी, आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश) सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार के उस फैसले के खिलाफ पिटीशंस में अंतरिम राहत देने से मना कर दिया, जिसमें एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी का 5% आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) [थॉमस फ्रेंको …

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शादी के ख़ारिज होने और तलाक होने के बीच क्या अंतर है?

शादी के ख़ारिज होने और तलाक होने के बीच क्या अंतर है?

भारत में जैसे अलग-अलग पर्सनल लॉ के तहत शादी की प्रोसेस अलग-अलग होती है, वैसे ही डाइवोर्स की प्रोसेस भी अलग-अलग होती है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक देश है, जहां नागरिकों को अपने धर्म के पर्सनल कानूनों के प्रावधानों के अनुसार शादी और डाइवोर्स का अधिकार है। हर शादी उतनी आनंदमय नहीं होती जितनी हम …

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