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Adv. Shubham Sonkar

I am Advocate Shubham Sonkar, interested in solving intricate cases. I have 7 years of experience. I have done my graduation in Law. I am enrolled in the Bar Council of Delhi and practicing in Delhi High Court, Karkardooma Court, Patiala House Court, Supreme Court Of India, Tis Hazari Court. I'm well trained in the field of Court Marriage, Criminal Matter, Cyber Fraud, Divorce, Family, High Court, Property. I love to familiarise myself with tricky rigid cases related to both companies and individuals, identifying legal concerns and creating new and unharmed strategies for my clients.

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हिन्दू मैरिज एक्ट के सेक्शन 16 के तहत जायज़ बच्चों के अधिकार

हिन्दू मैरिज एक्ट के तहत जायज़ बच्चों के अधिकार क्या है?

हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत वोयड और वॉइडेबल मैरिज/शादी के बीच अंतर बताया गया है। एक्ट के सेक्शन 16 वोयड और वॉइडेबल मैरिज से पैदा हुए बच्चों की प्रॉपर्टी पर उनकी वैधता/वैलिडिटी और उनके अधिकारों के प्रोविज़न के बारे में बताती है। वैलिड मैरिज – हिंदू कानून के अनुसार, एक वैलिड मैरिज वह है …

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क्या भारत में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन किया जा सकता है?

क्या भारत में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन किया जा सकता है?

जब भी कोई प्रॉपर्टी खरीदी या बेची जाती है, तो उस प्रॉपर्टी का पंजीकरण/रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। कोई भी प्रॉपर्टी जो 100 रुपये से ज्यादा की कीमत पर खरीदी गई है, उसे खरीदने वाले व्यक्ति द्वारा रजिस्टर कराया जाना चाहिए। रजिस्ट्रेशन एक्ट के सेक्शन 17 के तहत जमीन का रजिस्ट्रशन किया जाता है। जिस …

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हस्बैंड जो पैसे कमाने में सक्षम है अपनी वाइफ से पर्मनेंट मेंटेनेंस नहीं मांग सकता।

हस्बैंड जो पैसे कमाने में सक्षम है अपनी वाइफ से पर्मनेंट मेंटेनेंस नहीं मांग सकता।

केस टी. सदानंद पाई v सुजाता एस पाई के फैसले में, कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा कि रोजगार करने में सक्षम व्यक्ति अपनी वाइफ से पर्मनेंट एलिमनी नहीं मांग सकता है। हस्बैंड ने हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 25 के तहत मेंटेनेंस लेने के लिए एप्लीकेशन फाइल की थी, जिसे जस्टिस आलोक अराधे और जेएम …

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जब वाइफ हस्बैंड के साथ न रहने के लिए वैलिड रीज़न नहीं दे पाई, तो सुप्रीम कोर्ट ने डाइवोर्स क्यों पास कर दिया?

क्या हस्बैंड सीआरपीसी के सेक्शन 125 से मेंटेनेंस देने से बच सकता है?

जब भी एक कपल किसी भी वजह से डाइवोर्स लेना चाहता है और इसकी मांग करता है, तो डाइवोर्स के बाद भी कपल के बीच बहुत सारे इशूज़ पैदा होते है। इसी वजह से मेंटेनेंस एक बहुत जरूरी मैटर है जिसके लिए कपल आमतौर पर लीगल हेल्प लेना चाहते है। ऐसे बहुत सारे केसिस देखने …

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बेटी का रेप करने की कोशिश करने वाले शख्स का मर्डर करने वाली 70 साल की महिला को उम्रकैद

बेटी का रेप करने की कोशिश करने वाले शख्स का मर्डर करने वाली 70 साल की महिला को उम्रकैद

हाल ही में बुलंदशहर कोर्ट ने एक 70 साल की विधवा को 20 साल के लड़के का मर्डर का दोषी पाते हुए आजीवन/पूरी ज़िंदगी के लिए जेल की सज़ा सुनाई। महिला ने मर्डर इसीलिए किया क्योंकि साल 2010 में उस लड़के ने महिला की बेटी के साथ रेप करने की कोशिश की थी। साथ ही, …

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हाई कोर्ट ने हस्बैंड को निर्देश दिया कि वाइफ को लॉयर हायर करके शादी तोड़ने की कार्यवाही करने के लिए 25000 रुपये दे।

हाई कोर्ट ने हस्बैंड को निर्देश दिया कि वाइफ को लॉयर हायर करके शादी तोड़ने की कार्यवाही करने के लिए 25000 रुपये दे।

पूजा एस v अभिषेक शेट्टी के केस में, कपल ने साल 2011 में शादी की और उनके 2 बच्चे हैं, बाद में हस्बैंड ने हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 13 (1) (i) और (ii) के तहत तलाक की मांग करते हुए याचिका दायर की। पत्नी ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत एक …

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सेक्शन 438 के तहत एंटीसिपेट्री बेल कैसे ले सकते है?

सेक्शन 438 के तहत एंटीसिपेट्री बेल कैसे ले सकते है?

बेसिकली जमानत या बेल सस्पेक्ट पर लगाई जाने वाली एक प्री-ट्रायल रीस्ट्रिक्शन होती है। इसे सस्पेक्ट मतलब जिस व्यक्ति पर कोई जुर्म करने का शक है उस पर इसीलिए लगाया जाता है ताकी वह कोर्ट की लीगल प्रोसीडिंग्स/कार्यवाही में कोई रुकावट ना डाल सके। आसान शब्दों में समझे तो किसी व्यक्ति को बेल या रिहाई …

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क्या विधवाओं के मेंटेनेंस के लिए एचयूएफ प्रॉपर्टी यूज़ की जा सकती है?

क्या विधवाओं के मेंटेनेंस के लिए एचयूएफ प्रॉपर्टी यूज़ की जा सकती है?

मुन्नी देवी उर्फ ​​नाथी देवी (मृत) v राजेंद्र उर्फ ​​लल्लू लाल (मृत) और अन्य के केस में, जज अजय रस्तोगी और जज बेला की बेंच ने माना कि जब एक हिंदू विधवा के पास ‘हिन्दू अन्डिवाइडेड फैमिली प्रॉपर्टी’ का स्पेशल कानूनी अधिकार होता है, तो यह माना जाएगा कि ऐसी प्रोपेर्टी उसके मेंटेनेंस का पूर्व-मौजूदा …

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लंबे समय तक प्रॉपर्टी में काम करने पर भी नौकर या काम करने वाले लोग प्रॉपर्टी नहीं ले सकते है।

लंबे समय तक प्रॉपर्टी में काम करने पर भी नौकर या काम करने वाले लोग प्रॉपर्टी नहीं ले सकते है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में यह फैसला लिया गया था कि घर में काम करने वाला कोई भी नौकर, सेवक या केयर टेकर, मालिक द्वारा यूज़ करने के लिए दी गई प्रॉपर्टी में किसी तरह का इंटरेस्ट/ब्याज नहीं ले सकता, भले ही वह बहुत लम्बे समय से प्रॉपर्टी उसके कब्जे में हो क्योंकि वह …

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दूर रहने वाले रिश्तेदारों पर भी वाइफ को परेशान करने का केस फाइल: बॉम्बे हाई कोर्ट

दूर रहने वाले रिश्तेदारों पर भी वाइफ को परेशान करने का केस फाइल: बॉम्बे हाई कोर्ट

जस्टिस सुनील शुक्रे और गोविंद सनप की डिवीज़न बेंच ने, राजेश हिम्मत पुंडकर vs महाराष्ट्र राज्य के केस में फाइल की गयी एक पिटीशन पर सुनवाई करते हुए हस्बैंड के रिश्तेदारों के अगेंस्ट सेक्शन 498 ए के तहत फाइल की हुई एफआईआर को रद्द करने से मना कर दिया। ऐसा यह देखते हुए किया गया …

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