क़ानून और धाराएं

भारत में धर्म के अनुसार एडॉप्शन प्रोसेस क्या है?

भारत में धर्म के अनुसार एडॉप्शन प्रोसेस क्या है?

भारत में सभी धर्मो के अलग अलग पर्सनल लॉ बनाये गए है। ताकि किसी धर्म के लोगों को परेशानी ना हो और वह अपनी ज़िंदगी अच्छे से जी पाए। इस पर्सनल लॉ के अंदर परसनल मैटर्स जैसे शादी, डाइवोर्स, चाइल्ड कस्टडी, मेंटेनेंस, आदि आता है। आईये जानते है इन पर्सनल लॉ के तहत अलग-अलग धर्मों …

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क्या दूसरी वाइफ का हस्बैंड की प्रॉपर्टी पर अधिकार है?

क्या दूसरी वाइफ का हस्बैंड की प्रॉपर्टी पर अधिकार है?

भारत में सभी धर्मों के अलग अलग पर्सनल लॉ है। उनके अनुसार वाइफ और बच्चों के अधिकार भी अलग अलग है। मुंबई हाईकोर्ट हाल ही में एक ऐसा ही केस सॉल्व कर रहा है। तो आईये जानते है कि एक वाइफ के जीवित होते हुए दूसरी वाइफ और उसके बच्चों के क्या अधिकार है।  केस …

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सारदा एक्ट: जिससे भारत में पहली बार शादी की उम्र तय की गयी थी।

सारदा एक्ट: जिससे भारत में पहली बार शादी की उम्र तय की गयी थी।

भारत में बाल विवाह की कुप्रथा बहुत प्रचलित थी। आज़ादी के पहले भी इसे रोकने के लिए कई बार नियम और कानून बनाये गए। और समय-समय पर उनमे बदलाव भी किये गए। सबसे पहली बार सारदा एक्ट के रूप में शादी की उम्र तय करने वाला कानून बनाया गया था। दरसल, सारदा एक्ट ही बाल …

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टॉप 5 राइट्स, जो हर अन मैरिड कपल को पता होने चाहिए।

टॉप 5 राइट्स, जो हर अन मैरिड कपल को पता होने चाहिए।

कई बार कपल किसी पार्क, मंदिर या किसी और पब्लिक प्लेस में बैठे होते है। और पुलिस आकर उन्हें परेशान करने लगती है। कपल को अरेस्ट करने की या उनके पेरेंट्स को इन्वॉल्व करने की बात करती है। तो कपल घबरा जाते है। ऐसे में वह पुलिस द्वारा पूछे गए नार्मल सवालों जैसे उनका नाम …

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वाइफ द्वारा हस्बैंड पर मैरिटल रेप का केस सही या गलत।

वाइफ द्वारा हस्बैंड पर मैरिटल रेप का केस सही या गलत।

दिल्ली हाई कोर्ट में एडवोकेट अमित कुमार की तरफ से एक पिटिशन फाइल की गयी थी। इस पिटिशन को फाइल करने का उनका उद्देशय था कि जब तब भारतीय दंड संहिता का सेक्शन 375 का एक्सेप्शन 2 शादी के बाद हस्बैंड, वाइफ द्वारा बनाये गए सेक्सुअल रिलेशन को रेप के अपराध से छूट देता है। …

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New laws related to adultery in India - Know what changed after the end of 497

भारत में अडल्ट्री से जुड़े नए कानून – जानिए 497 की समाप्ति के बाद क्या बदला?

भारतीय समाज में विवाह को एक पवित्र संस्था माना गया है। जब कोई विवाहित पुरुष या महिला अपने जीवनसाथी के अलावा किसी और के साथ सहमति से यौन संबंध बनाता है, तो इसे अडल्ट्री (व्यभिचार) कहा जाता है। पहले यह एक आपराधिक अपराध था, लेकिन अब कानून में बड़ा बदलाव हो चुका है। इस लेख …

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How long after marriage can a divorce be taken Know the entire legal process

शादी के कितने समय बाद तलाक लिया जा सकता है? जानें पूरी कानूनी प्रक्रिया

भारत में विवाह केवल एक सामाजिक बंधन नहीं, बल्कि यह एक कानूनी अनुबंध भी है। यह एक ऐसी संस्था है, जो पति-पत्नी के बीच कई अधिकारों और जिम्मेदारियों का निर्धारण करती है।  जब यह संबंध बिगड़ते हैं और एक साथ रहना संभव नहीं होता, तो तलाक एक कानूनी उपाय बन जाता है। लेकिन, क्या शादी …

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महिलाओं के टॉप 10 अधिकार।

महिलाओं के टॉप 10 अधिकार

भारत में महिलाओं को हमेशा ही पुरुषों से कम आँका गया है। महिलाओं के मान-सम्मान की रक्षा करने के लिए कई सारे कानून और प्रावधान भी बनाये गए है। लेकिन इनके बावजूद भी भारत की महिलाओं की स्थिति में कोई ख़ास सुधार नहीं आया है। महिलाओं की इस स्तिथि की एक वजह ये भी है …

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शादी का वादा तोड़ना अब अपराध नहीं होगा: कर्नाटक उच्च न्यायालय

शादी का वादा तोड़ना अब अपराध नहीं होगा: कर्नाटक उच्च न्यायालय

कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति (वेंकटेश) और अन्य (उसके परिवार) के खिलाफ दर्ज हुयी एक FIR को रद्द करते हुए कहा कि शादी के वादे का पालन नहीं करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का अपराध नहीं माना जाएगा। केस क्या है:- 3 मई, 2020 को एक महिला ने …

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Hindu Widow Remarriage Act 1856 History, Rights and Legal Provisions

हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856 इतिहास, अधिकार और कानूनी प्रावधान

भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति हमेशा से चर्चा का विषय रही है, विशेषकर विधवाओं की। इतिहास में एक विधवा को समाज से लगभग बहिष्कृत माना जाता था। न उन्हें पुनर्विवाह की अनुमति थी, न स्वतंत्र जीवन जीने का अधिकार। वर्तमान समय में जबकि संविधान सभी नागरिकों को समानता और गरिमा से जीने का अधिकार …

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