क़ानून और धाराएं

जानिये क्या है आनंद विवाह, क्या इसे मिलेगा हर राज्य में कानूनी दर्जा

जानिये क्या है आनंद विवाह, क्या इसे मिलेगा हर राज्य में कानूनी दर्जा

भारत में शादी कई परम्परागत तरीके से होती हैं। जैसे हिन्दुओं में विवाह, मुस्लिम्स में निकाह और सिखों में आनंद विवाह। भारत में शादियाँ कोर्ट में रजिस्टर होती है ताकि लीगल इश्यूज में या स्पाउस वीजा आदि में ये सर्टिफिकेट काम आ सके। हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 6 के अनुसार शादियों के रजिस्ट्रेशन के …

जानिये क्या है आनंद विवाह, क्या इसे मिलेगा हर राज्य में कानूनी दर्जा Read More »

special-marriage-act-1954

स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भी शादी हो सकती है रजिस्टर्ड- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करने वालों को बड़ी राहत दी है। गौरतलब है कि कोविड प्रोटोकॉल के कारण मुकदमों की सुनवाई वीडियो कोंफेरेंसिंग के माध्यम से हो रही हैं। ऐसे में बहुत से मुकदमो का भी निपटारा ऑनलाइन हुआ। लेकिन पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत …

स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भी शादी हो सकती है रजिस्टर्ड- सुप्रीम कोर्ट Read More »

Act-on-pornography-inssuficient-to-exicute-people-like-raj-kundra

पोर्नोग्राफी कानून: कितनी सजा दिलवा सकता है राज कुंद्रा को ये क़ानून

19 जुलाई को मशहूर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को अश्लील फिल्मे बनाने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया गया। एक मॉडल ने उन पर आरोप लगाया था कि उनकी कंपनी स्ट्रगलिंग ऐक्ट्रेस को काम दिलाने के नाम पर उनसे पोर्नोग्राफी करवाती है। इसके बाद राज कुंद्रा पर IPC की धारा 292, 293 …

पोर्नोग्राफी कानून: कितनी सजा दिलवा सकता है राज कुंद्रा को ये क़ानून Read More »

What is the punishment for lying in court

कोर्ट में झूठ बोलने की क्या सजा है?

कोर्ट में झूठ बोलना भारतीय कानून के तहत एक गंभीर अपराध माना जाता है। यह न केवल न्याय प्रक्रिया को बाधित करता है, बल्कि निर्दोष लोगों को नुकसान और अपराधियों को लाभ पहुंचा सकता है। इस ब्लॉग में हम कोर्ट में झूठ बोलने से जुड़े कानूनी प्रावधानों, सजा, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और इससे बचने …

कोर्ट में झूठ बोलने की क्या सजा है? Read More »

How to withdraw a case

केस कैसे वापस लें?

कानूनी मामलों में कभी-कभी पक्षकारों को केस वापस लेने की आवश्यकता महसूस होती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाता है या जब किसी कारणवश मामला आगे नहीं बढ़ सकता। आमतौर पर, जब किसी केस में विवाद का समाधान आपसी सहमति से हो जाता है, तो लोग …

केस कैसे वापस लें? Read More »

How-to-protect-your-fundamental-right

अपने फंडामेंटल राईट की रक्षा कैसे करें

भारत के संविधान ने भारत के हर नागरिक को कुछ ऐसे अधिकार दिए हैं जो उसे बहुत शक्ति प्रदान करते हैं। इन्हें हिन्दी में मौलिक अधिकार और अंग्रेजी में फंडामेंटल राईट्स (Fundamental Right) कहते हैं। ये मौलिक अधिकार हमें आजादी और सम्मान से जीने का हक़ देते हैं। संविधान के अनुसार आपातकाल यानी इमरजेंसी के …

अपने फंडामेंटल राईट की रक्षा कैसे करें Read More »

मर्डर साबित करने के लिए मर्डर वेपन बरामद होना जरूरी नहीं

मर्डर साबित करने के लिए मर्डर वेपन बरामद होना जरूरी नहीं

एक केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ह्त्या के केस में मर्डर वेपन बरामद होना अनिवार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने एक दोषी की सजा को बरकारार रखते हुए यह टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की खंडपीठ ने कहा कि मामूली बातों के लिए गवाहों …

मर्डर साबित करने के लिए मर्डर वेपन बरामद होना जरूरी नहीं Read More »

Wife can get maintenance even after One-side divorce

एकतरफा तलाक लिया हो तब भी महिला ले सकती है गुजारा भत्ता

महिलाओं के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि किसी महिला ने एकतरफा तलाक लिया है तो भी वो पति से गुजारा भत्ता ले सकती है। अगर तलाकशुदा पत्नी अपना भरण पोषण करने में असमर्थ है तो वो गुजारा भत्ता यानी मेंटीनेंस की हकदार है। यहाँ तक …

एकतरफा तलाक लिया हो तब भी महिला ले सकती है गुजारा भत्ता Read More »

Laws-Against-Cruelty-On-Animals

जानवरों के साथ अत्याचार के खिलाफ ये हैं कानून

भारत में यदि कोइ जानवरों के साथ अत्याचार करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती है। इसके लिए भारत में द प्रिवेंशन ऑफ़ क्रूलिटी टू एनिमल्स एक्ट 1960 (THE PREVENTION OF CRUELTY TO ANIMALS ACT, 1960) लागू है। लेकिन क़ानून की जानकारी के अभाव में लोग जानवरों के साथ क्रूरता करते रहते हैं और …

जानवरों के साथ अत्याचार के खिलाफ ये हैं कानून Read More »

सरोगेट मदर हैं या बच्चा लिया है गोद तो भी ले सकती हैं मातृत्व अवकाश

सरोगेट मदर हैं या बच्चा लिया है गोद तो भी ले सकती हैं मातृत्व अवकाश

माँ बनना महिलाओं के लिए दुनिया का सबसे बड़ा सुख होता है। लेकिन कामकाजी महिलाओं को, इस सुख को लेने में काफी तकलीफें होती हैं। इसलिए कामकाजी महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश की व्यवस्था के गयी है। मातृत्व लाभ कानून, 1961 माँ बनने वाली हर स्त्री को इसका लाभ देता है। मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 …

सरोगेट मदर हैं या बच्चा लिया है गोद तो भी ले सकती हैं मातृत्व अवकाश Read More »