क्या इंटरनल कमिटी ने POSH कंप्लेंट को नज़रअंदाज़ कर दिया? कर्मचारी के पास क्या कानूनी उपाय हैं?
अगर कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत करने के बाद इंटरनल कमिटी कोई कार्रवाई नहीं करती, जांच में देरी करती है या जांच रिपोर्ट की सिफारिशों पर अमल नहीं होता, तो कर्मचारी को अपने अधिकारों और आगे के कदमों को लेकर परेशानी हो सकती है। खासकर तब, जब शिकायत जिस व्यक्ति के खिलाफ की गई …










