कानूनी सलाह

कॉपीराइट और इसके फायदे

कॉपीराइट और इसके फायदे

कॉपीराइट क्या होता है? किसी भी प्रकार का कंटेंट जैसे गाने, फिल्म, पेंटिंग, लेखन, आदि, जिन्हे बनाने में एक व्यक्ति की क्षमता, एनर्जी, उसकी समझ, उसकी क्रिएटिविटी, पैसा, संसाधन आदि यूज़ होता है। कॉपीराइट लेने की क्या जरूरत हैं? अगर कोई अन्य व्यक्ति इस प्रकार के किसी भी कंटेंट को चुराता है या इसकी नक़ल …

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नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के बढ़ते केसिस के लिए और नई अदालतें बनवाने की जरूरत है।

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के बढ़ते केसिस के लिए और नई अदालतें बनवाने की जरूरत है।

वैसे तो भारत में न्याय व्यवस्था के लचीलेपन के कारण हर तरह के केसों में देरी हो ही जाती है । यही कारण हैं कि आज भी लाखों की संख्या में केस पेंडिंग में पड़े हुए हैं । एक रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान समय में भारत में लगभग 2.31 करोड़ केस पेंडिंग हैं । जिसमें …

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क्या वीजा बनवाने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट जरूरी है?

क्या वीज़ा बनवाने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत होती है?

भारत में रहने वाले वह सभी लोग जो अपना फैमिली वीज़ा (Visitors International Stay Admission) बनवाने के बारे में सोंच रहे है तो आपके पास आपका मैरिज सर्टिफिकेट होना जरूरी है।   मैरिज सर्टिफिकेट क्या है?  मैरिज सर्टिफिकेट एक कानूनी डॉक्यूमेंट होता है। मैरिज सर्टिफिकेट इस बात का कानूनी प्रूफ है कि दो व्यक्तियों की आपस …

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हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 16(3) के तहत विवाह को रद्द करने के आधार क्या है?

हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 16(3) के तहत विवाह को रद्द करने के आधार क्या है?

हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 16(3) एक महत्वपूर्ण प्रावधान है जो भारत में विवाह को रद्द करने के आधारों को रेखांकित करता है। यह खंड विवाह को रद्द करने की अवधारणा और उन परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण है जिनमें भारत में विवाह को रद्द किया जा सकता है। हिंदू विवाह अधिनियम एक कानून …

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क्या किसी अपराधी को कार बेचना अपराध है?

क्या किसी अपराधी को कार बेचना अपराध है?

भारत में किसी अपराधी को कार बेचने से विक्रेता के लिए गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। इस लेख में, हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि अपराधी को कार बेचने में क्या शामिल है और संभावित परिणाम जो विक्रेता को भुगतने पड़ सकते हैं। अपराधी को कार बेचना क्या है? एक अपराधी को कार …

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नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत केसिस को जल्दी सुलझाने के लिए क्या कदम उठाये जा सकते है?

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के केस को जल्द सुलझाने का क्या तरीका है?

भारतीय कानूनी प्रणाली में खोजे जा सकने वाले मामलों के सबसे बड़े जत्थों में से एक निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 से सम्बंधित केस शामिल हैं। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जिन्हें एक स्वत: संज्ञान रिट याचिका मामले में एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया गया था, उस ने तर्क दिया कि अदालतों के समक्ष …

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What is a summary suit A quick and effective way to recover money under Order 37 CPC

समरी सूट क्या है? आदेश 37 CPC के तहत पैसे की वसूली का तेज़ और असरदार तरीका

समरी सूट का अर्थ और उद्देश्य समरी सूट (Summary Suit) एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया है जिसमें न्यायालय बिना लंबी सुनवाई और गवाही के, केवल दस्तावेज़ों के आधार पर पैसा वसूलने के दावे का निपटारा कर सकती है। यह उन मामलों के लिए उपयुक्त है जहाँ कोई व्यक्ति या संस्था स्पष्ट रूप से पैसे की बकाया …

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हम जमानत के लिए वकील कैसे रख सकते हैं?

हम जमानत के लिए वकील कैसे रख सकते हैं?

जब किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है तो उसे जमानत पाने का कानूनी अधिकार होता है। जमानत पुलिस की हिरासत से एक व्यक्ति की कानूनी रिहाई है जिस पर कुछ अपराधों का आरोप लगाया गया है। किसी भी व्यक्ति को अपनी जमानत के लिए वकील की ज़रूरत होती है।  आइये आज के इस लेख …

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आरटीआई फाइल करने की पूरी प्रोसेस क्या है?

आरटीआई फाइल करने की पूरी प्रोसेस क्या है?

सूचना का अधिकार अधिनियम लागू करने का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को ज्यादा शक्ति देना है। ऐसा करने के लिए, राष्ट्र की सरकार को उनके द्वारा किए जाने वाले कामों के लिए जवाबदेह होना चाहिए, भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहिए, और वास्तव में लोकतंत्र के लिए काम करना चाहिए। जिन नागरिकों को अपने देश, …

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Compromise in cheque bounce case cannot be ignored Latest Supreme Court judgement

चेक बाउंस मामले में समझौता नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट का नवीनतम फैसला

हाल के समय में भारत में चेक बाउंस के मामले बहुत सामान्य हो गए हैं, और इनसे जुड़ी कानूनी जटिलताएँ अक्सर चर्चा का विषय बनती हैं। ये मामले आमतौर पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत आते हैं, जब कोई व्यक्ति अपना कर्ज चुकाने के लिए चेक देता है, लेकिन चेक अदा …

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