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भारत में महिलाओं के पास क्या-क्या अधिकार है?

भारत में महिलाओं के पास क्या-क्या अधिकार है?

भारत का संविधान हर व्यक्ति को चाहे वह स्त्री हो या पुरुष एक ही नज़र से देखता है। भारत के संविधान में सभी एक बराबर हैं। मगर समाज ने जिस तरह से महिलाओं के प्रति हीन भावना रखी है उस ने एक लंबे वक्त तक महिलाओ को असहज रखा हुआ है। इसी असहजता से उबारने …

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डाइवोर्स कितने प्रकार के होते है?

डाइवोर्स कितने प्रकार के होते है?

तलाक किसी भी शादीशुदा जोड़े के लिए किसी दुरास्वप्न से कम नहीं होता है। मगर तलाक अक्सर परिस्थिति जन्य ही होते हैं। शादीशुदा जीवन मे कुछ मामलों का बढ़ जाना कभी कभी तलाक की नौबत बन सकता है और कभी कभी यह आपसी सहमति के साथ ही एक अच्छे नोट पर लिया जाता है। सवाल …

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What is an agreement Know in easy language

एग्रीमेंट क्या होता है? जानिए आसान भाषा में

“समझौता” या एग्रीमेंट एक ऐसा कानूनी दस्तावेज़ होता है जिसमें दो या दो से अधिक पक्ष आपस में किसी काम को करने या न करने को लेकर सहमति जताते हैं। यह मौखिक भी हो सकता है, लेकिन अधिकतर मामलों में इसे लिखित रूप में तैयार किया जाता है ताकि भविष्य में इसे प्रमाण के रूप …

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मानहानि में कौन सी धारा लगती है

किन परिस्थितियों में मानहानि का मुकदमा दायर कर सकते है?

विधि द्वारा एक व्यक्ति की प्रतिष्ठा को संरक्षित किया जाता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 11 के अनुसार जहां इंजरी को परिभाषित किया गया है वहाँ पर भी ” शरीर, दिमाग़, सम्पत्ति जैसे शब्दों के साथ ही रेप्यूटेशन यानि की इज़्ज़त की भी बात की गई है”। मानहानि को भारतीय दंड संहिता द्वारा धारा 499 …

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वेबसाइट पॉलिसीज़ का क्या महत्व हैं?

वेबसाइट पॉलिसीज़ का क्या महत्व है?

नीतियां (Policies) किसी भी बिज़नेस या किसी भी संगठन (organisation) के लिए सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक हैं। किसी भी कंपनी के काम करने की प्रक्रियाएं, तरीके, कानूनी नीतियां, व्यापार मॉडल, आदि की सभी डिटेल्स उस कंपनी की नीतियों में परिभाषित की जाती हैं। आम तौर पर गोपनीयता नीति (privacy policy) किसी भी वेबसाइट …

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How to fight a cheque bounce case

चेक बाउंस का केस कैसे लड़ें?

चेक बाउंस क्या होता है? जब कोई व्यक्ति किसी को भुगतान के लिए चेक देता है, और उस चेक को बैंक में प्रस्तुत करने पर बैंक उसे पर्याप्त राशि के अभाव में डिशॉनर (dishonour) कर देता है, तो उसे चेक बाउंस कहा जाता है। इसे बैंकिंग और कानून की भाषा में चेक का अनादर भी …

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कॉरपोरेट कानून के लिए कॉन्ट्रैक्ट कैसे तैयार किये जाते है?

कॉरपोरेट के लिए कॉन्ट्रैक्ट कैसे तैयार किये जाते है?

अनुबंधों (Contracts) और समझौतों (agreements) को कॉरपोरेट की दुनिया का दिल माना जाता है। इसलिए, यह समझना जरूरी है कि सभी कॉन्ट्रैक्ट को बहुत ही सावधानीपूर्वक तैयार किया जाना चाहिए ताकि पार्टियों के बीच भविष्य में पैदा होने वाली किसी भी प्रकार की गलतफहमी को पहले ही ख़त्म किया जा सके। जैसा पहले भी कहा …

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एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स कितने प्रकार के होते है?

एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स कितने प्रकार के होते है?

आजकल लोग नौकरी करने से ज्यादा स्टार्टअप को पसंद कर रहे है। मार्किट में एक नए बिज़नेस की स्थापना करने को स्टार्टअप खोलना कहते है। ऐसा जरूरी नहीं है कि इसे एक बड़े स्तर/लेवल पर खोला जाये, छोटे स्तर पर एक नए बिज़नेस की शुरुवात करने की भी स्टार्टअप ही कहा जाता है। चाहें कोई …

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कॉन्ट्रैक्ट ड्राफ्टिंग से आप क्या समझते है?

कॉन्ट्रैक्ट ड्राफ्टिंग क्या है?

एक कॉन्ट्रैक्ट एक लिखित समझौता (written agreement) होता है जो दो या दो से ज्यादा पार्टियों के बीच अलग-अलग प्रकार का संबंध बनाता है और हर पार्टी के दायित्वों और अधिकारों के बारे में बताता है। इस प्रकार के कॉन्ट्रैक्ट्स किसी भी कुशल लॉयर से ड्राफ्ट कराये जा सकते है। कॉन्ट्रैक्ट को ड्राफ्ट करने का …

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Company is not paying salary on time? Know your legal rights and solutions

कंपनी समय पर सैलरी नहीं दे रही? जानिए अपने कानूनी अधिकार और समाधान

जब मेहनताना ही न मिले – आपने समय पर काम किया, टारगेट पूरा किया, ओवरटाइम तक लगाया… लेकिन जब महीने के आखिर में तनख्वाह नहीं आई तो सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है – अब क्या करें? भारत के श्रमिक कानून न केवल न्यूनतम वेतन की गारंटी देते हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करते हैं कि …

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