ऑनलाइन फ्रॉड के नए तरीके कैसे पहचानें और खुद को कैसे बचाएं?

New Methods of Online Fraud – How to Identify Them and Protect Yourself

भारत आज दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन चुका है। करोड़ों लोग बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, पढ़ाई और आपसी बातचीत के लिए स्मार्टफोन और इंटरनेट का उपयोग करते हैं। डिजिटल सुविधाओं ने लोगों का जीवन आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़े हैं।ऑनलाइन फ्रॉड बढ़ने के कई कारण हैं, जैसे:

  • UPI और डिजिटल पेमेंट का तेजी से बढ़ता उपयोग।
  • सोशल मीडिया पर लोगों की बढ़ती निर्भरता।
  • साइबर सुरक्षा के बारे में पर्याप्त जानकारी का अभाव।
  • इंटरनेट पर व्यक्तिगत जानकारी का आसानी से उपलब्ध होना।
  • ठगों द्वारा नई और विकसित तकनीकों का इस्तेमाल।
  • डर, लालच या जल्दबाजी का फायदा उठाकर लोगों को फंसाना।

सबसे बड़ी समस्या यह है कि आज के फ्रौड़स्टर खुद को भरोसेमंद व्यक्ति के रूप में पेश करते हैं। वे कभी बैंक अधिकारी, कभी पुलिस अधिकारी, कभी डिलीवरी एजेंट, कभी निवेश सलाहकार, कभी नौकरी देने वाले व्यक्ति और कभी-कभी रिश्तेदार बनकर लोगों से संपर्क करते हैं।

इसलिए ऑनलाइन फ्रॉड से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि पहले यह समझा जाए कि ये ठगी कैसे की जाती है। जब आप इनके तरीकों को जानेंगे, तभी आप खुद को और अपने परिवार को ऐसे साइबर अपराधों से सुरक्षित रख पाएंगे।

क्या आप को कानूनी सलाह की जरूरत है ?

फोन पर गिरफ्तारी का डर: डिजिटल अरेस्ट स्कैम का सच

डिजिटल अरेस्ट स्कैम भारत में तेजी से बढ़ने वाले सबसे खतरनाक ऑनलाइन फ्रॉड में से एक है। इसमें फ्रौड़स्टर लोगों को डराकर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं।

यह फ्रॉड कैसे किया जाता है?

फ्रौड़स्टर किसी सरकारी अधिकारी का रूप धारण करके फोन या वीडियो कॉल करते हैं। वे खुद को पुलिस अधिकारी, CBI अधिकारी, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) अधिकारी, टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताते हैं। इसके बाद वे झूठी बातें कहकर व्यक्ति को डराने की कोशिश करते हैं, जैसे:

  • आपका आधार कार्ड किसी अपराध में इस्तेमाल हुआ है।
  • आपके मोबाइल नंबर का उपयोग गैर-कानूनी गतिविधियों में किया गया है।
  • आपके नाम से भेजे गए पार्सल में अवैध सामान मिला है।
  • आपके खिलाफ कार्रवाई होने वाली है और आपको तुरंत सहयोग करना होगा।

डर पैदा करने के बाद फ्रौड़स्टर व्यक्ति से कहते हैं कि जांच, सत्यापन या सुरक्षा जांच के नाम पर तुरंत पैसे ट्रांसफर करें।

ऐसे फ्रॉड की पहचान कैसे करें? 

निम्न संकेत मिलने पर तुरंत सतर्क हो जाएं:

  • फोन पर तुरंत गिरफ्तारी की धमकी देना।
  • बिना समय दिए तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाना।
  • व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर बात करने के लिए मजबूर करना।
  • किसी को जानकारी न देने और अकेले रहने के लिए कहना।

AI वॉइस क्लोनिंग स्कैम: जब आपकी अपनों की आवाज बन जाए ठगी का हथियार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के तरीके भी पहले से अधिक खतरनाक और आधुनिक हो गए हैं। AI वॉइस क्लोनिंग स्कैम ऐसा ही एक नया फ्रॉड है, जिसमें फ्रौड़स्टर किसी व्यक्ति की आवाज की हूबहू नकल करके लोगों को धोखा देते हैं।

यह फ्रॉड कैसे किया जाता है? 

फ्रौड़स्टर सबसे पहले किसी व्यक्ति की आवाज के नमूने इकट्ठा करते हैं। ये नमूने उन्हें अक्सर सोशल मीडिया वीडियो, वॉइस मैसेज, यूट्यूब वीडियो, सार्वजनिक इंटरव्यू से मिल जाते हैं।

इसके बाद AI तकनीक की मदद से वे उस व्यक्ति जैसी बिल्कुल मिलती-जुलती आवाज तैयार कर लेते हैं। फिर पीड़ित व्यक्ति को फोन करके ऐसा दिखाया जाता है जैसे उसका कोई रिश्तेदार या दोस्त बात कर रहा हो। फ्रौड़स्टर अक्सर घबराहट पैदा करने वाली बातें कहते हैं, जैसे:

  • मेरा एक्सीडेंट हो गया है।
  • मैं किसी मुसीबत में फंस गया हूँ।
  • मुझे तुरंत पैसों की जरूरत है।
  • कृपया अभी पैसे भेज दो।

घबराहट और भावनात्मक दबाव में आकर कई लोग बिना जांच-पड़ताल किए पैसे भेज देते हैं।

ऐसे फ्रॉड की पहचान कैसे करें? 

निम्न संकेत मिलने पर सावधान हो जाएं:

  • तुरंत पैसे भेजने की मांग करना।
  • डर या भावनाओं का दबाव बनाना।
  • पहचान से जुड़े सवालों का सही जवाब न देना।
  • किसी अनजान या नए नंबर से कॉल आना।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

  • पैसे भेजने से पहले उस व्यक्ति को उसके पुराने या ज्ञात नंबर पर वापस कॉल करें।
  • किसी अन्य परिवार के सदस्य या परिचित से जानकारी की पुष्टि करें।
  • परिवार के भीतर एक गुप्त कोड या पहचान शब्द तय करें, जिसे केवल परिवार के लोग जानते हों।
  • केवल आवाज सुनकर किसी भी आर्थिक लेन-देन का फैसला न करें।

थोड़ी सी सावधानी और पुष्टि करने की आदत आपको इस तरह के AI आधारित फ्रॉड से बचा सकती है।

इसे भी पढ़ें:  सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पेटिशन कब और कैसे फाइल करें?

व्हाट्सएप इम्पर्सोनेशन स्कैम: जब कोई आपका परिचित बनकर पैसे मांगता है

व्हाट्सएप आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसी का फायदा उठाकर फ्रौड़स्टर लोगों को धोखा देने के लिए व्हाट्सएप इम्पर्सोनेशन स्कैम का इस्तेमाल करते हैं। यह ऑनलाइन फ्रॉड के सबसे आम तरीकों में से एक है।

यह फ्रॉड कैसे किया जाता है?

इस प्रकार के फ्रॉड में फ्रौड़स्टर किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके नया व्हाट्सएप अकाउंट बना लेते हैं। इसके लिए वे:

  • किसी व्यक्ति की फोटो का उपयोग करते हैं।
  • उसी या उससे मिलते-जुलते नाम का इस्तेमाल करते हैं।
  • सोशल मीडिया या अन्य स्रोतों से प्राप्त प्रोफाइल जानकारी का उपयोग करते हैं।

इसके बाद वे उस व्यक्ति के दोस्तों, रिश्तेदारों या परिचितों को मैसेज भेजते हैं और पैसों की मांग करते हैं। अक्सर ऐसे संदेश कुछ इस प्रकार होते हैं:

  • मुझे तुरंत पैसों की जरूरत है।
  • कृपया अभी पैसे ट्रांसफर कर दीजिए।
  • मैं किसी जरूरी काम में फंस गया हूँ।

कई बार लोग अपने परिचित की फोटो और नाम देखकर भरोसा कर लेते हैं और बिना पुष्टि किए पैसे भेज देते हैं।

ऐसे फ्रॉड की पहचान कैसे करें? 

निम्न संकेत मिलने पर सावधान हो जाएं:

  • किसी नए नंबर से मैसेज आना और खुद को आपका परिचित बताना।
  • अचानक पैसों की मांग करना।
  • फोन कॉल पर बात करने से बचना या कॉल उठाने से इंकार करना।
  • जल्दी-जल्दी पैसे भेजने का दबाव बनाना।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

  • पैसे भेजने से पहले उस व्यक्ति को उसके पुराने और ज्ञात नंबर पर कॉल करें।
  • किसी अन्य परिवार के सदस्य या मित्र से जानकारी की पुष्टि करें।
  • केवल व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर पैसे ट्रांसफर न करें।
  • किसी भी आर्थिक लेन-देन से पहले पहचान की पूरी तरह जांच कर लें।

QR कोड स्कैम: एक स्कैन और खाते से पैसे गायब

आजकल QR कोड का उपयोग भुगतान करने और प्राप्त करने के लिए बहुत आम हो गया है। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर फ्रौड़स्टर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।

यह फ्रॉड कैसे किया जाता है?

इस प्रकार के फ्रॉड में फ्रौड़स्टर व्यक्ति को फोन, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क करते हैं और कहते हैं:

  • आपका रिफंड तैयार है।
  • आपको पैसे वापस भेजे जा रहे हैं।
  • इनाम या कैशबैक प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन करें।

कई लोग यह मान लेते हैं कि QR कोड स्कैन करने से उनके खाते में पैसे आएंगे। लेकिन वास्तव में QR कोड स्कैन करने के बाद कई बार उनके खाते से ही पैसे कट जाते हैं।

ऐसे फ्रॉड की पहचान कैसे करें? 

निम्न संकेत मिलने पर सावधान हो जाएं:

  • किसी अनजान व्यक्ति द्वारा QR कोड भेजा जाना।
  • QR कोड स्कैन करके पैसे प्राप्त करने का दावा करना।
  • तुरंत स्कैन करने और जल्दी निर्णय लेने का दबाव बनाना।

याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बात

सामान्यतः QR कोड स्कैन करने का उपयोग भुगतान करने के लिए किया जाता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं। यदि कोई व्यक्ति QR कोड स्कैन करके पैसे मिलने की बात कह रहा है, तो पहले पूरी जानकारी की जांच अवश्य करें। थोड़ी सी सावधानी आपको इस प्रकार के फ्रॉड से बचा सकती है।

UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट फ्रॉड: एक क्लिक में हो सकता है नुकसान

UPI ने पैसों के लेन-देन को बेहद आसान बना दिया है। लेकिन इसकी बढ़ती लोकप्रियता के साथ साइबर अपराधी और फ्रौड़स्टर भी नए-नए तरीके अपनाने लगे हैं।

यह फ्रॉड कैसे किया जाता है? 

इस फ्रॉड में व्यक्ति को UPI ऐप पर एक “Collect Request” भेजी जाती है। फ्रौड़स्टर दावा करते हैं कि:

  • आपके खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं।
  • आपका रिफंड जारी किया गया है।
  • आपको पुरस्कार या कैशबैक मिल रहा है।

लेकिन वास्तविकता में जब व्यक्ति उस रिक्वेस्ट को स्वीकार करता है, तो उसके खाते से पैसे कट जाते हैं।

ऐसे फ्रॉड की पहचान कैसे करें? 

निम्न संकेत मिलने पर सावधान हो जाएं:

  • UPI रिक्वेस्ट को पढ़े बिना स्वीकार करना।
  • फोन पर बात कर रहा व्यक्ति जल्दी-जल्दी रिक्वेस्ट स्वीकार करने का दबाव बनाए।
  • रिफंड या इनाम पाने के लिए रिक्वेस्ट मंजूर करने को कहा जाए।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

  • किसी भी UPI नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें।
  • किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई Collect Request को स्वीकार न करें।
  • पैसे आने और पैसे जाने वाले अनुरोधों के बीच का अंतर समझें।

फेक इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग स्कैम: ज्यादा मुनाफे का लालच पड़ सकता है भारी

आजकल ऑनलाइन ट्रेडिंग, शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी का फायदा उठाकर फ्रौड़स्टर लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें:  ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन हो गया है? जानिए कैसे करें बहाली

यह फ्रॉड कैसे किया जाता है?

इस प्रकार के फ्रॉड में फ्रौड़स्टर लोगों से संपर्क करने के लिए विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करते हैं, जैसे व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल, फेसबुक विज्ञापन और फर्जी निवेश वेबसाइट्स।

फ्रौड़स्टर अक्सर खुद को किसी बड़ी निवेश कंपनी का प्रतिनिधि, शेयर बाजार विशेषज्ञ, क्रिप्टोकरेंसी सलाहकार या AI आधारित ट्रेडिंग कंपनी का अधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।

शुरुआत में लोगों का विश्वास जीतने के लिए वे छोटे निवेश पर कुछ लाभ भी दिखा सकते हैं। इससे व्यक्ति को लगता है कि निवेश वास्तव में लाभदायक है।

लेकिन जब व्यक्ति बड़ी रकम निवेश कर देता है, तो फ्रौड़स्टर पैसे लेकर गायब हो जाते हैं या निवेशक को अपने पैसे निकालने नहीं देते।

ऐसे फ्रॉड की पहचान कैसे करें? 

निम्न संकेत मिलने पर तुरंत सावधान हो जाएं:

  • बिना किसी जोखिम के बहुत अधिक मुनाफे का वादा करना।
  • तुरंत निवेश करने का दबाव बनाना।
  • किसी गैर-पंजीकृत या संदिग्ध ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करना।
  • कंपनी के खाते की बजाय किसी व्यक्ति के निजी बैंक खाते में पैसे भेजने को कहना।
  • निवेश से हुए कथित लाभ को निकालने की अनुमति न देना।
  • बार-बार अतिरिक्त पैसे जमा करने के लिए कहना।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

  • किसी भी निवेश से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी जांच करें।
  • केवल अधिकृत और विश्वसनीय निवेश प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
  • “पैसा दोगुना” या “गारंटीड रिटर्न” जैसे दावों पर भरोसा न करें।
  • किसी भी निवेश निर्णय से पहले स्वतंत्र वित्तीय सलाह प्राप्त करें।
  • किसी अनजान व्यक्ति की सलाह पर बड़ी राशि निवेश न करें।

KYC अपडेट स्कैम: बैंक खाते को बंद करने का डर दिखाकर की जाती है ठगी

KYC अपडेट स्कैम भारत में सबसे आम बैंकिंग फ्रॉड में से एक है। इस प्रकार के फ्रॉड में फ्रौड़स्टर बैंक का अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और उनकी बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।

यह फ्रॉड कैसे किया जाता है? 

फ्रौड़स्टर अक्सर SMS, व्हाट्सएप मैसेज, ईमेल या फोन कॉल के माध्यम से लोगों से संपर्क करते हैं और दावा करते हैं कि उनका KYC अपडेट नहीं है। वे यह भी कहते हैं कि यदि तुरंत KYC अपडेट नहीं किया गया तो बैंक खाता बंद किया जा सकता है या उस पर रोक लगाई जा सकती है।

इसके बाद वे व्यक्ति को किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, OTP साझा करने, कोई मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने या बैंक खाते की जानकारी, ATM कार्ड विवरण तथा UPI PIN दर्ज करने के लिए कहते हैं। इन जानकारियों का उपयोग करके वे बैंक खाते तक पहुंच प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

जैसे ही व्यक्ति यह जानकारी साझा करता है, फ्रौड़स्टर उसके बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं।

ऐसे फ्रॉड की पहचान कैसे करें? 

निम्न संकेत मिलने पर तुरंत सावधान हो जाएं:

  • किसी अनजान या गैर-आधिकारिक नंबर से KYC अपडेट का संदेश आना।
  • बैंक खाता तुरंत बंद होने की धमकी देना।
  • OTP, UPI PIN या बैंकिंग जानकारी मांगना।
  • किसी लिंक पर क्लिक करने या ऐप डाउनलोड करने के लिए कहना।
  • मोबाइल या कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस मांगना।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

  • KYC से संबंधित किसी भी जानकारी की पुष्टि सीधे अपने बैंक की आधिकारिक शाखा, वेबसाइट या ग्राहक सेवा से करें।
  • किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, ATM PIN या पासवर्ड साझा न करें।
  • किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
  • केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन का ही उपयोग करें।
  • किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने मोबाइल या कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस न दें।

जॉब और वर्क-फ्रॉम-होम स्कैम: नौकरी के नाम पर ठगी

नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और अतिरिक्त आय कमाने की इच्छा रखने वालों को फ्रौड़स्टर अक्सर जॉब और वर्क-फ्रॉम-होम स्कैम का शिकार बनाते हैं।

यह फ्रॉड कैसे किया जाता है? 

फ्रौड़स्टर सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, टेलीग्राम या जॉब पोर्टल्स पर आकर्षक नौकरी के विज्ञापन देते हैं, जैसे:

  • आसान ऑनलाइन जॉब,
  • डेटा एंट्री का काम,
  • घर बैठे अच्छी कमाई।

इसके बाद वे रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट या ट्रेनिंग शुल्क के नाम पर पैसे मांगते हैं। पैसे मिलने के बाद वे संपर्क बंद कर देते हैं।

ऐसे फ्रॉड की पहचान कैसे करें?

  • बिना इंटरव्यू नौकरी देने का दावा।
  • नौकरी से पहले पैसे जमा करने की मांग।
  • बहुत कम काम के बदले बहुत ज्यादा सैलरी का वादा।
  • कंपनी का सही पता या आधिकारिक जानकारी न होना।
इसे भी पढ़ें:  मेडिकल नेग्लिजेंस साबित करने के लिए क्या सबूत जरूरी हैं?

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

  • नौकरी देने से पहले कंपनी की जानकारी जांचें।
  • किसी भी जॉब के लिए अग्रिम भुगतान न करें।
  • केवल विश्वसनीय जॉब पोर्टल्स और कंपनियों पर भरोसा करें।

ऑनलाइन फ्रॉड के ऐसे संकेत जिन्हें कभी नजरअंदाज न करें

यदि आपको कोई फोन कॉल, मैसेज, ईमेल या निवेश का प्रस्ताव मिले, तो निम्न संकेतों पर विशेष ध्यान दें। ये अक्सर ऑनलाइन फ्रॉड की पहचान होते हैं:

  • तुरंत निर्णय लेने या पैसे भेजने का दबाव बनाना।
  • बिना जोखिम के गारंटीड मुनाफे का वादा करना।
  • OTP, UPI PIN या पासवर्ड मांगना।
  • बैंकिंग या अन्य निजी जानकारी साझा करने के लिए कहना।
  • गिरफ्तारी, कानूनी कार्रवाई या बैंक खाता बंद करने की धमकी देना।
  • कोई अनजान मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहना।
  • किसी अनजान व्यक्ति द्वारा QR कोड भेजना।
  • फर्जी या अप्रमाणित अकाउंट से संदेश आना।
  • किसी व्यक्ति के निजी बैंक खाते में पैसे भेजने के लिए कहना।
  • ऐसे ऑफर देना जो सामान्य से कहीं अधिक आकर्षक और अविश्वसनीय लगें।

याद रखें, यदि कोई प्रस्ताव बहुत अच्छा लग रहा है या आपको जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, तो सावधान हो जाइए। थोड़ी सी जांच और सतर्कता आपको ऑनलाइन फ्रॉड से बचा सकती है।

साइबर जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा क्यों है?

अधिकांश साइबर फ्रॉड केवल तकनीक की वजह से सफल नहीं होते, बल्कि इसलिए सफल होते हैं क्योंकि फ्रौड़स्टर लोगों की भावनाओं का फायदा उठाते हैं। वे अक्सर लोगों को फंसाने के लिए डर, लालच, जिज्ञासा, जल्दबाजी, भरोसे का इस्तेमाल करते हैं।

जब लोगों को साइबर फ्रॉड के तरीकों की जानकारी होती है, तो वे ऐसे जाल में आसानी से नहीं फंसते। जागरूक व्यक्ति किसी भी कॉल, मैसेज, लिंक या निवेश प्रस्ताव पर तुरंत भरोसा नहीं करता, बल्कि पहले उसकी जांच करता है।

यही कारण है कि साइबर जागरूकता ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है। जितना अधिक व्यक्ति जागरूक होगा, उतना ही मुश्किल होगा कि कोई फ्रौड़स्टर उसे अपना शिकार बना सके।

निष्कर्ष

आज साइबर फ्रॉड मोबाइल, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, ईमेल और फर्जी कॉल के जरिए तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए सतर्क और जागरूक रहना सबसे जरूरी है। भारत में ऐसे अपराधों के खिलाफ कानून मौजूद हैं, लेकिन आपकी सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

किसी भी लिंक पर क्लिक करने, OTP साझा करने या पैसे भेजने से पहले जानकारी की जांच अवश्य करें। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

किसी भी कानूनी सहायता के लिए लीड इंडिया से संपर्क करें। हमारे पास लीगल एक्सपर्ट की पूरी टीम है, जो आपकी हर संभव सहायता करेगी।

FAQs

Q.1. यदि मैं ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो जाऊं तो मुझे सबसे पहले क्या करना चाहिए?

यदि आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, अपने बैंक को सूचित करें, सभी सबूत सुरक्षित रखें और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

Q.2. ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कौन-सी धारा लागू हो सकती है?

ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318 (धोखाधड़ी) लागू हो सकती है। यदि किसी ने किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण करके फ्रॉड किया है, तो धारा 319 भी लागू हो सकती है।

Q.3. क्या UPI फ्रॉड में खोया हुआ पैसा वापस मिल सकता है?

हां, यदि फ्रॉड की जानकारी तुरंत बैंक, साइबर पुलिस और हेल्पलाइन 1930 को दी जाए, तो पैसे की रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि हर मामले में पैसा वापस मिलना सुनिश्चित नहीं होता।

Q.4. क्या किसी के नाम और फोटो से फर्जी व्हाट्सएप या सोशल मीडिया अकाउंट बनाना अपराध है?

हां, किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का गलत उपयोग करके फर्जी अकाउंट बनाना अपराध है। ऐसे मामलों में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 66C, धारा 66D तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 319 लागू हो सकती है।

Q.5. फेक इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग स्कैम के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है?

पीड़ित व्यक्ति साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है, पुलिस में FIR करा सकता है और फ्रॉड की प्रकृति के अनुसार भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318 तथा इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 66D के तहत कार्रवाई की मांग कर सकता है।

Social Media