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Adv. Anjali Sandeep Kshirsagar

I am Anjali Sandeep Kshirsagar, professionally an advocate. I have 5 years experience in the realm of law. I have completed my Law I have been enrolled in the Bar council of Delhi and practicing in Delhi High Court. I'm more passionate about creating Criminal, Criminal Matter, Cyber Fraud, Money Recovery. I'm a good fit for people with businesses and individual conflicts and capable of resolving sensitive and complicated issues, identifying legal concerns, recognizing compliance with legal challenges.

Adv. Anjali Sandeep Kshirsagar
हिंदू और मुस्लिम विवाह के लिए कानूनी प्रक्रिया क्या है?

हिंदू और मुस्लिम विवाह के लिए कानूनी प्रक्रिया क्या है?

हिंदू और मुस्लिम विवाह दो अलग-अलग धार्मिक परंपराएँ हैं, लेकिन दोनों ही एक सामाजिक बंधन के रूप में महत्वपूर्ण हैं। विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं है, बल्कि यह परिवारों, समुदायों, और संस्कृतियों का भी मिलन होता है। इस ब्लॉग में हम विवाह के कानूनी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे, ताकि दोनों समुदायों के …

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क्या नोटरी पर की गई शादी मान्य होती है?

क्या नोटरी पर की गई शादी मान्य होती है?

भारत में शादी एक महत्वपूर्ण सामाजिक और कानूनी बंधन है। यह केवल दो व्यक्तियों के बीच प्रेम का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह एक विधिक प्रक्रिया भी है, जो समाज और कानून के द्वारा मान्यता प्राप्त है। शादी के विभिन्न तरीके हैं, जिनमें से एक तरीका नोटरी एफिडेविट के माध्यम से विवाह करना है। हालांकि, …

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भारत में चाइल्ड कस्टडी के कानूनी पहलू क्या है?

भारत में चाइल्ड कस्टडी के कानूनी पहलू क्या है?

चाइल्ड कस्टडी का अर्थ बच्चों की देखरेख, पालन-पोषण और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। जब माता-पिता का तलाक होता है, तो यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है कि बच्चे किसके साथ रहेंगे। इस प्रक्रिया में विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है, जैसे कि बच्चों की उम्र, उनके मानसिक और भावनात्मक विकास, और …

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क्या हाई कोर्ट से मौलिक अधिकारों की सुरक्षा का आदेश प्राप्त किया जा सकता है?

क्या हाई कोर्ट से मौलिक अधिकारों की सुरक्षा का आदेश प्राप्त किया जा सकता है?

भारतीय संविधान मौलिक अधिकारों का एक महत्वपूर्ण ढांचा प्रदान करता है, जो प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता, समानता और न्याय का आश्वासन देता है। ये अधिकार हमारे जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित करते हैं। लेकिन ये अधिकार केवल कागज पर नहीं होते; उनका सही तरीके से कार्यान्वयन भी जरूरी है। जब किसी नागरिक के मौलिक …

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महिलाओं के संपत्ति पर क्या अधिकार होते है?

 महिलाओं के संपत्ति पर क्या अधिकार होते है?

भारत में महिलाओं के संपत्ति अधिकारों का मुद्दा एक जटिल और महत्वपूर्ण विषय है। यह न केवल कानूनी और आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ में भी इसकी गहरी जड़ें हैं। ऐतिहासिक रूप से, महिलाओं को संपत्ति में अधिकारों से वंचित रखा गया है, और यह समस्या आज भी कई रूपों …

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तलाक की प्रक्रिया में किन कदमों का पालन करना चाहिए?

तलाक की प्रक्रिया में किन कदमों का पालन करना चाहिए?

तलाक एक ऐसा विषय है जिसे समाज में अक्सर छुपाया जाता है। यह न केवल एक वैवाहिक बंधन का समाप्त होना है, बल्कि यह भावनात्मक, मानसिक और सामाजिक प्रभावों से भी जुड़ा होता है। इस ब्लॉग में हम तलाक के विभिन्न पहलुओं, कारणों, प्रक्रिया, कानूनी सलाह और उसके प्रभावों पर चर्चा करेंगे। तलाक के कारण …

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विवाह की कानूनी प्रक्रिया क्या होती है?

विवाह की कानूनी प्रक्रिया क्या होती है?

विवाह की परिभाषा क्या है? विवाह एक सामाजिक और कानूनी बंधन है, जिसमें दो व्यक्तियों के बीच संबंध स्थापित होता है। यह बंधन न केवल व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि यह कई कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को भी शामिल करता है। भारतीय संविधान में विवाह की प्रक्रिया को अनुच्छेद 21 के तहत जीवन …

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लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान कानूनी विवादों से कैसे बचें?

लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान कानूनी विवादों से कैसे बचें?

लिव-इन रिलेशनशिप क्या है? लिव-इन रिलेशनशिप एक ऐसा संबंध है जिसमें दो लोग एक साथ रहते हैं, बिना शादी के। यह संबंध अक्सर एक दूसरे के प्रति प्रतिबद्धता, प्यार और समझ पर आधारित होता है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि कानूनी दृष्टिकोण से इस प्रकार के संबंध में कई मुद्दे उत्पन्न हो सकते …

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क्या शादी के बाद लिव-इन रिलेशनशिप में संपत्ति के अधिकार प्रभावित होते हैं?

क्या शादी के बाद लिव-इन रिलेशनशिप में संपत्ति के अधिकार प्रभावित होते हैं?

लिव-इन रिलेशनशिप वह स्थिति है जिसमें दो व्यक्ति एक साथ रहते हैं बिना विधिक विवाह के। यह एक सामान्य स्थिति बनती जा रही है, लेकिन जब लिव-इन रिलेशनशिप शादी में परिवर्तित होती है, तो कई कानूनी पहलू उभर कर आते हैं। क्या शादी के बाद लिव-इन संबंध में एक साथी के पास संपत्ति के अधिकार …

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इललीगल टर्मिनेशन का कानूनी उपाय क्या है?

इललीगल टर्मिनेशन का कानूनी उपाय क्या है?

इललीगल टर्मिनेशन क्या है? इललीगल टर्मिनेशन  तब होती है जब किसी कर्मचारी को बिना उचित कारण, नियम या प्रक्रिया के नौकरी से निकाल दिया जाता है। यह उन मामलों में भी हो सकता है जब कर्मचारी को अपनी सैलरी मांगने, शिकायत करने, या अपनी स्थिति को सुधारने की कोशिश करने के कारण बर्खास्त किया जाता …

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