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Adv. Anjali Sandeep Kshirsagar

I am Anjali Sandeep Kshirsagar, professionally an advocate. I have 5 years experience in the realm of law. I have completed my Law I have been enrolled in the Bar council of Delhi and practicing in Delhi High Court. I'm more passionate about creating Criminal, Criminal Matter, Cyber Fraud, Money Recovery. I'm a good fit for people with businesses and individual conflicts and capable of resolving sensitive and complicated issues, identifying legal concerns, recognizing compliance with legal challenges.

Adv. Anjali Sandeep Kshirsagar
Complete procedure for filing a defamation case both civil and criminal

मानहानि का केस करने की पूरी प्रक्रिया: सिविल और क्रिमिनल दोनों तरीके से?

मानहानि का अर्थ है – किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को जानबूझकर सार्वजनिक रूप से नुकसान पहुँचाना। अगर कोई व्यक्ति लिखित, मौखिक या डिजिटल माध्यम से किसी के बारे में अपमानजनक बात कहता है जिससे उसकी समाज में छवि खराब होती है, तो वह मानहानि है। सामाजिक दृष्टिकोण से: समाज में प्रतिष्ठा एक अमूल्य संपत्ति है। …

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शादी का रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं?

शादी का रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं?

शादी का प्रमाण पत्र या मैरिज सर्टिफिकेट एक आधिकारिक दस्तावेज होता है जो आपके धर्म के अनुसार लगने वाले एक्ट के तहत दो लोगों की शादी को प्रमाणित करता है। शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए विवाह पंजीयक/ मैरिज रजिस्ट्रार द्वारा एक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। निम्नलिखित लेख में हम शादी के रजिस्ट्रेशन की …

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Documents required for marriage registration

शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज

शादी का रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है? शादी सिर्फ एक सामाजिक बंधन नहीं, बल्कि एक कानूनी अनुबंध भी है। शादी के रजिस्ट्रेशन से दंपति को एक आधिकारिक पहचान मिलती है, जो भविष्य में संपत्ति विवाद, वीज़ा प्रक्रिया, नाम बदलने, और तलाक जैसी कानूनी प्रक्रियाओं में उपयोगी होती है। भारत में शादी का रजिस्ट्रेशन मुख्यतः दो कानूनों …

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डाइवोर्स कितने प्रकार के होते है?

डाइवोर्स कितने प्रकार के होते है?

तलाक किसी भी शादीशुदा जोड़े के लिए किसी दुरास्वप्न से कम नहीं होता है। मगर तलाक अक्सर परिस्थिति जन्य ही होते हैं। शादीशुदा जीवन मे कुछ मामलों का बढ़ जाना कभी कभी तलाक की नौबत बन सकता है और कभी कभी यह आपसी सहमति के साथ ही एक अच्छे नोट पर लिया जाता है। सवाल …

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What is an agreement Know in easy language

एग्रीमेंट क्या होता है? जानिए आसान भाषा में

“समझौता” या एग्रीमेंट एक ऐसा कानूनी दस्तावेज़ होता है जिसमें दो या दो से अधिक पक्ष आपस में किसी काम को करने या न करने को लेकर सहमति जताते हैं। यह मौखिक भी हो सकता है, लेकिन अधिकतर मामलों में इसे लिखित रूप में तैयार किया जाता है ताकि भविष्य में इसे प्रमाण के रूप …

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वेबसाइट पॉलिसीज़ का क्या महत्व हैं?

वेबसाइट पॉलिसीज़ का क्या महत्व है?

नीतियां (Policies) किसी भी बिज़नेस या किसी भी संगठन (organisation) के लिए सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक हैं। किसी भी कंपनी के काम करने की प्रक्रियाएं, तरीके, कानूनी नीतियां, व्यापार मॉडल, आदि की सभी डिटेल्स उस कंपनी की नीतियों में परिभाषित की जाती हैं। आम तौर पर गोपनीयता नीति (privacy policy) किसी भी वेबसाइट …

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कॉरपोरेट कानून के लिए कॉन्ट्रैक्ट कैसे तैयार किये जाते है?

कॉरपोरेट के लिए कॉन्ट्रैक्ट कैसे तैयार किये जाते है?

अनुबंधों (Contracts) और समझौतों (agreements) को कॉरपोरेट की दुनिया का दिल माना जाता है। इसलिए, यह समझना जरूरी है कि सभी कॉन्ट्रैक्ट को बहुत ही सावधानीपूर्वक तैयार किया जाना चाहिए ताकि पार्टियों के बीच भविष्य में पैदा होने वाली किसी भी प्रकार की गलतफहमी को पहले ही ख़त्म किया जा सके। जैसा पहले भी कहा …

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How can illegal construction be stopped Know the legal remedies and procedure

अवैध निर्माण को कैसे रोका जा सकता है? जानिए कानूनी उपाय और प्रक्रिया

अवैध निर्माण क्या है? भारत में किसी भी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ज़रूरी होता है कि स्थानीय प्रशासन या विकास प्राधिकरण से उचित अनुमति (Building Plan Approval) ली जाए। जब किसी संरचना का निर्माण बिना स्वीकृति, ज़ोनिंग नियमों या निर्माण मानकों का पालन किए बिना किया जाता है, तो वह निर्माण …

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कोर्ट मैरिज, मैरिज रजिस्ट्रेशन से कैसे अलग है?

कोर्ट मैरिज, मैरिज रजिस्ट्रेशन से कैसे अलग है?

1954 में लागू हुए स्पेशल मैरिज एक्ट ने भारत में कोर्ट मैरिज को वैध/लीगल बना दिया है। इस एक्ट के तहत अगर कपल अलग धर्म, जाति, या संस्कृति से है तो भी वह एक दूसरे से शादी कर सकते है। इस एक्ट के तहत, एक व्यक्ति जो भारत से संबंधित नहीं है या भारत देश …

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रेप के आरोपों को रद्द करने के लिए शादी करना पर्याप्त नहीं है।

रेप के आरोपों को रद्द करने के लिए शादी करना पर्याप्त नहीं है।

रेप जैसे जघन्य अपराध को माफ नहीं किया जा सकता है और ना ही आरोपी को सिर्फ इस आधार पर छोड़ा जा सकता है कि वह विक्टिम से शादी करने के लिए तैयार है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि रेप के आरोपों को खत्म करने के लिए विक्टिम से शादी कर लेना पर्याप्त नहीं …

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