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Adv. Vidhi Saini

Advocate Vidhi Saini is a law graduate and has been advising and helping clients for the past 3 years and is master at organizing complex situations. I am currently working in Rohini Court, Tis Hazari Court and am registered with the Delhi Bar Council . My area of competence in the field of drafting is the creation of Any Legal Notice, Consumer Court Issue, Criminal Matter, Divorce, Maintenance. I counsel, advise, and practice in this area. I advise both companies and individuals in my capacity as counsel, identifying legal concerns and creating fresh strategies for resolving challenging problems.

Adv. Vidhi Saini
Resolving Property Disputes in India for NRIs – Know Your Legal Options

NRI के लिए भारत में प्रॉपर्टी डिस्प्यूट का समाधान – जानिए कानूनी विकल्प

कई NRI (Non-Resident Indians) के लिए भारत में मौजूद प्रॉपर्टी केवल एक निवेश नहीं होती, बल्कि उससे उनकी यादें, पारिवारिक जुड़ाव और वर्षों की मेहनत की कमाई जुड़ी होती है। वे अपने और अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य की उम्मीद से भारत में प्रॉपर्टी खरीदते या संभालकर रखते हैं। लेकिन विदेश में रहने के कारण …

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What is a suit for specific performance Learn the legal process for filing the case in court.

स्पेसिफिक परफॉरमेंस सूट क्या है? जानिए कोर्ट में केस फाइल करने की कानूनी प्रक्रिया

कई बार लोग आपसी भरोसे और लिखित समझौते के आधार पर बड़े फैसले लेते हैं, जैसे प्रॉपर्टी खरीदना या कोई व्यावसायिक सौदा करना। लेकिन जब कोई व्यक्ति अपनी की गई बात या समझौते का पालन नहीं करता, तो इससे केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं होता, बल्कि व्यक्ति की योजनाएं और उम्मीदें भी प्रभावित होती हैं। …

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Refusal of sexual relations by a spouse – will this be considered cruelty

पति या पत्नी द्वारा शारीरिक संबंध से इंकार – क्या यह क्रूरता माना जाएगा?

शादी केवल एक कानूनी रिश्ता नहीं है, बल्कि यह पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास, भावनात्मक सहयोग, साथ रहने और वैवाहिक संबंधों पर आधारित होता है। हर शादी में छोटे-मोटे मतभेद और समस्याएं आ सकती हैं, लेकिन जब पति या पत्नी बिना किसी उचित कारण के लंबे समय तक अपनी वैवाहिक जिम्मेदारियों से दूरी बना लेता …

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Supreme Court's stand on threats and misbehaviour by recovery agents – Know your legal rights

रिकवरी एजेंट की धमकी और बदसलूकी पर सुप्रीम कोर्ट का रुख – जानिए आपके कानूनी अधिकार

भारत में पर्सनल लोन, होम लोन, वाहन लोन और अन्य फाइनेंस सुविधाओं के बढ़ने के साथ बैंक और बॉरोअर के बीच विवाद भी बढ़ने लगे। खासकर तब, जब कोई व्यक्ति आर्थिक परेशानी, नौकरी जाने, बिजनेस नुकसान या अन्य कारणों से समय पर EMI या लोन का भुगतान नहीं कर पाता। ऐसे मामलों में कई बार …

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The bank refused to settle the loan What are your legal options now

बैंक ने लोन सेटलमेंट से मना कर दिया? अब क्या कानूनी विकल्प हैं

लोग आमतौर पर लोन या अन्य आर्थिक जिम्मेदारियां इस उम्मीद के साथ लेते हैं कि उनकी इनकम नियमित रहेगी और वे समय पर भुगतान कर पाएंगे। लेकिन कई बार अचानक आई आर्थिक मंदी, बिजनेस में नुकसान, मेडिकल इमरजेंसी, नौकरी चले जाना या लंबे समय तक आर्थिक परेशानी जैसी स्थितियां व्यक्ति की भुगतान करने की क्षमता …

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Can't repay your unsecured loan Learn about legal settlement options

अनसिक्योर्ड लोन नहीं भर पा रहे? लीगल सेटलमेंट के विकल्प जानिए

आर्थिक परेशानी के कारण होने वाले लोन विवाद कई बार व्यक्ति पर मानसिक, सामाजिक और कानूनी दबाव बढ़ा देते हैं। लगातार रिकवरी कॉल, कानूनी नोटिस, खराब होता क्रेडिट स्कोर और कोर्ट केस का डर ऐसे लोगों की चिंता और तनाव को और बढ़ा सकता है, जो पहले से ही नौकरी जाने, मेडिकल इमरजेंसी, बिजनेस नुकसान …

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When and how to file a curative petition in the Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पेटिशन कब और कैसे फाइल करें?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले देश में सबसे अधिक कानूनी महत्व रखते हैं और सामान्यतः उन्हें अंतिम माना जाता है। न्याय व्यवस्था की स्थिरता इसी बात पर निर्भर करती है कि अदालतों के फैसलों का सम्मान हो और मामलों को बार-बार दोबारा न खोला जाए। लेकिन कुछ बेहद दुर्लभ मामलों में ऐसा हो सकता है कि …

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Easy way to get a stay order from the Supreme Court – Get instant legal relief

सुप्रीम कोर्ट से स्टे ऑर्डर लेने का आसान तरीका – तुरंत कानूनी राहत पाएं

कई बार कानूनी मामलों में ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है जहाँ तुरंत कोर्ट की मदद लेना बहुत जरूरी हो जाता है। अगर समय रहते कोर्ट से राहत न मिले, तो व्यक्ति को ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई बाद में संभव नहीं होती। जैसे, जबरन रिकवरी की कार्रवाई, मकान या दुकान तोड़ने की …

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Received a defective product – How to file a complaint in Consumer Court

खराब प्रोडक्ट मिला है – कंस्यूमर कोर्ट में शिकायत कैसे करें?

आज के समय में लोग ऑनलाइन वेबसाइट, दुकानों, डीलर और अलग-अलग सर्विस प्रोवाइडर से नियमित रूप से सामान खरीदते हैं। लेकिन कई बार ग्राहकों को खराब, टूटा हुआ, नकली, असुरक्षित, अधूरा या विज्ञापन में बताए गए प्रोडक्ट से अलग सामान मिल जाता है। कई मामलों में सेलर रिप्लेसमेंट देने से मना कर देता है, रिफंड …

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Court order has come – how to know whether it is real or fake?

कोर्ट का ऑर्डर आया है – कैसे पता करें असली है या नकली?

कोर्ट का ऑर्डर मिलना किसी भी व्यक्ति के लिए चिंता की बात हो सकती है, खासकर जब उसे यह समझ न हो कि वह ऑर्डर असली है या नकली। आज के समय में कुछ लोग धोखाधड़ी, डराने या गलत तरीके से पैसे या प्रॉपर्टी वसूलने के लिए फर्जी कोर्ट ऑर्डर का भी इस्तेमाल करते हैं। …

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