Blogs Written By

Adv. Vidhi Saini

Advocate Vidhi Saini is a law graduate and has been advising and helping clients for the past 3 years and is master at organizing complex situations. I am currently working in Rohini Court, Tis Hazari Court and am registered with the Delhi Bar Council . My area of competence in the field of drafting is the creation of Any Legal Notice, Consumer Court Issue, Criminal Matter, Divorce, Maintenance. I counsel, advise, and practice in this area. I advise both companies and individuals in my capacity as counsel, identifying legal concerns and creating fresh strategies for resolving challenging problems.

Adv. Vidhi Saini
जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1969 क्या है?

जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1969 क्या है?

भारत में सभी नागरिकों के जन्म और मृत्यु का रजिस्ट्रेशन, जन्म और मृत्यु एक्ट, 1969 के तहत किया जाता है। अब, यह सवाल उठता है कि किसी व्यक्ति के जन्म और मृत्यु को रजिस्टर करना क्यों जरूरी है। किसी व्यक्ति के जन्म और मृत्यु का रिकॉर्ड रखना या उनकी मृत्यु की वजह को जानना देश …

जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1969 क्या है? Read More »

रिज़ल्ट में करप्शन को कैसे एक्सपोज़ करें।

परीक्षाओं में होने वाले भ्रष्टाचार को कैसे ख़त्म किया जा सकता है?

भारत में ज़्यादातर लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा/एजुकेशन देना चाहते हैं, लेकिन भ्रष्ट प्रथाओं और भ्रष्टाचार/करप्शन ने एजुकेशन सिस्टम पर अटैक/आक्रमण कर दिया है।  आजकल की मॉडर्न एजुकेशन मानव विकास/डेवेलपमेंट सिखाने के बजाय केवल पैसा बनाने और पूंजी/कैपिटल निर्माण पर केंद्रित/फोकस करती है। करप्शन की भूमिका ज्यादातर सरकारी ऑफिस, बिज़नेस ऑर्गनाईज़ेशन और पुलिस स्टेशन …

परीक्षाओं में होने वाले भ्रष्टाचार को कैसे ख़त्म किया जा सकता है? Read More »

Legal procedure for a common man to file a complaint to a magistrate

आम आदमी द्वारा मजिस्ट्रेट को शिकायत करने की कानूनी प्रक्रिया

कई बार ऐसा होता है जब कोई व्यक्ति पुलिस स्टेशन में शिकायत करता है लेकिन उचित कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में न्याय पाने के लिए भारतीय कानून आम आदमी को मजिस्ट्रेट के सामने सीधे शिकायत करने का अधिकार देता है। खासकर गंभीर अपराधों, पुलिस की निष्क्रियता, या पक्षपात की आशंका जैसी परिस्थितियों में मजिस्ट्रेट के …

आम आदमी द्वारा मजिस्ट्रेट को शिकायत करने की कानूनी प्रक्रिया Read More »

How to get a false FIR cancelled

झूठी एफआईआर कैसे रद्द कराएं?

एफआईआर (First Information Report) भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 154 के अंतर्गत दर्ज किया जाने वाला वह दस्तावेज़ है जो किसी संज्ञेय अपराध की सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा तैयार किया जाता है। एफआईआर दर्ज होने के साथ ही आपराधिक प्रक्रिया की शुरुआत हो जाती है। हालांकि, कभी-कभी लोग व्यक्तिगत रंजिश, बदला …

झूठी एफआईआर कैसे रद्द कराएं? Read More »

अगर हस्बैंड से दूर रहना ही घर की शांति का एकमात्र तरीका है, तो यह करने में कोई बुराई नहीं है।

क्या हस्बैंड को अपने ही घर से बेघर किया जा सकता है?

[वी अनुषा बनाम बी कृष्णन] के केस में पिटीशन की सुनवाई करते हुए, जज आरएन मंजुला द्वारा यह देखा गया कि अगर वाइफ को अपने हस्बैंड की उपस्थिति/प्रजेंस का इतना डर ​​है कि वह उसकी प्रेज़ेन्स में स्ट्रीमिंग शुरू कर देती है, तो कोर्ट केवल हस्बैंड को अपनी वाइफ को परेशान ना करने का निर्देश …

क्या हस्बैंड को अपने ही घर से बेघर किया जा सकता है? Read More »

Can the accused get bail in a rape case Know the legal process related to bail under BNS 64

क्या रेप केस में आरोपी को जमानत मिल सकती है? जानिए BNS 64 के तहत बेल से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया

भारत में बलात्कार (रेप) एक गंभीर और दंडनीय अपराध है, जिसे भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत परिभाषित किया गया है। यह अपराध गैर-जमानती श्रेणी में आता है, यानी आरोपी को स्वतः बेल नहीं मिलती है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में आरोपी व्यक्ति अदालत से बेल के लिए आवेदन कर सकता है। BNS …

क्या रेप केस में आरोपी को जमानत मिल सकती है? जानिए BNS 64 के तहत बेल से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया Read More »

भारत के डाइवोर्स केस पर विदेशी कोर्ट्स फैसला नहीं कर सकतीं है।

भारत में चल रहे डाइवोर्स केस पर क्या विदेशी कोर्ट का फैसला मान्य होगा?

बॉम्बे हाई कोर्ट के ऐतिहासिक केस में कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है की कपल की शादी मुंबई में हुई थी। और केवल इसलिए कि रिस्पोंडेंट (आदमी) के पास ब्रिटेन (यूके) में रहने का अधिकार है, चाहे वह अधिकार जन्म से हो या अपनी पसंद से लिया …

भारत में चल रहे डाइवोर्स केस पर क्या विदेशी कोर्ट का फैसला मान्य होगा? Read More »

डाइवोर्स फाइल होने पर क्या वाइफ अपने ससुराल में रहने की हकदार है?

क्या वाइफ डाइवोर्स की कार्यवाही के दौरान अपने ससुराल में रहने की हकदार है?

एक वाइफ को अपने हस्बैंड की प्रॉपर्टी/घर में तब तक रहने का अधिकार है, जब तक वे एक कपल हैं। जब तक कोर्ट द्वारा डाइवोर्स नहीं दिया जाता, तब तक वाइफ को हस्बैंड के घर से बेदखल नहीं किया जा सकता है। रंजन गोगोई, सीजे, एल नागेश्वर राव, और एसके कौल जे की सुप्रीम कोर्ट …

क्या वाइफ डाइवोर्स की कार्यवाही के दौरान अपने ससुराल में रहने की हकदार है? Read More »

नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले सेक्सुअल क्राइम्स

बाल योन शोषण में क्या सज़ा मिलती है?

सभी देशों के लिए वहां के बच्चे सबसे जरूरी और अनमोल संपत्ति होते है। 43 करोड़ से ज्यादा बच्चे जो देश का भविष्य हैं, देश के विकास के लिए एक जरूरी स्तंभ/पिलर माने जाते हैं। बच्चे भोले-भाले, कमजोर होते हैं और उनका आसानी से शोषण/अब्यूज़ किया जा सकता है। वह ना केवल अजनबियों से, बल्कि …

बाल योन शोषण में क्या सज़ा मिलती है? Read More »

मुस्लिम डाइवोर्स के लिए जरूरी लीगल प्रोसेस और डाक्यूमेंट्स क्या है?

मुस्लिम डाइवोर्स के लिए लीगल प्रोसेस और डाक्यूमेंट्स

एक कपल के बीच का मजबूत रिश्ता हमेशा एक अच्छी फैमिली बनाने में हेल्प करता है। इसलिए इस्लाम में आदेश दिया गया है कि कपल्स की शादी स्टेबल होनी चाहिए और शादी के दौरान किये गए वादों को तोड़ने भी मना है। शादी की शुरुवात में किसी भी शादी को तोड़ने का इरादा नहीं होता …

मुस्लिम डाइवोर्स के लिए लीगल प्रोसेस और डाक्यूमेंट्स Read More »