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Adv. Vikas Puri

I am Advocate Vikas Puri, interested in solving intricate cases. I have 8 years of experience. I have done my graduation in Law. I am enrolled in the Bar Council of Delhi and practicing in Delhi High Court, Karkardooma Court, Patiala House Court, Saket Court, Tis Hazari Court. I'm well trained in the field of Agreements, Cheque Bounce, Couple Protection, Court Marriage, Criminal Matter, Employment Matter, Marriage Registration, Money Recovery, Null & Void Marriage. I love to familiarise myself with tricky rigid cases related to both companies and individuals, identifying legal concerns and creating new and unharmed strategies for my clients.

Adv. Vikas Puri
Legal Procedure for Filing a Complaint in Consumer Court

कंस्यूमर कोर्ट में कंप्लेंट फाइल करने की कानूनी प्रक्रिया

आज के समय में लोग ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग, बीमा, यात्रा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कई सेवाओं का बड़े पैमाने पर उपयोग करते हैं। इससे ग्राहकों को सुविधा तो मिली है, लेकिन साथ ही खराब उत्पाद, खराब सेवा, झूठे विज्ञापन, गलत बिलिंग, धोखाधड़ी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार जैसी समस्याएं भी बढ़ी हैं। ऐसी समस्याओं …

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Child Custody After Divorce – Legal Rights for a Parent

डाइवोर्स के बाद बच्चे की कस्टडी – माता या पिता के लिए कानूनी अधिकार

तलाक होने के बाद पति-पत्नी का वैवाहिक संबंध समाप्त हो सकता है, लेकिन माता-पिता की जिम्मेदारियां समाप्त नहीं होतीं। तलाक के बाद भी बच्चे की परवरिश, शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की जिम्मेदारी दोनों माता-पिता की रहती है। जब बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद होता है, तो अदालत यह नहीं देखती कि मां या पिता …

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Are your in-laws mentally or physically harassing you for dowry What to do immediately

ससुराल वाले दहेज के लिए मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न कर रहे हैं? तुरंत क्या करें

आज भी भारत में दहेज उत्पीड़न केवल एक सामाजिक समस्या नहीं बल्कि महिलाओं की जान और सम्मान से जुड़ा गंभीर कानूनी मुद्दा बन चुका है। हाल ही में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और लखनऊ जैसे शहरों से ऐसी कई दर्दनाक खबरें सामने आईं, जहां नवविवाहित महिलाओं ने कथित दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर …

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NRI husband cheated and went abroad – what action should I take in India

NRI पति धोखा देकर विदेश चला गया – भारत में क्या कार्रवाई करें?

आज के समय में NRI शादी को लोग सुरक्षित और अच्छे भविष्य से जोड़कर देखते हैं। लेकिन कई मामलों में शादी के बाद महिलाओं को गंभीर कानूनी और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार पति शादी के बाद पत्नी को छोड़ देता है, जरूरी बातें छुपाता है, पैसे की मांग करता है …

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How is the statement recorded under Section 183 of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita BNSS

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत बयान कैसे रिकॉर्ड होता है?

आपराधिक मामलों में जांच के दौरान दिए गए बयान बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि आगे चलकर पूरा केस इन्हीं पर आधारित हो सकता है। लेकिन पुलिस कस्टडी में दिए गए बयान कभी-कभी डर, दबाव या किसी असर में लिए जा सकते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कानून ने यह व्यवस्था बनाई है …

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How to file a case in the labor court Learn the complete process.

लेबर कोर्ट में केस कैसे फाइल करें? जानिए पूरी प्रक्रिया

एम्प्लॉयमेंट सिर्फ कमाई का जरिया नहीं होता, बल्कि यह आपकी आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और स्थिर जीवन की नींव होता है। लेकिन कई बार नौकरी में ऐसी समस्याएँ आ जाती हैं, जैसे बिना वजह नौकरी से निकाल देना, सैलरी न देना या गलत व्यवहार करना, तो व्यक्ति समझ नहीं पाता कि उसके अधिकार क्या हैं और …

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Can't Repay Your Loan How to Settle A Complete Legal and Practical Guide

लोन नहीं चुका पा रहे हैं सेटलमेंट कैसे करें? पूरी कानूनी और प्रैक्टिकल गाइड

आज के समय में लोन लेना आम बात हो गई है। लोग घर खरीदने, बिज़नेस बढ़ाने या अपनी व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक से लोन लेते हैं। लेकिन कई बार ऐसी परिस्थितियाँ आ जाती हैं, जैसे नौकरी जाना, अचानक मेडिकल खर्च आना या आर्थिक समस्या, जिनकी वजह से समय पर EMI भरना …

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Lost the case in DRT – Know how to appeal in DRAT

DRT में केस हार गए – जानिए DRAT में अपील कैसे करें?

DRT (डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल) में अगर आपके खिलाफ फैसला आ जाता है, तो यह स्थिति काफी तनावपूर्ण और चिंता वाली हो सकती है। ऐसे में बैंक आपकी प्रॉपर्टी पर रिकवरी, अटैचमेंट या अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकता है, जिससे व्यक्ति पर मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ जाता है। लेकिन यह समझना बहुत जरूरी है …

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Fired for taking maternity leave – Know your legal rights

मैटरनिटी लीव लेने पर नौकरी से निकाल दिया – जानिए आपके कानूनी अधिकार

प्रेगनेंसी का समय एक महिला के लिए देखभाल, सपोर्ट और सुरक्षा का समय होना चाहिए। लेकिन कई कामकाजी महिलाओं के लिए यह समय तनाव और डर से भरा होता है, क्योंकि उन्हें अपनी नौकरी जाने का डर रहता है। अक्सर ऐसा होता है कि जैसे ही महिला अपने एम्प्लॉयर को प्रेगनेंसी के बारे में बताती …

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How to file a complaint under the POSH Act Learn the complete process and your rights.

POSH एक्ट के तहत कंप्लेंट कैसे करें? जानिए पूरी प्रक्रिया और आपके अधिकार

आज के समय में हर कर्मचारी को सुरक्षित, सम्मानजनक और अच्छे माहौल में काम करने का अधिकार होता है। लेकिन कई बार कार्यस्थल पर गलत व्यवहार, अनचाही हरकतें, अभद्र भाषा या असहज माहौल जैसी समस्याएँ देखने को मिलती हैं। ऐसी समस्याओं से बचाने के लिए भारत में POSH एक्ट, 2013 के तहत कानून बनाया गया …

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