क़ानून और धाराएं

What are the rights of a husband if his wife files a false complaint with the police

वाइफ द्वारा पुलिस में झूठी शिकायत करने पर पति के अधिकार क्या हैं?

आज के समय में दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और अन्य अपराधों के खिलाफ महिलाओं के संरक्षण के लिए कई सख्त कानून बनाए गए हैं। लेकिन दुख की बात है कि कुछ मामलों में इन कानूनों का दुरुपयोग भी होता है। जब पत्नी बिना सच्चाई के पति और उसके परिवार पर झूठे आरोप लगाकर पुलिस में …

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क्या भारत में अपने धर्म के अनुसार शिक्षा लेने का अधिकार है?

क्या भारत में अपने धर्म के अनुसार शिक्षा लेने का अधिकार है?

भारत एक ऐसा देश है जहां कई अलग-अलग धर्म और जातियों के लोग एक साथ रहते है और मिलकर एक समाज बनाते है। हमारा भारत देश धार्मिक विविधता को गले लगाता है। देश में कई सारे धर्मों का एक साथ रहना इस बात को साबित करता है कि भारत एक पंथनिरपेक्ष (Secular) देश है। हमारे …

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हिन्दू लोगों के लिए भारत में बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया क्या है

हिन्दू एडॉप्शन एक्ट के तहत बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया क्या है?

हिन्दू अडोप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट, 1956 क्या है? हिंदू एडॉप्शन और मेन्टेन्स एक्ट बच्चों, पत्नी और ससुराल वालों के रखरखाव और अन्य कानूनी दायित्वों द्वारा बच्चों को गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया से संबंधित है। इस लेख के पहले भाग में, हम हिंदुओं के लिए गोद लेने के बारे में बात करेंगे और दूसरा भाग …

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Section 180 of BNSS Statement of witness before police and its legal procedure

BNSS की धारा 180: पुलिस के सामने गवाह का बयान और उसकी कानूनी प्रक्रिया

गवाहों की भूमिका और पुलिस जांच की नींव भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली की मजबूती इस पर निर्भर करती है कि जांच कितनी निष्पक्ष, वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित है। जब कोई अपराध होता है, तो गवाहों के बयान न केवल जांच को दिशा देते हैं, बल्कि मुकदमे की बुनियाद भी तय करते हैं। पहले ये प्रक्रिया …

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क्या नाजायज़ बच्चे पुश्तैनी प्रॉपर्टी के हक़दार है?

क्या नाजायज़ बच्चे पुश्तैनी प्रॉपर्टी के हक़दार है?

सभी कहते है कि बच्चे भगवान् का रूप होते है। अगर वही वो एक नाजायज़ बच्चा हो तो सभी की सोंच और नजरिया बदल जाता है। हालाँकि, कानून की नज़र में ऐसा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने एक केस के चलते फैसला सुनाया कि नाजायज बच्चे भी अपने पेरेंट्स की प्रॉपर्टी के हकदार है। हांलांकि, …

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भारत में किरायेदार के क्या अधिकार है?

भारत में किरायेदार के क्या अधिकार है?

बहुत अधिकार हैं जो किरायेदार और मकान मालिक के बीच परस्पर जुड़े हुए होते हैं। जब भी एक मकान मालिक किसी किरायदार को अपनी प्रॉपर्टी किराय पर देता है तब उनके बीच यह रिश्ता एक कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से बनाया जाता हैं। आइए इस लेख के माध्यम से किरायेदार के अधिकारों को समझते हैं। एक …

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पॉक्सो चार्ज के केस में दिल्ली हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय

पॉक्सो चार्ज के केस में दिल्ली हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय

पॉक्सो चार्ज 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों अर्थात नाबालिगों के लिए यौन सुरक्षा प्रदान करता है । यह अधिनियम बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों यौन उत्पीड़न को कम करने के उद्देश्य तथा इसको बिल्कुल भी खत्म करने के उद्देश्य से बनाया गया है इस अपराध के तहत अपराधी को अन्य महिला …

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नाबालिग लड़की से जबरदस्ती शादी करके रेप करने पर पॉक्सो के तहत सज़ा के क्या प्रावधान है।

क्या नाबालिग पत्नी से मैरिटल रेप में POSCO लगेगी?

भारत के संविधान के अनुसार किसी भी 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नाबालिग माना जाता है । यदि किसी नाबालिग बच्चे के साथ किसी भी तरह का सेक्सुअल क्राइम होता है तो उसका निस्तारण पाक्सो कानून के अंतर्गत होता है । इस तरह के मुकदमों की स्पेशल कोर्ट सुनवाई करता है । …

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केस में देरी होना आर्टिकल 21 का उल्लंघन है।

क्या केस में देरी होना आर्टिकल 21 का उल्लंघन है?

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी एक टिप्पणी के माध्यम से उच्च न्यायालयों से कहा है कि शीघ्रता से फैसला न आना अथवा निर्णय देने में देरी वास्तव में संविधान के आर्टिकल 21 का उल्लंघन है । इसलिए सभी न्यायालयों को चाहिए कि वे इससे बचें। सुप्रीम कोर्ट के इस टिप्पणी के अनुसार  “न्याय …

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दोबारा रिमांड के आदेश देना केस को लंबा खींचता है।

दोबारा रिमांड के आदेश देना केस को लंबा खींचता है।

हाल ही में यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में दी । उस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द करने का आदेश दिया था जिसमें हाईकोर्ट द्वारा रिमांड को लेकर एक आदेश दिया गया था । सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रीमांड का आदेश मुकदमे को और अधिक लंबा …

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