हस्बैंड-वाइफ के बीच के झगड़ों को सुलझाने के उपाय

हस्बैंड-वाइफ के बीच के झगड़ों को सुलझाने के उपाय

एक पार्टी का अधिकार, क्लेम या डिमांड तब पूरी होती यही जब दूसरी तरफ कोंट्ररी क्लेम्स या एलीगेशंस लगाए जाते है, जिसके परिणामस्वरूप एक कनफ्लिक्ट या कंट्रोवर्सी होता है, जिसे मेनली डिस्प्यूट के रूप में जाना जाता है। डिस्प्यूट कई प्रकार के, जैसे – जो दो पार्टियों के बीच या एक ग्रुप के बीच हो …

हस्बैंड-वाइफ के बीच के झगड़ों को सुलझाने के उपाय Read More »

एडवोकेट ने एसडीएम, एसएचओ, एचसीबीए द्वारा उत्पीड़न होने पर किया आत्मदाह

एडवोकेट ने एसडीएम, एसएचओ, एचसीबीए द्वारा उत्पीड़न होने पर किया आत्मदाह

सीकर में रहने वाले 40 साल के एक एडवोकेट हंसराज मालवीय की हाल ही में सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट के ऑफिस में खुद को आग लगाने से मौत हो गई। लॉयर ने अपने सुसाइड नोट में कहा है कि उसे सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) राकेश कुमार द्वारा परेशान किया जा रहा था और कोर्ट में रिविन्यू से रिलेटेड …

एडवोकेट ने एसडीएम, एसएचओ, एचसीबीए द्वारा उत्पीड़न होने पर किया आत्मदाह Read More »

कोर्ट मैरिज में विटनेस अरेंज कैसे करें।

कोर्ट मैरिज में विटनेस अरेंज कैसे करें।

गवाह/विटनेस शब्द का मतलब उस व्यक्ति से है जो एक्सेप्ट करता है कि यह एक्टिविटी होते समय मै उस सिचुएशन में प्रेजेंट था। हालाँकि, विटनेस का अलग अलग सिचुऎशन्स में अलग अलग मतलब हो सकता है: वह व्यक्ति जो किसी इंसिडेंट (क्राइम या एक्सीडेंट) होने के समय इंसिडेंट की जगह पर प्रेजेंट था, उसे विटनेस …

कोर्ट मैरिज में विटनेस अरेंज कैसे करें। Read More »

अगर मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग आर्टिब्रेशन क्लॉज़ वाले एग्रीमेंट की वजह से उत्पन्न होता है, तो वह वैलिड है।

अगर मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग आर्टिब्रेशन क्लॉज़ वाले एग्रीमेंट की वजह से उत्पन्न होता है, तो मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग वैलिड है।

हाल ही में, दिल्ली हाई कोर्ट ने (जूकी प्राइवेट लिमिटेड v मेसर्स कैपिटल अपेरल्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड) के केस में फैसला किया कि अगर दोनों पार्टियों द्वारा साइन किये हुए एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग में कहा गया है कि बचे हुए अमाउंट की पेमेंट के लिए आर्टिब्रेशन सुनवाई की मांग की जा सकती है, तो …

अगर मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग आर्टिब्रेशन क्लॉज़ वाले एग्रीमेंट की वजह से उत्पन्न होता है, तो वह वैलिड है। Read More »

रेप लॉ जेंडर-न्यूट्रल होने चाहिए और पुरुष को बहलाने वाली महिला को भी दंडित किया जाना चाहिए।

रेप लॉ जेंडर-न्यूट्रल होने चाहिए और पुरुष को बहलाने वाली महिला को भी दंडित किया जाना चाहिए।

भारत में फोर्थ नंबर पर आने वाला सबसे मुख्य क्राइम रेप है। रेप को आम तौर पर पुरुष द्वारा, एक महिला के अगेंस्ट किया गया क्राइम माना जाता है। हालाँकि, यह क्राइम पुरुषों, होमोसेक्सुअल्स और ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के अगेंस्ट भी होता है। यूनाइटेड स्टेटस अमेरिका में डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन सेंटर द्वारा की गयी एक …

रेप लॉ जेंडर-न्यूट्रल होने चाहिए और पुरुष को बहलाने वाली महिला को भी दंडित किया जाना चाहिए। Read More »

मैरिज सर्टिफिकेट इशू करना आर्य समाज का काम नहीं है।

मैरिज सर्टिफिकेट इशू करना आर्य समाज का काम नहीं है।

भारत में 1875 में एक हिंदू सुधार आंदोलन, धार्मिक संगठन के रूप में शुरू हुआ था। यह संगठन मनाता है की सभी धर्मों का एक ही भगवान है। साथ ही, यह वेदों में लिखी गयी हर बात सही होने और उसके आदर्शों और प्रथाओं में विश्वास रखता है। इस संगठन को आर्य समाज के नाम …

मैरिज सर्टिफिकेट इशू करना आर्य समाज का काम नहीं है। Read More »

नेशनल लेवल पर माइनॉरिटीज़ के रूप में मुस्लिम्स, क्रिस्चंस, सिखों, बौद्धों, पारसियों और जैनियों की नोटिफिकेशन को चैलेंज देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल

नेशनल लेवल पर माइनॉरिटीज के रूप में मुस्लिम्स, क्रिस्चंस, सिखों, बौद्धों, पारसियों और जैनियों की नोटिफिकेशन को चैलेंज देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल

देवकीनंदन ठाकुर द्वारा संविधान के आर्टिकल 29 और 30 के तहत, डिस्ट्रिक्ट लेवल पर माइनॉरिटीज़ की सही पहचान करके, उन्हें प्रॉफिट देने के लिए एक पीआईएल फाइल की गयी थी।  फाइल की गयी पीआईएल के अनुसार, 1993 में भारत सरकार/ इंडियन गवर्मेंट द्वारा मुसलमानों, सिखों, बौद्धों, पारसियों और जैनियों को नेशनल लेवल पर अल्पसंख्यक/माइनॉरिटी घोषित …

नेशनल लेवल पर माइनॉरिटीज़ के रूप में मुस्लिम्स, क्रिस्चंस, सिखों, बौद्धों, पारसियों और जैनियों की नोटिफिकेशन को चैलेंज देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन फाइल Read More »

ससुर किसी अन्य व्यक्ति के साथ अपनी बहू का रेप नहीं कर सकता- इलाहाबाद हाई कोर्ट

ससुर किसी अन्य व्यक्ति के साथ अपनी बहू का रेप नहीं कर सकता- इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपनी बहू के साथ रेप के एक आरोपी और सह-आरोपी को यह कहते हुए ऐंटिसिपेटरी बेल दे दी है कि “यह काफी अप्राकृतिक/अननेचूरल है कि एक ससुर हमारी भारतीय संस्कृति में किसी अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर अपनी ही बहू के साथ बलात्कार/रेप करे। “ फैक्ट्स: बाबू खान(आरोपी), जिन पर उनकी …

ससुर किसी अन्य व्यक्ति के साथ अपनी बहू का रेप नहीं कर सकता- इलाहाबाद हाई कोर्ट Read More »

क्या वाइफ मेंटेनेंस अमाउंट के ना मिलने पर हस्बैंड द्वारा कमाई हुई प्रापर्टी पर दावा कर सकती है?

क्या वाइफ मेंटेनेंस अमाउंट के ना मिलने पर हस्बैंड द्वारा कमाई हुई प्रापर्टी पर दावा कर सकती है?

एक अपील पर सुनवाई करते हुए, आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के जज सुब्बा रेड्डी सत्ती ने फैसला लिया कि क्योंकि इस बात का कोई एविडेंस पेश नहीं किया गया कि हस्बैंड ने अपनी वाइफ और बच्चों की बेसिक नीड्स पूरी नहीं की है, इसलिए वाइफ द्वारा हस्बैंड की खुद कमाई हुई प्रॉपर्टी पर किया गया …

क्या वाइफ मेंटेनेंस अमाउंट के ना मिलने पर हस्बैंड द्वारा कमाई हुई प्रापर्टी पर दावा कर सकती है? Read More »

आर्बिट्रेशन के फैसले में देरी होने पर उसके फैसले को चैलेंज किया जा सकता है।

आर्टीब्रेशन के फैसले में देरी होने पर उसके फैसले को चैलेंज किया जा सकता है।

जज विभु बाखरू की सिंगल जज बेंच ने कहा कि अगर बिना किसी वैलिड रीज़न के आर्बिट्रल अवार्ड में देरी होती है, तो ऐसे केसिस में आर्बिट्रेशन के फैसले को चैलेंज किया जा सकता है। इस केस के दौरान यह माना गया कि बिना किसी एक्सप्लेनेशन दिए आर्बिट्रेशन के फैसले में देरी करना भारत की …

आर्बिट्रेशन के फैसले में देरी होने पर उसके फैसले को चैलेंज किया जा सकता है। Read More »